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Saturday, November 2, 2019

इस मंदिर में प्रसाद के तौर पर मिलता है सोना-चांदी, धनतेरस और दिवाली पर होता है खास आयोजन

धर्म डेस्क। भारत में ऐसे कई मंदिर हैं, जो अपने आप में बेहद अनोखे हैं। ऐसा ही एक अनोखा मंदिर मध्य प्रदेश के रतलाम शहर के माणक में भी है। जहां प्रसाद के तौर पर ऐसी चीज मिलती है कि पहली बार में आप इस बात पर यकीन नहीं कर पाएंगे। आमतौर पर बाकी मंदिरों में भक्तों को प्रसाद के रूप में मिठाई या कुछ खाने वाली चीजें मिलती हैं, लेकिन मां महालक्ष्मी के इस मंदिर की सबसे खास बात ये है कि यहां भक्तों को प्रसाद के रूप में गहने मिलते हैं। 
भक्तों को मिलते हैं सोने-चांदी के सिक्के:-
जी हां, यहां आने वाले भक्त सोने-चांदी के सिक्के लेकर घर जाते हैं। मां महालक्ष्मी के इस मंदिर में साल भर भक्तों की भीड़ रहती है। भक्तजन यहां आकर करोड़ों रुपये के जेवर और नकदी माता के चरणों में चढ़ाते हैं। दीपावली के अवसर पर इस मंदिर में धनतेरस से लेकर पांच दिन तक दीपोत्सव का आयोजन किया जाता है। इस दौरान मंदिर को फूलों से नहीं बल्कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए गहनों और रुपयों से सजाया जाता है।
मंदिर में लगता है कुबेर का दरबार:-
दीपोत्सव के दौरान मंदिर में कुबेर का दरबार लगाया जाता है। इस दौरान यहां आने वाले भक्तों को प्रसाद स्वरूप गहने और रुपये-पैसे दिए जाते हैं। दीपावली के दिन इस मंदिर के कपाट 24 घंटे खुले रहते हैं। कहा जाता है कि धनतेरस पर महिला भक्तों को यहां कुबेर की पोटली दी जाती है। यहां आने वाले किसी भी भक्त को खाली हाथ नहीं लौटाया जाता। उन्हें कुछ न कुछ प्रसाद स्वरूप दिया ही जाता है। 
दशकों से चली आ रही है परंपरा 
मंदिर में गहनों और रुपयों को चढ़ाने की परंपरा दशकों से चली आ रही है। पहले यहां के राजा राज्य की समृद्धि के लिए मंदिर में धन आदि चढ़ाते थे और अब भक्त भी यहां जेवर, पैसे वगैरह माता के चरणों में चढ़ाने लगे हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उनके घरों में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। प्रसाद के मामले में सिर्फ यही मंदिर नहीं देश के ऐसे कई मंदिर शामिल हैं जहां अजब-गजब प्रसाद मिलते हैं जैसे जगन्नाथ पुरी का ही प्रसाद ले लिजिए यहां आपको 56 तरह का प्रसाद मिलता है यानी अगर आपने खाना नहीं खाया है तो जगन्नाथ मंदिर के प्रसाद से अपनी भूख मिटा सकते हैं।