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Wednesday, December 25, 2019

माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय (MCU) के गेट पर बैठी छात्राएं बोलीं- HOD पूछते हैं हमसे बॉयफ्रेंड का नाम

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय (MCU) के मुख्य द्वार पर दो छात्राओं ने मंगलवार रात पहुंचकर जमकर बवाल मचाया। पहले तो उन्होंने पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रबंधन को जमकर कोसा फिर वे सड़क पर ही धरने पर बैठ गई। छात्राओं से मिलने पहुंचे रैक्टर श्रीकांत सिंह से छात्राओं ने कहा कि उनके एचओडी संजीव गुप्ता उनसे बॉयफ्रेंड का नाम पूछते हैं। साथ ही उनकी कक्षाओं में उपस्थिति कम बताते हुए परीक्षा में बैठाने से भी इनकार कर दिया है। इनमें से एक छात्रा राजधानी की और एक छात्रा लखनऊ की रहने वाली हैं। छात्राओं ने बताया कि वे पत्रकारिता विश्वविद्यालय में मॉस कम्युनिकेशन में सेकंड इयर की छात्र हैं। वे तबीयत खराब होने की वजह से कक्षाओं में शामिल नहीं हो सकीं थी। उनकी शनिवार से परीक्षाएं शुरू हुई हैं। परीक्षा के पहले उन्होंने पिता के साथ कुलपति दीपक तिवारी से मुलाकात कर सारी स्थिति से अवगत कराया था।
इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया जा रहा है। छात्राओं ने रैक्टर के सामने आरोप लगाया कि कुछ छात्र-छात्राओं की उपस्थिति उनसे भी कम है। इसके बावजूद उन्हें परीक्षा में शामिल कर लिया गया है। छात्राओं ने बताया कि पहले तो सभी कम उपस्थिति वाले छात्र-छात्राओं को निष्कासित कर दिया था। बाद में नोटिस जारी किया कि पांच सौ रुपए जमा कर वे परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इस नोटिस के आधार पर जब हमने एचओडी से मुलाकात की तो उन्होंने कहा कि एक छात्रा परीक्षा में शामिल हो सकती है लेकिन दूसरी को चरित्रहीन और शैतान बताकर परीक्षा दिलवाने से इनकार कर दिया। छात्राओं ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें परीक्षा देने के लिए लिखित में अनुमति नहीं मिलती है तब तक वे धरना समाप्त नहीं करेंगी।
देर रात पहुंची थाने:-
छात्राएं रात में एमपी नगर थाने भी पहुंच गई। वहां पहुंचकर इन्होंने अपने ही डिपार्टमेंट के एचओडी संजीव गुप्ता के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने को लेकर शिकायत कर दी। इसके बाद वे वापस आकर धरने पर बैठ गईं। वे देर रात तक धरने पर बैठी रहीं।
छात्राओं को उपस्थिति कम होने के कारण परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे धरने प्रदर्शन के कारण किसी को नियमों से बाहर जाकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। कुलपति से हल निकालने के लिए चर्चा की जाएगी। 
-श्रीकांत सिंह, रैक्टर पत्रकारिता विश्वविद्यालय-
मुझे धरना देने की कोई जानकारी नहीं है। मैं अवकाश पर हूं। मेरी छात्राओं से कोई मुलाकात नहीं हुई। 
-दीपक तिवारी, कुलपति पत्रकारिता विश्वविद्यालय-