भोपाल. मध्यप्रदेश की राजनीति किस करवट बैठेगी इसको लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हो पाई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में शामिल होने के बाद उनके समर्थक मंत्री औऱ विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है। लेकिन कहा जा रहा है कि सिंधिया समर्थक कई विधायक अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। बताया जा रहा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस के बागी विधायकों से मुलाकात की है।
भविष्य को लेकर चिंतित हैं विधायक:-
सूत्रों का कहना है कि बेंगलूरू एयरपोर्ट पर सिंधिया समर्थक विधायकों से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शुक्रवार को मुलाकात की है। सूत्रों का कहना है कि कुछ विधायकों को अपने राजनीतिक भविष्य की चिंता सताने लगी है। विधायक किसी जिम्मेदार से मिलकर यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि कांग्रेस के विरोध पर भाजपा में उनका भविष्य सुरक्षित है या नहीं। इसी के संबंध में नाराज विधायकों ने जेपी नड्डा से मुलाकात की थी।
भोपाल आना था:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक 13 विधायक शुक्रवार को बेंगलूरू से भोपाल आने वाले थे। लेकिन घंटों इंतार के बाद सभी नाटकीय ढंग से वापस लौट गए। हालांकि इस दौरान बागी विधायक सरकार गिर गई...सरकार गिर के नारे लगाते रहे। बताया जा रहा है कि सभी विधायक अभी बेंगलूरू में ही रहेंगे। बताया जा रहा है कि भाजपा नेताओं की राज्यपाल से मुलाकात के बाद विधायकों की वापसी टली है। राज्यपाल से मुलाकात के बाद शिवराज सिंह चौहान और ज्योतिरादित्य सिंधिया करीब 15 मिनट तक चर्चा करते रहे उसके बाद सिंधिया ने विधायकों को फोन कर वहीं रूकने के लिए कहा। इधर विधानसभा अध्यक्ष ने 9 विधायकों को नोटिस जारी कर 15 मार्च तक मिलने को कहा है।
बढ़ सकता है सत्र:-
कोरोना वायरस कांग्रेस सरकार की डूबती नैय्या को सहारा देता दिखाई दे रहा है। केन्द्र सरकार की हेल्थ एडवाइजरी जारी होते ही सरकार ने सबसे पहले प्रदेश में स्कूल, कॉलेज और टॉकीज बंद कर दिए हैं। अब रविवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ कोरोना वायरस को देखते हुए विधानसभा का बजट सत्र आगे बढ़ाने का प्रस्ताव पारित कर विधानसभा को भेज सकते हैं।
