औरछा टीकमगढ़ जिले में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय ने 4 जुलाई को दिल्ली से 100 सीसी बाइक स्प्लेंडर प्रो से लगभग 3000 किमी चलकर दुनिया के सबसे ऊंचे 10 दर्रे 13 जुलाई तक पार किये । दरअसल मुकेश पाण्डेय बालटाल मार्ग से अमरनाथ यात्रा के लिए दिल्ली पहुंचे तो पता चला कि जम्मू से यात्रियों के जत्थों को यात्रा के लिए रोक दिया है । अतः अपने कुछ दोस्तों के साथ मुकेश ने बाइक से जाने का फैसला किया । और इस बाइक यात्रा के दौरान अनेक चुनौतियां भी आई क्योंकि रास्ते मे दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रे भी मिले, जिन्हें पार करने में कई बार बुलेट जैसी बाइक भी दम तोड़ देती है । लेकिन मुकेश की हिम्मत ने यह भ्रम 100 सीसी बाइक से इन दर्रो को पार कर तोड़ा । मुकेश दिल्ली से पठानकोट होकर चंबा पहुंचे । फिर हिमांचल प्रदेश का सबसे ऊंचा दर्रा साच पास (14500 फ़ीट) को पहले दिन पार किया।
फिर एशिया की तीसरी सबसे खतरनाक सड़क किलाड़-किश्तवाड़ से किश्तवाड़ पहुँचे । अगले दिन जम्मू को कश्मीर से जोड़ने वाले दर्रे सिंथन टॉप (12500 फ़ीट) को पार कर बालटाल पहुंचे । 8 जुलाई को बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा में स्थित हिम शिवलिंग के दर्शन किये । 9 जुलाई को कश्मीर को लद्दाख से जोड़ने वाले दर्रे जोजिला (11575 फ़ीट) और फातुला (13478 फ़ीट) को पार कर लेह पहुंचे । लेह में परमिट बनवाने के बाद 11 जुलाई को दुनिया के सबसे ऊंचे दर्रे खारदुंगला (18380 फ़ीट) को पार किया । इसके बाद वापिसी मनाली की ओर लेह-मनाली हाईवे से की ,जिसमे टंगलागला (17582 फ़ीट), लाचुंगला (16616 फ़ीट) , नकीला (15547 फ़ीट) , बरलाचला( 16005 फ़ीट) और रोहतांग दर्रा ( 13051 फ़ीट) पार किया । फिर मनाली से दिल्ली बाइक से ही लौटे । इस दौरान इन दर्रो पर ऑक्सीजन की कमी , अत्यधिक ठंड, तेज हवाओं के साथ ही उच्च पर्वतीय बीमारी का भी सामना करना पड़ा । परंतु मुकेश अपने लक्ष्य से नही डगमगाए और पहली बार में ही पहाड़ो में लगभग 3000 किमी बाइक चलाकर अद्भुत साहस का प्रदर्शन किया । उनके इस कारनामे पर अधिकारियों और शुभचिंतकों ने बधाइयां दी ।

