विदिशा. विशेष सत्र न्यायालय अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अधीन विशेष सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता ने ग्यारसपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरागोसांई निवासी आरोपी दीवान सिंह मैना पुत्र कल्लू सिंह मैना (26) को दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 7000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी अब जीवन की आखिरी सांस तक सलाखों के पीछे रहेगा।
न्यायालय ने इस मामले में भादवि की धारा 377 में आजीवन कारावास व 5000 रुपए और साथ ही एससी-एसटी (पीए) एक्ट की धारा 3 (2) (वी) में भी आजीवन कारावास व 1000 रुपए व एससी-एसटी (पीए) एक्ट की धारा 3 (2) (वी-ए) में 1 वर्ष का कठोर कारावास व 1000 रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में डीडीपी और विशेष लोक अभियोजक आईपी. मिश्रा द्वारा मामले को संदेह से परे प्रमाणित किया गया तथा उनके साक्ष्य से न्यायालय ने सहमति जताई।
ये हुई थी घटना:-
मीडिया सेल प्रभारी एडीपीओ ज्योति कुजूर ने घटना के संबंध में बताया कि घटना 4 मार्च 2018 को दोपहर करीब 2 बजे पीड़ित बालक ग्राम पुरागोसांई स्थित नदी पार वाले खेत पर हरियाई लेने गया था। उसी समय गांव का अभियुक्त दीवानसिंह मैना उसके पास आया और उसके गाल में थप्पड़ मारे और उसे पटककर उसके कपड़े उतार दिए और उसके साथ अश्लील हरकत कर जबरदस्ती उसके साथ बुरा काम किया। बाद में बोला कि ये बात किसी को बताई तो जान से मार दूंगा। पीड़ित ने नदी पर पानी भरने के लिए ट्रैक्टर ट्राली लेकर आए लोगों को यह बात बताई तब उन लोगों ने पीड़ित बालक को उसके घर तक ट्रैक्टर से छोड़ा। घटना की रिपोर्ट थाना ग्यारसपुर में दर्ज कराई गई।
अभियुक्त के कृत्य पर नरमी नहीं दिखाई गई:-
न्यायालय ने निर्णय पारित करते समय लिखा कि अभियुक्त द्वारा पीड़ित बालक के साथ अश्लील हरकत एवं बुरा कार्य इस प्रकार किया गया है कि अपराध करने का ढंग, गंभीरता और कारण को देखते हुए दंड के प्रश्न पर नरम दृष्टिकोण दिखाया जाना उचित नहीं होगा।