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Friday, December 27, 2019

सूर्य ग्रहण के दौरान यहां तीन बच्‍चों को मां-बाप ने जमीन में गले तक गाड़कर रखा, यह थी वजह

कर्नाटक। सूर्य ग्रहण के दौरान देश के एक कोने से अजीबो गरीब वाकये की खबर सामने आई है। यहां तीन बच्‍चों को पूरे ग्रहण काल के दौरान जमीन में गले तक गाड़कर रखा गया। यह काम किसी और ने नहीं, खुद इन बच्‍चों के परिजनों ने ही किया था। असल में ये बच्‍चे दिव्‍यांग हैं और इनके घरवालों ने किसी एक विशेष मान्‍यता के चलते यह किया। उनका विश्‍वास है कि ऐसा करने से इन बच्‍चों की विकृति दूर हो जाएगी और सारे कष्‍टों का निवारण हो जाएगा।
यह घटना कर्नाटक के कलबुर्गी के ताज सुल्‍तानपुर गांव की है। इस सुदूर अंचल में आज सुबह से ही सूर्य ग्रहण का इंतजार किया जा रहा था क्‍योंकि एक विशेष अनुष्‍ठान को पूरा किया जाना था। तीन बच्‍चों को परिजनों ने जमीन में गहरा गड़्ढा खोदकर उन्‍हें गले तक गाड़ दिया।
जब तक ग्रहण लगा रहा, ये बच्‍चे इसी अवस्‍था में जमीन में दबे रहे। ग्रहण की अवधि समाप्‍त होने के बाद बच्‍चों को बाहर निकाल लिया गया। इन बच्‍चों की तस्‍वीरें समाचार एजेंसी एएनआई ANI के माध्‍यम से सामने आईं। पहचान छुपाने के लिए बच्‍चों के चेहरे धुंधले कर दिए गए हैं।
बच्चों को पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के मुताबिक माता-पिता के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। कुछ अन्‍य गांवों में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। प्रशासन मामले को लेकर हरकत में आ गया है।
बच्‍चों की उम्र 3, 8 और 11 साल:-
यह घटना सुबह 8 से 11 के बीच की है। जिन बच्‍चों को जमीन में गाड़ा गया, उनकी उम्र 3 साल, 8 साल और 11 साल बताई गई है।
तहसीलदार को फोन पर मिली सूचना, बच्‍चों को बाहर निकालकर अस्‍पताल ले गए:-
कालाबुर्गी तहसीलदार मल्‍लेशा ने कहा कि हमें किसी ने फोन पर इसकी सूचना दी थी। जैसे ही घटनास्‍थल पर पहुंचे वहां हमने बच्‍चों को गहरे कीचड़ में दबा पाया। हमने उन्‍हें बाहर निकाला और सीधे अस्‍पताल ले गए। उन्‍होंने कहा कि अब जिला प्रशासन इसके आगे कुछ तय करेगा कि क्‍या करना है। हो सकता है, इस पर लीगल एक्‍शन भी लिया जाए।
डिप्‍टी कमिश्‍नर ने कहा, घटना की जांच होगी:-
इस मामले में कलबुर्गी के उपायुक्‍त बी शरथ ने कहा है कि “हमने बच्चों को बचाया है और पुलिस से पूरे मामले की जांच करने को कहा है। हम लोगों के लिए इस तरह के अंधविश्वासों में शामिल नहीं होने के लिए एक जागरूकता अभियान भी चलाएंगे।
इसी जिले के दूसरे गांवों में भी ऐसी ही घटनाएं:-
कालाबुरागी जिले के अफजलपुर तालुक के अर्जुनगी गांव में भी ऐसी ही घटनाएं सामने आईं। एक अन्य घटना में विजयापुर में एक परिवार ने अपने 24 वर्षीय बेटे को दफन कर दिया जो शारीरिक विकृति से पीड़ित था।
इस साल का यह आखिरी सूर्य ग्रहण था। पिछले कुछ समय से 26 दिसंबर के सूर्य ग्रहण की चारों ओर चर्चाएं थीं। यह खंडग्रास सूर्य ग्रहण था। भारत में दक्षिणी राज्‍यों में यह वलय के आकार का देखा गया जबक‍ि अन्‍य राज्‍यों में यह आंशिक ही देखा गया। ग्रहण का समय सुबह 8 बजे से आंरभ हुआ था और यह 10 बजकर 59 मिनट पर समाप्‍त हो गया। शाम को इसका सूतक भी खत्‍म हो गया।