भोपाल। मध्यप्रदेश में सत्ता में मौदूज बीजेपी के विधायकों और मंत्रियों को हथियारों से बहुत प्रेम है। ये हम नहीं खुद विधायक और मंत्रियों द्वारा दी गई जानकारी से सामने आया है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक शिवराज सरकार के 65 विधायक रिवाल्वर और पिस्टल को अपनी शान मानते हैं। इनमें महिला विधायक भी शामिल हैं। मजे की बात तो यह है कि इनमें से कई के पास एक से अधिक हथियार हैं।
2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेताओंं ने आयोग को दिए हलफनामें ये जानकारी दी है। हालांकि, विधायकों का ये प्रेम उनके मुताबिक सिर्फ शोक है। वह किसी और मामले में इनका उपयोग नहीं करते। इनके शपथ पत्र से पता चलता है कि कई मंत्री विधायकों के पास एक से अधिक हथियार हैं आधा दर्जन पुरुष विधायक की पत्नियों के पास भी रिवाल्वर और पिस्टल हैं।
चंबल में ज्यादा शौकीन-
हथियार के मामले में चंबल पहले से देश भर में मशहू है। यहां नेता और या फिर आम जनता हर चौथे घर में हथियार मिलेगा। यहां शादी में जब तक हर्ष फायर न हो उस शादी को अधूरा माना जाता है। ऐसे में विधायक कैसे पीछे रहेंगे। ग्वालियर चंबल के 13 विधायकों के पास हथियार हैं। इनमें से कुछ तो ऐसे हैं जिनके पास एक से ज्यादा हिथायर हैं। विंध्य के छह और बुंदेलखंड के 8 विधायकों के पास हथियार हैं मालवा में सर्वाधिक 14 और मध्य भारत के 13 विधायकों ने हथियार के लाइसेंस होना स्वीकार किया है।
इन मंत्रियों को भी है हथियार का शौक-
हथियार प्रेम में सिर्फ विधायक ही आगे नहीं है। इनमें से 15 मंत्री भी ऐसे हैं जो हथियारों को अपना स्टेटस सिंबल मानते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह समेत 15 मंत्रियों ने अपने शपथपत्र में हथियार का उल्लेख किया है। इसमें गौरीशंकर शेजवार, नरोत्तम मिश्रा, गौरीशंकर बिसेन, कुसुम मेहदेले, पारस जैन, रामपाल सिंह, शरद जैन, विजय शाह, लाल सिंह आर्य, नारायण सिंह कुशवाहा, विश्वास सारंग, हर्ष सिंह, जालम सिंह पटेल और ललिता यादव शामिल हैं। मेहदेले, शाह, कुशवाहा और हर्ष के पास एक से अधिक हथियार हैं।
