नई दिल्ली। सरकार देशभर के गांव और कस्बों के लिए एक नए तरह का सौर चूल्हा लाने जा रही है। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने इंडोर सोलर कुकिंग सिस्टम के एक पायलट टेस्ट का काम शुरू किया है। इसके तहत सूरज की गर्मी को स्टोर कर लिया जाएगा और जब जरूरत होगी उस गर्मी का इस्तेमाल कर खाना पकाया जा सकेगा। यह पायलट टेस्ट परियोजना लेह में शुरू की गई है। परियोजना की शुरुआत इंडियन ऑयल के आरएंडडी निदेशक एसएसवी रामकुमार ने की। कम कीमत वाले सोलर कुकिंग समाधान का विकास करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील से प्रेरणा लेते हुए इंडियन ऑयल ने अमेरिकी स्टार्टअप सन बकेट सिस्टम के साथ एक करार किया है। अमेरिकी कंपनी सोलर एनर्जी आधारित उत्पादों पर काम करती है। करार के तहत एक आसान कुकिंग सिस्टम की डिजाइन तैयार की जाएगी। सिस्टम का विकास किया जाएगा और उसे बाजार में बेचा जाएगा। प्रस्तावित प्रणाली के तहत सोलर एनर्जी को हीट एनर्जी में स्टोर कर लिया जाएगा। इसके लिए एक पोर्टेबल सन बकेट का इस्तेमाल होगा। सन बकेट से घर के अंदर खाना बनाया जा सकेगा। एक सन बकेट चार लोगों के परिवार के खाने की जरूरत के लिए पर्याप्त होगा।
