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Friday, October 11, 2019

बिना कोचिंग पहली बार में पास किया UPSC एग्जाम, बताई अपनी गलतियां और दी ये सलाह

नई दिल्ली। मिलिए प्रियांक किशोर से. प्रियांक ने 2018 में पहले प्रयास में UPSC का सिविल सर्विस एग्जाम क्लीयर कर ऑल इंडिया 274वीं रैंक हासिल की. 22 साल की उम्र में बिना कोचिंग के UPSC परीक्षा क्लीयर करने वाले प्रियांक ने तैयारी की रणनीति को लेकर कुछ सलाह दी है.
ऑल इंडिया 274वीं रैंक पाने वाले प्रियांक, अप्रैल 2019 में यूपीएससी का रिजल्ट आने तक दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पीजी के छात्र थे. प्रियांक ने प्राथमिक पढ़ाई जमशेदपुर से की. हाई स्कूल सेंट जेवियर्स और 12वीं सेंट जेवियर्स श्यामली से करने के बाद रामजस कॉलेज से ग्रेजुएशन की. प्रियांक को यूपीएससी परीक्षा की प्रेरणा पिता से मिली. प्रियांक के पिता कमल किशोर आरा-बक्सर के निवासी हैं. कमल 1989 बैच के दरोगा हैं. 2019 में वे डीएसपी बने.
क्या गलती हुई:-
यूपीएससी परीक्षा में तैयारी के दौरान प्रियांक से एक गलती निबंध की तैयारी में हुई. इसकी तैयारी में कमी हुई. वे परीक्षा से पहले निबंध लिखने की तैयारी के लिए किसी भी टेस्ट सीरीज में शामिल नहीं हुए, इसका सीधा असर निबंध लेखन पर पड़ा. उत्तर पुस्तिका में दिए स्पेस में कम से कम 150 शब्द लिखना चुनौती थी. मैं 140 शब्दों तक ही लिख पाता था. प्रिंयाक ने परिचय और निष्कर्ष पैराग्राफ में लिखे. वहीं उत्तर के मुख्य भाग में बुलेट प्वॉइंट्स में लिखा.
सलाह:-
अगर उत्तर देने के लिए पर्याप्त कंटेंट न हो तो बुलेट प्वाइंट्स देने से बचें. उम्मीदवार कम से कम 15 से 20 निबंधों के ड्राफ्ट तैयार करें. निबंध का नक्शा जहन में तैयार रखें. निबंध लिखने के नए-नए विषयों की तैयारी के लिए निबंध की Mrunals लिस्ट पर जाएं. यूपीएससी परीक्षा के लिए विषय वही चुनें जो ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन में पढ़ें हों.
परीक्षा में सफल होने के लिए इमोशनल व्यवहार पर काम करें. यूपीएससी की परीक्षा धैर्य और दृढ़ता का खेल है. ऐसे में माइंड मैप्स, क्रिस्प नोट्स और करंट अफेयर्स से लगातार अपडेट रहें. स्पष्ट लेखन सीखें, निबंध और उत्तर लिखने की प्रैक्टिस रैंक में सुधार के लिए जरूरी है.