मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को चुनाव आयोग ने रणभेरी बजा दी है। आयोग के ऐलान के साथ आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। मध्य प्रदेश में लोकतंत्र के इस उत्सव में मतदाता 28 नवंबर को मतदान करेंगे और 11 दिसबंर को प्रदेश में नई सरकार तय हो जाएगी।इस बीच टिकिट के लिए मारामारी शुरू हो गई है ,कई मंत्रियों को अपने टिकिट बचाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पढ़ रहा है .बीजेपी के सर्वे में कई मंत्रियों का परफॉर्मेंस ठीक नहीं है .इसलिए कुछ मंत्रियों पर टिकिट की तलवार लटकी हुई है .कुछ मंत्रियों की उम्र ७० पार या इसके आस -पास होने के कारण इन्हें टिकिट मिलना मुश्किल होगा .साथ ही कुछ मंत्रियों के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोधी मोर्चा खोल दिया है .अहंकार में डूबे मंत्रियों की हार मानकर कार्यकर्ता चल रहे हैं .पार्टी में चर्चा है कि श्रीमती कुसुम मेहदेले ,श्रीमती माया सिंह ,गोरी शंकर शेजबर के आलावा और भी कई नाम इस फेहरिश्त में हैं .बीजेपी सूत्रों का कहना है कि बीजेपी को सरकार बनाना है ,इसलिए जीतने बालों को ही टिकिट दिया जायगा .इस बार चेहरे देखकर ,रसूखदार या सिफारशी लोगों को टिकिट नहीं मिलेंगे .यह पार्टी लगभग तय कर चुकी है।
