इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने आरोप लगाया है कि भारत सरकार ने उनके किसी भी शांति प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा, दो परमाणु सम्पन्न देशों के बीच कोई भी युद्ध आत्मघाती हो सकता है। शांति के लिए द्विपक्षीय वार्ता ही एकमात्र सही रास्ता है।
इमरान ने फिर शांति वार्ता की इच्छा जताई-
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी प्रमुख इमरान खान ने तुर्की की एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में यह बात कही। पीटीआई के मुताबिक, इमरान खान ने इच्छा जताई है कि वह एक बार फिर शांति वार्ता के लिए भारत से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि वे दो देशों के बीच शीत युद्ध के लिए भी कभी तैयार नहीं रहे, क्योंकि ये दोनों के हित में नहीं था।
दो परमाणु देशों के लिए युद्ध सुसाइड है-
इमरान ने कहा, दो परमाणु सम्पन्न देशों को युद्ध के बारे में कभी नहीं सोचना चाहिए। इनके बीच शीत युद्ध भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे हालात और भी बिगड़ जाते हैं। द्विपक्षी बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। दो परमाणु देशों के लिए युद्ध सुसाइड की तरह है। कश्मीर मुद्दे पर इमरान ने कहा कि भारत कभी भी कश्मीरी लोगों के अधिकारों को कुचल नहीं पाएगा। उन्होंने कहा, भारत ने कभी भी शांति वार्ता पर प्रतिक्रिया नहीं दी। भारत हमेशा से यह कहता रहा है कि आतंक और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। अगर भारत शांति के लिए एक कदम बढ़ाता, तो हम दो कदम बढ़ाते। लेकिन, भारत हमेशा से ही पाकिस्तान के बातचीत के ऑफर को ठुकराता रहा। 2016 के बाद भारत-पाक संबंध ज्यादा तनावपूर्ण हुए 2016 में पाकिस्तान आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकवादी हमलों और पाक अधिकृत कश्मीर के अंदर भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक संबंध ज्यादा तनावपूर्ण हो गए। साथ ही 2017 के बाद से दोनों के बीच कोई द्विपक्षीय वार्ता नहीं होने के कारण भी दोनोंं देशों के बीच संबंध और भी खराब हो गए।
