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Friday, May 22, 2020

विधानसभा उपचुनाव : सिंधिया के क्षेत्र में सेंध लगाने के लिए कमलनाथ ने खेला ये बड़ा दांव

ग्वालियर. कोरोना काल में मध्य प्रदेश की सियासत अब उपचुनाव पर केंद्रित हो रही है। यही कारण है कि कांग्रेस ने उपचुनाव वाले इलाकों में अपने संगठन को मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है, खासकर सिंधिया के सियासी असर वाले इलाके में।
दरअसल, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जानते हैं कि उपचुनाव में अगर कमल अर्थात बीजेपी को हराना है तो सिंधिया के सियासी असर वाले इलाकों में संगठन को मजबूत करना ही होगा। यही कारण है कि बुधवार को कमलनाथ ने सियासी मैदान में अपनी 'टीम-11' उतार दी।
दरअसल, कमलनाथ की रणनीति है कि टीम-11 के जरिए चंबल-ग्वालियर संभाग की विधानसभा सीटों के उपचुनाव में फतह हासिल करना। ये वो इलाके हैं, जहां पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का खासा सियासी असर है।
सिंधिया के इलाके में कांग्रेस का बड़ा दांव:-
ग्वालियर ग्रामीण में अशोक सिंह को जिला अध्यक्ष नियुक्त कर कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है। प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक सिंह को ग्वालियर ग्रामीण की कमान सौंपकर पार्टी ने साफ संदेश दे दिया है कि उपचुनाव से पहले पार्टी हर क्षेत्र में संगठन को मजबूत करेगी। यही नहीं, कांग्रेस ने सिंधिया के सबसे ज्यादा प्रभाव वाले गुना जिले की शहर और ग्रामीण इलाकों में भी नए जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं।
24 सीटों पर होना है उपचुनाव:-
मध्य प्रदेश में 24 सीटों पर उपचुनाव होना है। 24 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल संभाग से आती हैं। माना जाता है कि इन सीटों पर सिंधिया का खासा सियासी प्रभाव है। साथ ही कांग्रेस को पता है कि अगर फिर से सत्ता में वापसी करना है तो सिंधिया के इलाके में सेंध लगाना ही होगा। यही कारण है कि उपचुनाव में बीजेपी को परास्त करने के लिए कमलनाथ ने अपनी टीम-11 मैदान में उतारी है और इनके कंधे पर एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।