नई दिल्ली अब आपको नया मोबाइल कनेक्शन लेने के लिए आधार कार्ड नहीं देना होगा. यानी, अब आप बिना आधार कार्ड दिए ही नया मोबाइल सिम खरीद सकेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आधार एक्ट के सेक्शन 57 को रद्द कर दिया है. यह एक्ट प्राइवेट कंपनियों के साथ डेटा साझा करने की इजाजत देता है.जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने आधार को संवैधानिक रूप से वैध बताया है, हालांकि यह भी कहा है कि निजी कंपनियां किसी भी व्यक्ति से आधार डेटा की मांग नहीं कर सकती हैं. कोर्ट के फैसले का मतलब है कि टेलीकॉम कंपनियां, ई-कॉमर्स कंपनियां, प्राइवेट बैंक और दूसरी ऐसी कंपनियां सर्विसेज के लिए ग्राहकों से बायोमीट्रिक और दूसरे डेटा नहीं मांग सकेंगी.
मोबाइल से आधार लिंक करना जरूरी नहीं-
इसके अलावा, कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि मोबाइल से आधार लिंक करना जरूरी नहीं है. कोर्ट ने कहा कि सरकार डेटा सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार का डेटा 5 साल तक नहीं रखा जा सकता है. जस्टिस सीकरी ने कहा है कि सरकार जितना जल्दी हो सके, उतनी जल्दी डेटा प्रोटेक्शन लॉ लेकर आए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आधार कार्ड पूरी तरह से सुरक्षित है. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि आधार और पैन जैसे दूसरे ID प्रूफ में मुख्य अंतर यही है कि आधार को डुप्लीकेट नहीं किया जाता है. कोई व्यक्ति दोबारा आधार बनवाने की कोशिश करे तो वह बायोमीट्रिक सिस्टम में पकड़ा जाएगा. इसलिए आधार यूनीक है.
