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Sunday, March 15, 2020

मप्र में सियासत: बागी विधायकों को दोबारा नोटिस जारी किया, अब सभी को पेश होने के लिए आज का समय

भोपाल। मध्य प्रदेश में चल रही राजनीतिक उथलपुथल के बीच कांग्रेस के सिंधिया समर्थक 19 विधायक और इससे पहले लापता हुए विधायकों में से वे 3 विधायक, जो अब तक स्पीकर के सामने नहीं पहुंचे हैं। इन 22 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति 15 मार्च तक पेश होने का दोबारा नोटिस दिया है।
इससे पहले प्रजापति ने सभी 22 विधायकों को तीन अलग-अलग तारीखों में बुलाया था, लेकिन उनके नहीं आने पर ये नया नोटिस जारी किया गया है, जिसके चलते अब ये विधायक 15 मार्च को शाम 5 बजे तक पेश हो सकते हैं।
अब ये कर सकती है सरकार:-
यदि इस नोटिस के बाद भी ये विधायक उपस्थित नहीं होते हैं, तो माना जा रहा है कि ऐसी स्थिति में सरकार फ्लोर टेस्ट टाल सकती है। इसके अलावा इन सभी विधायकों के उपस्थित नहीं होने पर सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटा सकती है। नियम के अनुसार इन सभी विधायकों को स्पीकर के सामने उपस्थित होना जरूरी है।
सिंधिया के समर्थक हैं विधायक:-
बेंगलुरु के रिजॉर्ट में ठहराए गए कांग्रेस के 19 विधायक अपना इस्तीफा भेज चुके हैं, वहीं 3 विधायकों में से एक विधायक का इस्तीफा सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो चुका है। ऐसे में इन विधायकों को लेकर सरकार में संशय की स्थिति बनी हुई है।
इससे पहले विधानसभा स्पीकर द्वारा नोटिस जारी करने के बाद इनमें से 6 विधायकों को शुक्रवार को भोपाल आना था, लेकिन दिनभर के इंतजार के बाद आखिरी मौके पर उनका आना कैंसिल हो गया।
वहीं, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा बेंगलुरु में विधायकों से मिलने पहुंचे। विधायक पहले से नड्डा के संपर्क में हैं। इससे पहले 12 मार्च को कमलनाथ सरकार के मंत्री जीतू पटवारी भी विधायकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे थे, लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया।
विधायकों के इस्तीफे की जांच की मांग:-
वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को संसदीय कार्यमंत्री गोविंद सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष से 19 विधायकों के इस्तीफों की विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इन विधायकों को स्पीकर के समक्ष बुलाया जाए और यह जांच-पड़ताल की जाए कि उन्होंने इस्तीफा किन हालात में दिया। अगर यह स्वेच्छा से नहीं दिया गया, तो इन्हें निरस्त किया जाए। सिंह ने यह भी कहा कि सभी विधायकों के इस्तीफे कूटरचित हैं।