रायपुर (छत्तीसगढ़)। कोरोना की जांच के लिए सैंपल टेस्टिंग की आ रही दिक्कतों से जल्द ही निजात मिल सकती है। भारत सरकार छत्तीसगढ़ को 14 टू-नेट टेस्टिंग मशीन दे रही है। इससे एक दिन में ही लगभग 2000 से 2500 तक सैंपल टेस्ट किया जा सकेगा।
बता दें कि देश को 2025 तक टीबी मुक्त करने के लिए उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें टीबी मरीजों की जांच के लिए नई तकनीक की ट्रू-नेट टेस्टिंग मशीन की मदद ली जानी है। केंद्र सरकार सभी राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ को भी यह मशीन दे रही है।
मशीन की खास बात यह है कि इसमें टीबी के साथ कोरोना की भी टेस्टिंग संभव है। ऐसे में ये मशीन कोरोना को हराने में संजीवनी साबित होंगी। चिकित्सा विशेषज्ञों ने बताया कि इसमें एक साथ 200 से 250 सैंपल की जांच की जा सकती है। इस तरह से 24 घंटे में 2000 से 2500 तक सैंपल की जांच की जा सकेगी।
11 थी प्रस्तावित, तीन मिलेंगी अतिरिक्त:-
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्र से 11 मशीनें मिलनी थीं, लेकिन कोरोना महामारी को देखते हुए तीन मशीनें अतिरिक्त दी जाएंगी। इन मशीनों को प्रत्येक मेडिकल कॉलेज के अलावा बड़े अस्पतालों में रखा जाएगा।
कोरोना टेस्टिंग के लिए लगेगी चिप:-
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार ट्रू-नेट टेस्टिंग मशीन में टीबी की जांच की जाती है। इससे कोरोना जांच के लिए टू-नेट कैट्रीज चिप लगानी होगी। केंद्र सरकार प्रदेश को 4000 चिप उपलब्ध कराएगी।
आरटीपीसीआर से हो रही कोरोना की जांच:-
अभी प्रदेश में कोरोना जांच एम्स, रायपुर और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज में की जा रही है। यहां रियल टाइम पीसीआर मशीन की मदद से टेस्ट किया जाता है। इस मशीन की मदद से सैंपल टेस्ट में छह घंटे लगते हैं। एक दिन में इसमें 250 से 300 सैंपल की जांच होती है।
- भारत सरकार से हमें ट्रू-नेट टेस्टिंग मशीन मिलने वाली है। यह टीबी की जांच करने वाली मशीन है, लेकिन जैसा कि केंद्र ने बताया है इसमें ट्रू नेट कैट्रीज चिप लगाकर कोरोना सैंपल की भी जांच की जा सकेगी। हमें यह मशीनें जल्द ही मिलेंगी।
-निहारिका सिंह बारिक, स्वास्थ्य सचिव, छत्तीसगढ़-
