करैरा/शिवपुरी। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार खतरे में हैं। कई विधायक अभी भी गायब हैं लेकिन कांग्रेस की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि सरकार पर कोई खतरा नहीं है। कांग्रेस और बीजेपी में छीनाछपटी का खेल चल रहा है। बीजेपी के कब्जे से आधी रात को बीएसपी विधायक रामबाई को कांग्रेस के दिग्गज नेता छुड़ाकर ले आए। एमपी में सियासी भूचाल को लेकर बीजेपी का कहना है कि यह कांग्रेस का सियासी अंर्तकलह है।
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सवाल इसलिए है कि दिग्विजय सिंह के आरोपों पर अभी कांग्रेस में ही एक मत नहीं है। दिग्विजय सिंह हॉर्स ट्रेडिंग की बात कर रहे हैं। सीएम कमलनाथ भी उनका समर्थन कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इन चीजों से बिल्कुल अंजान हैं। लेकिन बुधवार को उन्होंने सफाई जरूर दी है। दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को ही ट्वीट कर दिया था कि कुछ विधायकों को लेकर बीजेपी दिल्ली गई।
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अनजान दिखे थे ज्योतिरादित्य सिंधिया:-
वहीं, शिवपुरी दौरे पर आए ज्योतिरादित्य सिंधिया से जब मध्यप्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में सवाल है कि क्या मध्यप्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में आपसी समन्वय नहीं है। हालांकि सिंधिया ने कहा था कि मध्यप्रदेश की सरकार स्थिर और अगले पांच साल तक चलेगी।
बुधवार को सफाई:-
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा कि बीजेपी की यह पुरानी प्रैक्टिस है लेकिन इसमें वह कामयाब नहीं होंगे, हम सब एक साथ हैं। मध्यप्रदेश में सरकार पर कोई खतरा नहीं है।
सिंधिया खेमे के मंत्री भी खामोश:-
इसके साथ ही कमलनाथ कैबिनेट में ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के छह कैबिनेट मंत्री शामिल हैं। सिंधिया जब मध्यप्रदेश दौरे पर होते हैं तो उनके गुट के लोग भी साथ होते हैं। सिंधिया एमपी में हैं उनके लोग भी उनके साथ हैं लेकिन मध्यप्रदेश में जो कुछ भी चल रहा है, उस पर उन सभी लोगों की चुप्पी है। उनकी चुप्पी पर भी सवाल है क्योंकि संकट सरकार पर और आपसी एकजुटता नहीं है।
सरकार पर उठाए हैं सवाल:-
शिवपुरी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कमलनाथ की सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकार दायित्व है कि वह हर परेशानी और कठिनाई में आम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहे, यदि वह ऐसा नहीं कर पा रही तो जनता को भी ऐसी सरकार की कोई जरूरत नहीं। सिंधिया ने अपनी जनसेवा बताते हुए कहा कि चार माह पूर्व शिवपुरी में बाल्मीक समाज के दो बच्चों का मर्डर किया था, उस परिवार को मैंने बारह घंटे के अंदर शिवपुरी में बसाया। उस समय कलेक्टर ने कहा कि राशि कम पड़ रही है तो मैंने कहा कि चिंता मत करो, मैंने चार लाख रुपये का चेक दिया था।
