जबलपुर। मेडिकल के तीन कर्मचारियों ने डेढ़ लाख रुपये का सौदा कर जावेद को मेडिकल अस्पताल से भगाने में मदद की थी। जावेद रविवार दोपहर 12 बजकर 20 मिनट पर वार्ड से भागा था। जबकि घटना के बाद कर्मचारियों ने पुलिस को जानकारी दी थी कि उन्होंने जावेद को ढाई बजे तक वार्ड में देखा था। कर्मचारियों के इस झूठ का पता लगाया जा रहा है।
वार्ड ब्वाय के कपड़े में मिला आरोपी संक्रमित:-
मेडिकल से भागते समय जावेद जिन कपड़ों में था, पकड़े जाने पर दूसरे कपड़ों में मिला। पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह सामने आया है कि उसे एक वार्ड ब्वाय ने अपने कपड़े व चप्पल दी थी। मेडिकल से भागने के बाद उसने कपड़े बदले थे।
यह कहा वन रक्षक ने:-
मदनपुर चेक पोस्ट में पदस्थ वन रक्षक प्रिंस साहू ने बताया कि सोमवार सुबह साढ़े 7 बजे जावेद पोस्ट के सामने से बाइक से निकला। करीब 300 मीटर दूर उसकी बाइक बंद हो गई। काफी देर तक वह बाइक स्टार्ट करने की कोशिश करता रहा, जिसके बाद वह काचरकोना गांव के कोटवार घनश्याम चढ़ार व मदनपुर कोटवार प्रेमनारायण मेहरा के साथ जावेद के समीप पहुंचा। पूछताछ में उसने मदनपुर गांव का निवासी बताया। कोटवार प्रेमनारायण ने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। जिसके बाद प्रिंस को आशंका हुई और कड़ी पूछताछ में जावेद ने हकीकत बयां कर दी। प्रिंस ने पोस्ट पर मौजूद पुलिस व राजस्व अमला तथा तहसीलदार को सूचना दी। प्रिंस व दोनों कोटवारों को मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है।
लिफ्ट देने वाले युवक समेत 4 आइसोलेशन में:-
इधर, लखनादौन से सिहोरा आए एक ट्रैक्टर चालक ने सोमवार सुबह पुलिस को जानकारी दी कि रविवार दोपहर उसने जबलपुर-सिहोरा हाइवे पर जावेद को बाइक पर लिफ्ट दी थी। उसने बताया कि जगह के बारे में नहीं बता सकता, लेकिन हाइवे पर करीब डेढ़ किलोमीटर दूर वह बाइक से उतर गया था। इस सूचना के बाद ट्रैक्टर चालक तथा उसके संपर्क में आए सिहोरा के दो अन्य लोगों को आइसोलेशन में रखा गया है।
राठौर के मोबाइल से की थी कईयों से बात:-
पुलिस की जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि सराफा बाजार निवासी कोरोना पीड़ित सुशील राठौर के मोबाइल फोन से 17, 18 व 19 अप्रैल को जावेद इंदौर निवासी अपने स्वजन तथा वहीं के एक अधिवक्ता से अक्सर बातचीत करता रहा। रविवार सुबह इंदौर में काफी देर तक उसने राठौर के मोबाइल से बात की थी।
मामले की जांच करेगी कमेटी:-
मेडिकल के आइसोलेशन वार्ड से गत दिनों फरार हुए बंदी और कोरोना मरीज के मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है। जो हर एंगल पर जांच कर रही है। यह जानकारी कलेक्टर भरत यादव ने दी। उन्होंने कहा बंदी को भगाने में मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच के दौरान यदि इसमें मेडिकल अस्पताल के कर्मचारी संलिप्त पाए गए तो उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है:-
आइसोलेशन वार्ड से भागने में मेडिकल कॉलेज के कुछ कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका का पता चला है। पूछताछ कर हकीकत सामने लाई जाएगी। जावेद को मदनपुर तेंदूखेड़ा में पकड़ा गया। वह बार-बार बयान बदलकर गुमराह करने का प्रयास कर रहा है। मेडिकल के संदिग्ध कर्मचारियों व जावेद से पूछताछ जारी है। पुलिस जवानों की लापरवाही सामने आई है, जिनमें से कुछ को बर्खास्त किया जाएगा।
-श्रीअमित सिंह, एसपी जबलपुर-
