नई दिल्ली। भारतीय सेना में अब महिलाओं की भूमिका और बढ़ने वाली है. दरअसल, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने मिलिटरी पुलिस में महिलाओं की भर्ती का फैसला लिया है. सेना के फैसला के तहत अब मिलिटरी पुलिस में 20 फीसदी महिला जवान होंगी. रक्षा मंत्री के आधिकारिक हैंडल से किए गए कई ट्वीट में कहा गया,‘हमारे सशस्त्र बलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए निर्मला सीतारमन ने पहली बार मिलिटरी पुलिस के कोर में पीबीओआर (पर्सनल बिलो ऑफिसर रैंक) भूमिका में महिलाओं को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया.’ इसमें आगे कहा गया, ‘महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से शामिल किया जाएगा, जिससे मिलिटरी पुलिस के कोर में इनकी संख्या 20 फीसदी तक हो जाएगी.’ इसमें इनकी भूमिका जरूरत पड़ने पर सेना की मदद करने से लेकर रेप व छेड़छाड़ से जुड़े मामलों की जांच करने तक होगी. इसके पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत ने भी सेना में महिलाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी की बात कही थी. हाल ही में जनरल रावत ने कहा था, 'महिलाएं पहले से ही सेना में हैं. अब हम धीरे-धीरे उन्हें अन्य कैडरों में भी लेने जा रहे हैं. हम भारतीय सेना में महिला अधिकारियों की संख्या बढ़ा रहे हैं.' जनरल रावत ने कहा था, 'सेना में महिलाएं कानून और शिक्षा के क्षेत्रों में पहले से ही हैं. मिलिटरी पुलिस में भी महिला जवान होनी चाहिए.' पिछले साल सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा था कि महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं प्रदान करने की मंजूरी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. महिलाओं को मिलिटरी पुलिस में भर्ती किया जाएगा. इसके लिए सेना ने मिलिटरी पुलिस में कम से कम 800 महिलाओं को शामिल करने की योजना तैयार की है. इसके तहत प्रति वर्ष 52 महिला जवानों को भर्ती किया जाएगा. वर्तमान में महिलाओं को सेना में चिकित्सा, कानून, शिक्षण, सिग्नल व इंजीनियरिंग जैसी शाखाओं में जाने का विकल्प मिलता है.
