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Thursday, October 31, 2019

इस IAS अफसर को आतंकी संगठनों से है जान का ख़तरा, CAT ने दी राहत

जबलपुर. मध्य प्रदेश प्रतिनियुक्ति पर आए आईएएस अफसर मोहनलाल मीणा फिलहाल एमपी में ही बने रहेंगे. जान पर ख़तरे को देखते हुए CAT ने उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी है. मीणा मणिपुर-त्रिपुरा कैडर (Manipur-Tripura Cadre) के IAS अफसर हैं. उनकी जान को मणिपुर के आतंकी संगठनों (Terrorist organizations) से ख़तरा है. 2010 में वो प्रतिनियुक्ति पर मध्य प्रदेश आए थे.
मोहनलाल मीणा 2001 बैच के मणिपुर - त्रिपुरा कैडर के IAS अफसर हैं. मणिपुर के उखरूल ज़िले मे कलेक्टर रहते हुए आंतकी संगठनों से जुड़े लोगों ने कलेक्टर बंगले में घुसकर उनके साथ मारपीट की थी. उसके बाद वो लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे थे. जान पर ख़तरा देखते हुए 2010 में उन्हें मध्यप्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया था.
CAT से राहत:-
मोहनलाल मीणा को जबलपुर स्थित केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण से बड़ी राहत मिली है. मीणा की पदस्थापना की अवधि खत्म हो रही थी. उसके बाद उन्हें मणिपुर भेजा जाना था. इसके खिलाफ मीणा ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण CAT में याचिका दायर की थी. CAT ने मध्य प्रदेश से उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी है. साथ ही कैट ने आदेश दिए हैं कि जब तक केंद्र सरकार आईएएस मीणा की पदस्थापना ना करे तब तक मीणा प्रदेश में ही कार्य कर सकते हैं.
ये है मामला:-
दरअसल ये पूरा मामला आतंकियों की धमकियों से जुड़ा हुआ है. मणिपुर त्रिपुरा कैडर के आईएएस अफसर मोहनलाल मीणा की जान को खतरा था. जिसके बाद डीओपीटी के निर्देश पर आईएएस मीणा की 2010 में मध्य प्रदेश में प्रतिनियुक्ति की गई. जान का खतरा बरकरार होने के कारण उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि लगातार बढ़ती गई. 21 जनवरी को भी मणिपुर की सीआईडी स्पेशल ब्रांच ने एक रिपोर्ट दी जिसमें बताया गया कि मोहनलाल मीणा की जान पर अभी भी ख़तरा है. आईबी की रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई. इसके बावजूद 31 जनवरी 2019 को केंद्र ने मीणा को मध्य प्रदेश से रिलीव कर दिया. उसके बाद मीणा ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण की शरण ली.अधिकरण में मीणा की याचिका पर सुनवाई के बाद उनकी रिलीविंग पर रोक लगा दी गयी.