भोपाल. मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उठा पटक के बीच सोमवार से होने वाले बजट सत्र की कार्यसूची रविवार देर शाम जारी कर दी गई. चौंकाने वाली बात ये है कि कार्य सूची में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं है. इस सूची के अनुसार, सोमवार को सबसे पहले राज्यपाल का विधानसभा में अभिभाषण होगा. बता दें, बीजेपी नेता लगातार फ्लोर टेस्ट की मांग कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस नेता इस परिस्थिति में भी बहुमत सिद्ध करने का दावा कर रहे हैं. इससे पहले मध्य प्रदेश के सीएम कमलानाथ ने वर्तमान सियासी गतिविधियों पर एक बयान दिया था. न्यूज 18 से खास बातचीत में कमलनाथ ने उनकी सरकार पर किसी भी तरह के खतरे से साफ इनकार किया था. उन्होंने यह दावा किया था कि यदि विधानसभा की फ्लोर टेस्ट को पास कर लेंगे. इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर विधायकों को बंदी करने का आरोप लगाया था.
कमलनाथ ने बीजेपी को लिया आड़े हाथ:-
कमलनाथ ने इससे पहले बीजेपी पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायकों को बेंगलुरु में बंदी बना कर रखा गया है. कमलनाथ ने यह भी कहा कि बीजेपी की इस हरकत पर प्रदेश की जनता को ही सोचना है कि किस हद तक बीजेपी घबराई हुई.
कमलनाथ ने इससे पहले बीजेपी पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस के विधायकों को बेंगलुरु में बंदी बना कर रखा गया है. कमलनाथ ने यह भी कहा कि बीजेपी की इस हरकत पर प्रदेश की जनता को ही सोचना है कि किस हद तक बीजेपी घबराई हुई.
बीजेपी के नेता ही लाए इस्तीफे:-
इस बातचीत में कमलनाथ ने कहा कि बीजेपी अपने ही जहाज में बैठाकर कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु ले गई. वहां कर्नाटक पुलिस उनकी सुरक्षा कर रही है और अब उनके इस्तीफे भी बीजेपी नेता लाकर दे रहे हैं. ऐसे में साफ है कि कांग्रेस के विधायकों को बंदी बनाकर रखा जा रहा है.
डर गई है बीजेपी:-
सीएम कमलनाथ ने कहा कि उनकी ओर से प्रदेश में चलाए जा रहे अभियानों के कारण बीजेपी डर गई है. सीएम ने कहा कि माफियाओं और कालाबजारी के खिलाफ लगातार चल रहे अभियानों के बाद बीजेपी ने बचने के लिए यह नया पैंतरा चला है. उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में बीजेपी सरकार के कार्यकाल में हुए घोटालों के उजागर होने के डर से अब ये काम किया जा रहा है. उन्होंने सारे विधायकों के साथ होने का दावा किया और कहा किसी भी तरह का डर नहीं है.
