भोपाल/श्योपुर। श्योपुर के कांग्रेस विधायक बाबू जण्डेल व अन्य के खिलाफ श्योपुर की निचली अदालत के निर्णय को भोपाल की विशेष अदालत ने बरकरार रखा है। 2008 में 15 लोगों के साथ एक नहर में बने बांध को तोड़ने व बलवा के मामले में निचली अदालत ने जण्डेल समेत 14 आरोपितों को एक-एक साल का कारावास व 500-500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।
अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपितों ने सेशन कोर्ट में अपील की थी। यहां से अपील भोपाल की विशेष अदालत में स्थानांतरित हो गई थी। इस मामले में सुनवाई करते हुए बुधवार को विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह ने निचली अदालत के निर्णय को बरकरार रखा है। सजा बहाल होते ही कोर्ट के आदेश पर विधायक जण्डेल सहित 16 अन्य दोषियों को गिरफ्तार कर भोपाल जेल भेज दिया गया।
साल 2008 में चंबल नहर के गेट जबरन बंद करने और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को धमकाने के मामले में बाबू जण्डेल सहित 16 लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा व धमकाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज हुई थी।
इसी मामले में जनवरी 2018 में श्योपुर जिला न्यायालय के ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट-प्रथम ने बाबू जण्डेल सहित सभी 16 लोगों को एक-एक साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के बाद बाबू जण्डेल व अन्य सभी दोषियों को जिला न्यायालय से ही जमानत मिल गई। उन्होंने सेशन कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील भी कर दी थी।
नए प्रावधान में जनप्रतिनिधि पर चल रहे मामलों की सुनवाई भोपाल में स्पेशल कोर्ट करता है, इसीलिए करीब चार माह पहले मामले को जिला कोर्ट से भोपाल ट्रांसफर कर दिया गया था। इसी केस में भोपाल के स्पेशल कोर्ट ने बुधवार की दोपहर में अपना फैसला सुनाते हुए सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया और कांग्रेस विधायक बाबू जण्डेल सहित सभी 16 दोषियों को एक-एक साल की सजा व जुर्माने की राशि को बहाल रखा।
इतना ही नहीं स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में विधायक व अन्य दोषियों की जमानत भी नहीं ली और सभी को तत्काल जेल भिजवा दिया। विधायक के वकील इस मामले में गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट में जमानत के साथ-साथ स्पेशल कोर्ट के फैसले के खिलाफ भी अपील करेंगे।
जबरन खोले गेट, फिर नहर में कूद गए
साल 2007 में चंबल नहर की मुख्य नहरों से सहायक नहरों में पानी छोड़ने को लेकर सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों में तनातनी चल रही थी। उस समय विधायक बाबू जण्डेल जिला पंचायत के अध्यक्ष हुआ करते थे। उनके पास कई गांवों के ग्रामीण 12-एल सहायक नहर में पानी छुड़वाने की मांग लेकर आए।
इस पर विधायक अपने समर्थकों के साथ मातासूला गांव के सहायक नहर 12-एल के गेट खोलने पहुंच गए। विधायक ने जबरन गेट खोल दिए। सिंचाई विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों ने जबरन गेट बंद करना चाहा तो, बाबू जण्डेल गुस्से में नहर में कूद पड़े। इस मामले में पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, बलवा, तोड़फोड़, मारपीट व अन्य धाराएं लगाई थीं।
