नई दिल्ली। दूरसंचार नियामक (ट्राई) ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर पर जुर्माना लगाया है। सूत्रों के मुताबिक, ये जुर्माना ने इन टेलीकॉम ऑपरेटर्स पर मार्च तिमाही के दौरान सेवा गुणवत्ता के मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण लगाया गया है। जुर्माना विभिन्न मानकों व सेवा क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए तय किया गया। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ ऑपरेटर्स ने जुर्माने के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। टेलीकॉम सेक्टर में गुणवत्ता के मानकों के पालन को लेकर ट्राई ने नियमों को सख्त किया है। नियामक ने सभी टेलीकॉम कंपनियों को पहली अक्टूबर, 2017 से नए क्वालिटी ऑफ सर्विस (क्यूओएस) बेंचमार्क के पालन का निर्देश दिया था। ताजा जुर्माना इस बात को रेखांकित करता है कि कंपनियों ने जनवरी से मार्च की तिमाही में नए क्यूओएस बेंचमार्क का कितने बेहतर तरीके से पालन किया। ट्राई के चेयरमैन आरएस शर्मा ने हाल ही में बताया था कि नियामक इन कंपनियों पर जुर्माना लगाने के अंतिम चरण में है। हालांकि नियामक हमेशा इस बात का ध्यान रखता है कि ऑपरेटर्स के नाम और उन पर लगे जुर्माने की जानकारी सार्वजनिक नहीं हो। ट्राई ने अपनी वेबसाइट पर इससे संबंधित जानकारी नहीं दी है। अनुमान लगाया जा रहा हे की इसी के चलते सेवाएं महंगी हो सकती हे।
जियो पर सबसे ज्यादा जुर्माना-
अपनी लांचिंग के समय से ही देश के टेलीकॉम सेक्टर में हलचल मचाने वाली रिलायंस जियो पर सबसे ज्यादा 34 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। टेलीकॉम सेक्टर में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस जियो के कदम रखने के बाद से कंपनियों में जबर्दस्त टैरिफ वार छिड़ा है। कंपनी पर पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट कंजेशन, कस्टमर केयर की उपलब्धता जैसे ट्राई द्वारा निर्धारित सेवा गुणवत्ता के विभिन्न मानकों पर खरा नहीं उतरने के कारण जुर्माना लगाया गया है।
अन्य कंपनियों पर भी सख्ती-
जुर्माने की जद में भारती एयरटेल, आइडिया और वोडाफोन जैसे अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर भी आए हैं। एयरटेल पर 11 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना लगा है। आइडिया पर 12.5 लाख रुपये और वोडाफोन पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगा है। आइडिया और वोडाफोन का हाल ही में विलय हो चुका है। विलय से बनी कंपनी इस समय देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। इससे पहले देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल थी।
