भोपाल किराए के विवाद पर पॉलीवाल अस्पताल में घुसकर तोड़फोड़ और हंगामा करने पर कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे, उनके छोटे भाई योगेश कटारे और उनके करीब 25 समर्थकों पर बलवा समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। गोविंदपुरा पुलिस ने अस्पताल के संचालक डॉ. जेपी पॉलीवाल के लिखित आवेदन की जांच के बाद शनिवार को एफआईआर की।
बिल्डिंग खाली करने के नोटिस पर शुरू हुआ था विवाद
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और पालीवाल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. जेपी पालीवाल के बीच विवाद तीन महीने पहले अप्रैल में ही शुरू हो गया था। दरअसल हॉस्पिटल बिल्डिंग में अनुबंध की शर्तों के तहत तय निर्माण कार्य नहीं कराने के कारण परेशान होकर अस्पताल संचालक द्वारा हॉस्पिटल बिल्डिंग खाली करने का नोटिस दे दिया गया था। इसमें अगस्त 2018 में बिल्डिंग खाली करने के बात कही गई थी। इससे कांग्रेस नेता कटारे और उनके दोनों भाइयों को हर महीने सीधे तौर पर सितंबर 2018 से किराए के रूप में मिलने वाले 14 लाख रुपए का नुकसान हो रहा था। इससे नाराज होकर विधायक कटारे और उनके भाइयाें ने अस्पताल संचालक डॉ. पालीवाल अौर संस्थान के कर्मचारियों से बदसलूकी शुरू कर दी थी। यह खुलासा अस्पताल संचालक द्वारा गोविंदपुरा पुलिस को शुक्रवार को विवाद के बाद सौंपे दस्तावेजों की जांच में हुआ है। इन्हीं दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस ने कांग्रेस विधायक कटारे और उनके दो भाईयों व उनके 20 से 25 समर्थकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया था
शुक्रवार को अस्पताल में कांग्रेस नेता के भाई योगेश कटारे और त्रिलोकी कटारे ने हॉस्पिटल के कर्मचारियों को धमकाया था। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया था। इस दौरान दोनों पक्षों में अगस्त तक हॉस्पिटल का संचालन विधायक कटारे की बिल्डिंग में होने की सहमति बनी थी। वहीं इस मामले में कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।
बिल्डिंग खाली करने का नोटिस देने के बाद से विवाद कर रहे हैं कटारे बंधु
हॉस्पिटल डायरेक्टर डॉ. जेपी पालीवाल ने बताया कि कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और उनके दोनों भाई बिल्डिंग खाली करने का नोटिस देने के बाद से विवाद कर रहे हैं। बिल्डिंग मालिक होने के नाते कटारे बंधुओं को रेंट एग्रीमेंट में तय निर्माण कार्य कराने थे। यह निर्माण कार्य उन्होंने अब तक नहीं कराए हैं। तय निर्माण कार्य नहीं होने के कारण हॉस्पिटल के तमाम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तीन साल से अटके थे। इस कारण बिल्डिंग खाली करने का फैसला किया है। इसकी जानकारी बिल्डिंग मालिक हेमंत कटारे को अप्रैल में लिखित में नोटिस भेजकर दिया था। इसमें सिक्यूरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा 48 लाख रुपए किराए में एडजस्ट करने की बात भी कही है।
अस्पताल के सामने फिर खड़ा किया पेट्रोल टैंकर
शनिवार सुबह कटारे समर्थकों ने दोबारा अस्पताल के सामने पेट्रोल टैंकर खड़ा कर दिया। हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने बताया कि जब पेट्रोल पंप कर्मचारियों से एंबुलेंस और दूसरी गाड़ियों की पार्किंग के लिए टैंकर हटाने की बात कही, तो विधायक कटारे के भाइयों ने हॉस्पिटल कर्मचारियों को धमकाते हुए भगा दिया। इसके बाद पूरे दिन अस्पताल के सामने मरीज अपनी गाड़ी पार्क करके लिए परेशान होते रहे।

