नई दिल्ली। नए नियमों के मुताबिक किसानों के लिए प्रीमियम की राशि कम की जा सकती है. साथ ही तुरंत मुआवजा मुहैया कराने के लिए कृषि बीमा अथॉर्टी का गठन भी किया जा सकता है. किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा को सरल और प्रभावी बनाने के लिए कृषि मंत्रालय बड़े सुधारों की तैयारी कर रहा है. नए नियमों के मुताबिक किसानों के लिए प्रीमियम की राशि कम की जा सकती है. साथ ही तुरंत मुआवजा मुहैया कराने के लिए कृषि बीमा अथॉर्टी का गठन भी किया जा सकता है. ( ये भी पढ़ें: मोदी सरकार की किसानों के लिए स्कीम तैयार! खेती के लिए देगी रकम)
फसल बीमा योजना में बदलाव की तैयारी-
> किसानों के लिए आसान और प्रभावी बनेगी स्कीम
>> किसानों के लिए प्रीमियम राशि कम हो सकती है.
>> तुरंत मुआवजा देने के लिए कृषि बीमा अथॉर्टी संभव
>> इश्योरेंस कंपनियों की बजाय सरकार तय करेगी मुआवजा.
>> सरकार के पास कार्रवाई के ज्यादा अधिकार होंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय और कृ़षि मंत्रालय के बीच बैठको को दौर जारी.
>> अभी किसानों को समय पर और सही मुआवजा नहीं मिलता है.
>> 2016-17 में राज्य, केन्द्र सरकार ने 22,345 करोड़ का प्रीमियम दिया
>> 2016-17 में 16,195 करोड़ का मुआवाजा दिया गया
>> 2017-18 में राज्य, सरकार ने 26,610 करोड़ का प्रमियम दिया
>> 2017-18 में 18,532 करोड़ रुपये का मुआवाज दिया
>> 2017-18 में किसानों 5,000 करोड़ रुपये प्रीमियम के तौर पर दिए
> कंपनियों ने करीब 8,000 करोड़ रुपये की आय
