भोपाल. मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है. कांग्रेस के कई नेता जहां इस पूरे प्रकरण को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया के रवैये पर प्रहार कर रहे हैं, वहीं बीजेपी के नेता सिंधिया घराने के वर्तमान 'महाराजा' के पार्टी में आने का स्वागत कर रहे हैं. इन सबके बीच ज्योतिरादित्य की बुआ और मध्य प्रदेश बीजेपी की नेता यशोधरा राजे सिंधिया ने भी अपने भतीजे को कांग्रेस छोड़ने पर शुभकामनाएं दी हैं. यशोधरा राजे ने अपने बयान में कहा है कि राजमाता के रक्त ने राष्ट्रहित में फैसला लिया है.
यशोधरा राजे सिंधिया ने ज्योतिरादित्य के इस्तीफे को अपनी मां और बीजेपी की संस्थापक सदस्यों में से एक विजयाराजे से भी जोड़ा है. उन्होंने अपने बयान में कहा है, 'राजमाता के रक्त ने लिया राष्ट्रहित में फैसला, साथ चलेंगे, नया देश गढ़ेंगे, अब मिट गया हर फासला. ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के साहसिक कदम का मैं आत्मीय स्वागत करती हूं.' गौरतलब है कि यशोधरा राजे दो बार ग्वालियर से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं. राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे उनकी बहन हैं. यशोधरा राजे ग्वालियर के राजा जीवाजी राव सिंधिया की सबसे छोटी बेटी हैं. वे बीजेपी की सक्रिय नेता हैं.
19 विधायकों ने दिया इस्तीफा
आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के पल-पल बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कुछ देर पहले कांग्रेस पार्टी के 19 विधायकों के इस्तीफे की खबर आई. सिंधिया समर्थक माने जाने वाले ये सभी विधायक अभी कर्नाटक के बेंगलुरू के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं. बेंगलुरू से ही इन विधायकों ने राजभवन और स्पीकर के नाम अपना इस्तीफा भेज दिया है. राजभवन के ईमेल पर विधायकों ने अपने इस्तीफे भेजे हैं.
ज्योतिरादित्य आज शामिल होंगे बीजेपी में
इससे पहले सोमवार की रात से ही एमपी में राजनीतिक हलचल बढ़ गई थी. सोमवार देर रात तक सीएम कमलनाथ और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कमलनाथ समर्थक मंत्रियों ने सीएम को अपना इस्तीफा दे दिया था. मंगलवार को इन घटनाक्रमों में उस वक्त और तेजी आ गई जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके कुछ ही देर बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.
