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Friday, September 14, 2018

सनसनीखेज मामला- मूक बधिर बच्चों से हुआ दुष्कर्म व अप्राकृतिक कृत्य, मूक-बधिर लड़कियां और लड़के सामाजिक न्याय विभाग पहुंचे

भोपाल। बैरागढ़ स्थित मूक-बधिर सांई विकलांग केंद्र के हॉस्टल संचालक द्वारा छात्राओ का यौन शोषण करने का मामला सामने आया है। हॉस्टल संचालक के भोपाल में अलग-अलग स्थानों पर चार हॉस्टल हैं। यहां रहने वाले छात्रों ने भी हॉस्टल संचालक पर अप्राकृतिक कृत्य करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज करने की बात कही है। मूक-बधिर बच्चों से दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य का यह सनसनीखेज मामला है। होशंगाबाद और बैरागढ़ के साईं विकलांग अनाथ आश्रम के मूक-बधिर बच्चों ने आश्रम संचालक पर ये आरोप लगाया है सामाजिक न्याय विभाग के दफ्तर में पहुंचकर धरने पर बैठे हैं। इधर मामले का खुलासा होने पर कांग्रेस नेत्री शोभा ओझा भी यहां पहुंच गई हैं। जानकारी के मुताबिक साईं विकलांग अनाथ आश्रम की मूक-बधिर लड़कियां और लड़के सामाजिक न्याय विभाग पहुंचे और उन्होंने आश्रम संचालक पर लम्बे समय से दुष्कर्म और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इस आश्रम के होशंगाबाद और बैरागढ़ में सेंटर हैं। युवतियों ने आश्रम संचालक एमपी अवस्थी पर जहां दुष्कर्म के आरोप लगाए वहीं लड़कों ने लम्बे समय से शारीरिक प्रताड़ना और अप्राकृतिक कृत्य के आरोप लगाए। ये बच्चे एक सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धा शर्मा के साथ यहां पहुंचे हैं। इन बच्चों ने रो-रोकर अपने साथ हुई ज्यादती की कहानी बयां की। बच्चों ने बताया कि उनके साथ होशंगाबाद और बैरागढ़ के आश्रमों में दुष्कर्म होता था। संचालक लम्बे समय से इनका शोषण कर रहा है। इस मामले की साल 2017 में होशंगाबाद में रिपोर्ट भी हो चुकी है, लेकिन संचालक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति करते हुए पुलिस ने उस समय इस आश्रम को देखने वाली कविता मीणा को हिरासत में लिया था। मूक-बधिर बच्चों के साथ हुई इस सनसनीखेज घटना की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस नेता शोभा ओझा सामाजिक न्याय विभाग पहुंच गई हैं। साथ ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी यहां पहुंचे हैं। बच्चों की शिकायत को लेकर शोभा ओझा ने IG से फोन पर बात की। IG ने उन्हें आश्वस्त किया है कि पूरे मामले की भोपाल में ही ज़ीरो पर कायमी होगी और मामले को संबंधित थानोंं को कार्रवाई के लिए सौंपा जाएगा। उधर बैरागढ़कला स्थित साईं विकलांग अनाथ आश्रम में नियमित रूप से विकलांगो को पढ़ाने का काम हुआ। पूरे मामले को लेकर जब इस बारे में आश्रम संचालक एमपी अवस्थी से बात की गई तो उन्होंने पूरे मामला को झूठा बताया। साथ ही कहा कि होशंगाबाद में आश्रम 3 साल पहले बंद कर दिया गया है।
मासूम  हुए शोषण का शिकार-
शोभा ओझा का कहना है कि बैरागढ़ के जिस साईं हॉस्टल में बच्चों का शोषण हुआ वहां पहली कक्षा से अठवी कक्षा के छोटे-छोट बच्चे रहते हैं। हॉस्टल संचालक उन्ही के साथ संबंध बनाता था। शोभा ओझा ने कहा कि पिछले महीने अश्वनी शर्मा द्वारा मूकबधिक छात्राओं के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद इन छात्र-छात्राओं ने उनसे संपर्क किया था।
शिकायत के बाद बंद किया था होशंगाबाद का हॉस्टल-
इसके बाद सबूत के तौर पर कागजात जुटाने के लिए वो इतने दिन चुप रही। उन्होंने कहा कि हॉस्टल संचालक कुछ साल पहले होशंगाबाद में भी एक हॉस्टल चलाता था। होशंगाबाद में भी उसने हॉस्टल में छात्राओं के साथ दुष्कर्म किया था। मामले की शिकायत के बाद हॉस्टल बंद कर दिया गया था। इसके बाद हॉस्टल संचालक भोपाल आ गया और यहां चार हॉस्टल खोल लिए।
दबाब बनाकर वापस कराई थी शिकायत-
शोभा ओझा ने कहा कि होशंगाबाद में दुष्कर्म की शिकायत के बाद सामाजित न्याय विभाग द्वारा होशंगाबाद में हॉस्टल बंद करा दिया था। पीड़ित छात्राओं पर दबाव बनाकर शिकायत वापस करा दी थी। उसी व्यक्ति को सामाजिक न्याय विभाग ने भोपाल में खोले गए चार हॉस्टलों को फिर से अनुदान देना शुरू कर दिया।
100 से हुआ दुष्कर्म-
शोभा ओझा ने कहा कि ये हॉस्टल में कितनी छात्राओं से दुष्कर्म और छात्रों से अप्राकृतिक कृत्य हुआ ये जांच की विषय है। उन्होंने कहा कि इतना तय है कि आरोपी के हॉस्टल में 100 के करीब छात्र-छात्राएं रहते थे। शंका हे की सबके साथ दुष्कर्म हुआ होगा। हॉस्टल संचालक एमपी अवस्थी लंबे समय से छात्र-छात्राओं का शोषण कर रहा था।