ग्वालियर। भू-माफिया पर शिकंजा कसने और सरकारी जमीन बेचकर गरीबों को ठगने वालों को पहली बार जिला प्रशासन ने तगड़ा झटका दिया है। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने सुरेंद्र यादव उर्फ बल्ली कमरिया के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई कर तीन माह के लिए निरुद्ध किया है। 2005 से बल्ली कमरिया सरकारी भूमि को निजी बताकर बेचने से लेकर हर तरह के अपराध में लिप्त है। वह बार-बार जेल से बरी होकर अपराध करता था। पांच अक्टूबर को एसपी ने बल्ली पर 10 हजार का इनाम घोषित किया और गुरुवार को सिरोल पुलिस ने आधिकारिक गिरफ्तारी की। इसके बाद रासुका के आदेश जारी हुए।
हाल ही में सिरोल में अंबेडकर पार्क के सामने हाईकोर्ट के आदेश पर 32 आवास बतौर अतिक्रमण हटाए गए थे। इन सभी लोगों को सुरेंद्र सिंह यादव पुत्र जनक सिंह यादव निवासी सिरोल ने निजी जमीन बताकर सरकारी जमीन बेच डाली थी। इसमें चार मुकदमे धोखाधड़ी के सिरोल थाने में बल्ली कमरिया के खिलाफ दर्ज किए गए। इससे पहले भी बल्ली जमीनों के लंबे-चौड़े हेरफेर कर चुका है। 2005 से बल्ली जमीनों की धोखाधड़ी, मारपीट, जुआ, एससी-एसटी एक्ट के दायरे में आने वाले और वसूली जैसे अपराध करता आ रहा है।
क्राइम ब्रांच टीआई दामोदर गुप्ता और सिरोल थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह की टीम ने मोहनपुर हाइवे से बल्ली को गिरफ्तार किया है।
अब भू-माफिया का इलाज यही सरकारी जमीनों को निजी बताकर गरीबों को ठगने का सिलसिला नहीं चलने दिया जाएगा। भू-माफिया पर अब रासुका जैसी कठोर कार्रवाई ही होगी। यही भू माफिया का इलाज होगा।
