Breaking

Monday, April 27, 2020

कोरोना का रामबाण इलाज! कीमत बस ₹1000 सितंबर तक दवा के 4 करोड़ उत्पादन की उम्मीद

पुणे। डेंगू और न्यूमोनिया जैसी बीमारियों से लड़ने के लिए मोनोक्लोनल वैक्सीन बना चुके पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट में कोरोना वायरस के खात्मे के लिए वैक्सीन तैयार किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार अगले महीने से इसका ट्रायल शुरू किया जाएगा और भारत में प्रति डोज के हिसाब से इसकी कीमत एक हजार रुपये की होगी।
1 हजार रह सकती है वैक्सीन कीमत:-
कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बताया, 'हमें मई से भारत में ट्रायल शुरू कर देने की उम्मीद है। ट्रायल के सफल रहने पर सितंबर-अक्टूबर तक काफी संख्या में वैक्सीन तैयार हो जाएगी। हम भारत में एक हजार रुपये की अफॉर्डेबल कीमत पर इस वैक्सीन को तैयार करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'
सितंबर तक 2 से 4 करोड़ वैक्सीन का लक्ष्य:-
पूनावाला ने बताया, 'कोविड-19 के लिए पर्याप्त वैक्सीन उपलब्ध हो जाए, इसलिए उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया गया है। क्लिनिकल ट्रायल सफल होने की सूरत में हम पहले छह महीनों तक 40 से 50 लाख डोज हर महीने तैयार करने के लक्ष्य के साथ काम करेंगे। उसके बाद उत्पादन एक करोड़ कर दिया जाएगा। इस हिसाब से सितंबर-अक्टूबर तक 2 से 4 करोड़ वैक्सीन डोज तैयार हो जाएगा।'
पुणे स्थित कंपनी में ही तैयार होगी वैक्सीन:-
उन्होंने बताया, 'यह वैक्सीन पुणे स्थित सीरम कंपनी में ही तैयार की जाएगी। नया प्लांट तैयार करने में 3 हजार करोड़ और 2 साल का समय लगेगा। इसके लिए हम यहां बाकी सभी वैक्सीन का उत्पादन बंद कर देंगे। प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर इस प्रॉजेक्ट में 15 करोड़ डॉलर का खर्च आएगा। हमें उम्मीद है कि सरकार भी पार्टनर बनेगी, जिससे कि हम खर्चे को रिकवर कर सकेंगे।'
स्टार्टअप के तहत जुटे नई उम्र के इंजिनियर:-
पुणे के पिंपरी चिंचवाड़ में NOCCA रॉबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड नामक एक स्टार्टअप में इंजिनियरों की टीम दिन-रात मेहनत करके वेंटिलेटर्स तैयार करने में जुटी हुई है, जो कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर होगी।
कोविड-19 मरीजों के लिए हो रहा तैयार:-
इस स्टार्टअप के फाउंडर निखिल कुरेले ने बताया, 'हमारा लक्ष्य एक पोर्टेबल वेंटिलेटर बनाना है। हम जो वेंटिलेटर तैयार कर रहे हैं, उसकी कीमत 50 हजार रुपये से कम की होगी। इस वेंटिलेटर में ऐसी सभी सुविधाएं रहेंगी, जो कोविड-19 के मरीजों के लिए विशेष तौर पर कारगर रहेंगी। हमारा लक्ष्य पहले ट्रायल के लिए 10 या 20 वेंटिलेटर्स तैयार कर रहे हैं। डॉक्टर्स और टेस्ट लैब से फीडबैक लिया जाएगा।
जरूरत के लिए किया गया तैयार, सभी फीचर नहीं:-
उन्होंने कहा, 'यह वेंटिलेटर केवल कोविड-19 मरीजों को ध्यान में रखकर ही बनाया गया है। इसकी तुलना उन वेंटिलेटर्स से करना बेमानी होगी, जिसमें सभी जरूरी फीचर्स होते हैं। सभी सुविधाओं से लैस वेंटिलेचर का दाम 15-20 लाख रुपये तक का होता है। हमने केवल जरूरत को ध्यान में रखते हुए वेंटिलेटर तैयार किया है, जो मार्केट में आए गैप को भरने का काम करेगा।'
देश में अभी 48 हजार वेंटिलेटर्स:-
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार देश में अभी 48 हजार वेंटिलेटर्स उपलब्ध हैं। जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है, उसे देखते हुए और अधिक वेंटिलेटर्स तैयार करने की जरूरत पड़ सकती है।
2 हजार के करीब पहुंचा आंकड़ा, महाराष्ट्र में 9 की मौत:-
देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। देशभर में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 2 हजार के करीब पहुंच चुकी है। वहीं महाराष्ट्र में यह संख्या 338 तक हो गई है, जिसमें से 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी संग मिलकर वैक्सीन उत्पादन:-
सीईओ ने बताया कि भारत में इस वैक्सीन की कीमत अपेक्षाकृत कम होगी। ब्रिटेन जैसे देशों में भारत से 10 गुना अधिक कीमत पर वैक्सीन मिल रही है। बता दें कि पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया उन 7 वैश्विक कंपनियों में शामिल है, जिसके साथ ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने वैक्सीन के उत्पादन के लिए साझेदारी की है।