भोपाल। मध्य प्रदेश में 15 साल से सत्ता का बनवास झेल रही कांग्रेस को फिर सत्ता में वापस लाने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी पूरा जोर लगा रहे हैं। सॉफ्ट हिंदुत्व की राह पर चलकर राहुल गाँधी ने नई रणनीति की शुरुआत की है, साथ ही अब राहुल सोशल इंजीनियरिंग के फॉर्मूले पर काम करते नजर आने वाले हैं। महाकौशल के बाद अब राहुल गाँधी 15-16 अक्टूबर को ग्वालियर चंबल संभाग का दौरा करेंगे उसके बाद 25 से 27 अक्टूबर के बीच इंदौर और उज्जैन संभाग का दौरा कर सकते हैं। जहां राहुल परशुराम की जन्मस्थली जानापाव और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू का भी दौरा कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में बीजेपी का असर रहा है, यहां बीजेपी लगातार जीतती आई है, लेकिन साल 2017 में हुए किसान आंदोलन और मंदसौर गोलीकांड के बाद यहां लोगों की नाराजगी को कांग्रेस भुनाना चाहती है, इसलिए पिछले एक साल में कांग्रेस कई बड़ी रैली, आयोजन मालवा क्षेत्र में कर चुकी है और खुद राहुल गाँधी भी मंदसौर सहित मालवा का दौरा कर चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के मालवा दौरे के दौरान सवर्णों और दलितों को साधने की रणनीति पर काम किया जा रहा है। इसके लिए जहां एक ओर राहुल गांधी को जानापाव ले जाने की तैयारी है, वहीं दूसरी ओर आंबेडकर की जन्मस्थली महू भी वो जाएंगे। राहुल गांधी के दौरे से पहले प्रदेश कांग्रेस सह प्रभारी संजय कपूर ने जानापाव और महू पहुंचकर तैयारियों को जायजा लिया। कपूर ने जानापाव में मंदिर की व्यवस्था देखने वाले ब्राह्मणों की समिति के साथ बैठकर भोजन किया. इस दौरान हेलीपेड बनाने की व्यवस्था को भी देखा, इसके बाद उन्होने महू में भी तैयारियों का जायजा लिया।
मालवा में सीटों का गणित: मालवा में कुल 66 सीटें हैं, जिसमे से सामान्य-35, अनुसूचित जनजाति-22, अनुसूचित जाति 9 की है। इन सीटों में बीजेपी के पास सामान्य 32, एसटी 16, एससी 09 और कांग्रेस के कब्जे में सामान्य 03, एसटी 06, एससी 00 सीट हैं। बीजेपी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए तय रणनीति के हिसाब से 15 और 16 अक्टूबर को राहुल गाँधी का दौरा तय हुआ था, लेकिन अब नए सिरे से उनका दौरा बनाया गया है और वे 25 और 26 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और झाबुआ का दौरा करेंगे।