मुंबई। यहां वर्ली में रविवार को शिवसेना की रैली हुई। इसमें पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि 15 लाख रुपए लोगों के खाते में आएंगे और राम मंदिर बनेगा, यह महज जुमले है। उन्होंने यह भी कहा कि जब मैं अयोध्या गया तो लोगों ने कहा कि बाला साहेब का लड़का आया है, ये तो मंदिर बनाकर ही जाएगा। 26 नवंबर को उद्धव पत्नी-बेटे के साथ अयोध्या पहुंचे थे।
लोग आप पर भरोसा नहीं करते’-
उद्धव ने अधिवेशन में सवाल किया कि जब भाजपा महज जुमलेबाजी करती है तो उस पर भरोसा कैसे कर सकते हैं? भाजपा राम मंदिर का निर्माण कैसे कर सकती है, जब तक उनके नीतीश कुमार और रामविलास पासवान जैसे सहयोगी हैं। ये लोग तो मंदिर मुद्दे का विरोध करते रहे हैं।
उद्धव के मुताबिक- वह (भाजपा) कहते हैं कि जब राम मंदिर मुद्दा आता है तो कांग्रेस इसमें टांग अड़ाती है। वह (कांग्रेस) सिर्फ इसलिए बीच में आती है कि लोगों ने आपको सत्ता देकर दंडित किया। हम मानते हैं कि आप (भाजपा) किसी भी तरह से राम मंदिर नहीं बना सकती।
शिवसेना प्रमुख ने कहा- आखिर भगवान राम की जाति के बारे में चर्चा क्यों हो रही है? अगर दूसरे धर्मों में जाति को लेकर चर्चा होती तो यह बड़ा मुद्दा बन गया होता। लेकिन हमारे यहां कोई फर्क नहीं पड़ता। यह दुखद है।
‘भाजपा राम मंदिर बनाने के लिए प्रतिबद्ध’-
भाजपा महासचिव राम माधव ने उद्धव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “राम मंदिर के निर्माण को लेकर भाजपा लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताती रही है। मामला सुप्रीम कोर्ट में है। न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आए, इसके लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। लेकिन कांग्रेस प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही है।”
‘शिवसेना को रौंदने वाला पैदा नहीं हुआ’-
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि अगर चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं हुआ तो पार्टी पूर्व सहयोगियों से रिश्ता तोड़ देगी। इस पर उद्धव ने कहा कि शिवसेना को रौंदने वाला अभी तक पैदा नहीं हुआ।
‘8 लाख सालाना से कम आय वालों को छूट क्यों नहीं’-
उद्धव ने कहा- अगर आप वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की मदद करना चाहते हैं, तो आप 8 लाख सालाना से कम आय वालों को करों के भुगतान से छूट क्यों नहीं देते? आपने आरक्षण दिया है लेकिन क्या आपने आरक्षण लागू करने के वास्तविक तरीके पर विचार किया है?
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने नवंबर को राम जन्मभूमि जाकर भगवान रामलला के दर्शन किए थे। उन्होंने कहा था कि मैं यहां राम मंदिर के लिए आया हूं। सरकार बने या न बने, राम मंदिर जल्द से जल्द बनना चाहिए। चुनाव में तो सब राम-राम करते हैं लेकिन उसके बाद आराम करते हैं। सरकार के पास ताकत है तो वह मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश क्यों नहीं लाती?
