कैंसर उन जानलेवा बीमारियों में से एक है जिससे कई लोग प्रभावित हैं. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर प्रिवेंशन एंड रिसर्च (National Institute of Cancer Prevention and Research) द्वारा की गयी स्टडी में पता चला कि हमारे देश में ही कैंसर के 11,57,294 नए मामले सामने आए हैं और साल 2018 में कैंसर से 7,84,821 लोगों की मौत हो गई. इस जानलेवा बीमारी का अभी तक कोई इलाज नहीं मिल सका है. लेकिन इस सिलसिले में फिलहाल एक पॉजिटिव खबर है.
टीओआई में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, कैंसर पर रिसर्च कर रहे वैज्ञानिकों के एक समूह ने कैंसर पर एक रिसर्च की है. जिसके तहत कैंसर पर प्रभावी एक वायरल ड्रग जिसमें कि कैंसर सेल्स को खत्म करने की ताकत और गांठ को श्रिंक (सिकोड़ने) करने की क्षमता है का प्रयोग चूहों पर करके देखा है. अगर यह प्रयोग सफल होता है तो यह वास्तव में एक बड़ी सफलता होगी. डॉक्टर्स और मरीज काफी लंबे समय से कैंसर के इलाज का इंतजार कर रहे हैं.
क्या कहती है स्टडी:-
कैंसर को ठीक करने के लिए वैज्ञानिकों ने एक खास तरह का वायरल स्ट्रेन (काउपॉक्स) बनाया है. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि यह पूरी तरह से कैंसर का इलाज करने में सक्षम होगा. इस ट्रीटमेंट को 'सीएफ 33' कहा जा रहा है.
कैंसर के इलाज पर यह रिसर्च अमेरिका के कैंसर विशेषज्ञ प्रोफेसर युमन फोंग द्वारा की जा रही है. इस शोध के बाद उसका टीका ऑस्ट्रेलिया में विकसित किया जा रहा है.
किस तरह करेगा काम:-
दरअसल, यह इलाज सर्दी के लिए जिम्मेदार वायरस के इर्द गिर्द किया जा रहा है. इससे पहले, संयुक्त राज्य में भी ब्रेन कैंसर मरीजों का इजाज करते वक्त इस वायरस का अध्ययन किया गया. इस स्टडी को कुछ सफलता हासिल हुई थी, इसमें शामिल कुछ मरीजों ने बताया कि इसके बाद कई सालों तक उनमें कैंसर के कोई भी लक्षण नहीं दिखे और कुछ ने यह भी कहा कि क्लिनिकल ट्रायल के दौरान गांठ सूख गई थी.
