भोपाल. कैबिनेट मंत्री का दर्जा हासिल नदी न्यास के अध्यक्ष कंप्यूटर बाबा ने अपनी ही सरकार पर हमला बोल दिया है. हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर वह राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात करने गए थे. इसके बाद वापस लौटे कंप्यूटर बाबा ने बीजेपी के साथ कांग्रेस पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि बीजेपी जैसा कृत्य यदि कांग्रेस भी करेगी, तो वह सरकार के खिलाफ भी खड़े हो जाएंगे.
कंप्यूटर बाबा ने राज्यपाल से की मुलाकात:-
कंप्यूटर बाबा ने शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लालजी टंडन को ज्ञापन सौंपा. यह ज्ञापन हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर दिया गया है. बाबा ने मोदी से मांग की है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उने साथी नेताओं को पार्टी से निष्काषित करना चाहिए. राजभवन से बाहर आने के बाद न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार को बीजेपी गिराने की कोशिश कर रही है.
कंप्यूटर बाबा ने शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात की. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम लालजी टंडन को ज्ञापन सौंपा. यह ज्ञापन हॉर्स ट्रेडिंग को लेकर दिया गया है. बाबा ने मोदी से मांग की है कि विधायकों की खरीद-फरोख्त करने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उने साथी नेताओं को पार्टी से निष्काषित करना चाहिए. राजभवन से बाहर आने के बाद न्यूज़ 18 से बातचीत करते हुए उन्होंने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं. जनता के द्वारा चुनी हुई सरकार को बीजेपी गिराने की कोशिश कर रही है.
सरकार के खिलाफ खड़े होंगे कम्प्यूटर बाबा:-
कंप्यूटर बाबा सबसे पहले बीजेपी और उसके बड़े नेताओं पर जमकर बरसे. न्यूज़ 18 ने उनसे सवाल किया कि सीएम हाउस में देर रात बीजेपी के दो विधायकों नारायण त्रिपाठी और शरद कोल गए थे. इस पर बाबा ने कहा कि बीजेपी के अलावा यदि कांग्रेस इस तरह का कृत्य करेगी, तो उनके खिलाफ भी मैं और पूरा संत समाज खड़ा हो जाएगा. हम किसी को लोकतंत्र की हत्या नहीं करने देंगे.
पहले बीजेपी, बाद में कांग्रेस में आए:-
कंप्यूटर बाबा पहले बीजेपी सरकार के साथ थे. उन्हें बीजेपी ने कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया था. जैसे ही विधानसभा चुनाव करीब आए, वैसे ही अवैध रेत खनन पर कार्रवाई नहीं करने की बात कहकर बाबा ने इस्तीफा दे दिया और चुनाव में कांग्रेस के लिए जमकर प्रचार किया. कांग्रेस की सरकार बनी, तो उनको नदी न्यास का अध्यक्ष बना दिया गया. हालांकि अवैध रेत खनन को लेकर कई बार कंप्यूटर बाबा सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं.
