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Thursday, April 30, 2020

4/30/2020 07:38:00 PM

अब WhatsApp आने वाले दिनों में आपको कर्ज भी देगा, जानिए कब होगी इसकी शुरुआत

टेक्निकल डेस्क। WhatsApp वैसे तो अपने यूजर्स के लिए अक्सर कुछ ना कुछ नए फीचर्स लेकर आता रहता है। इनमें कई बार ऐसे फीचर्स भी होते हैं जो बड़े काम के होते हैं। ऐसे ही एक फीचर पर WhatsApp काम कर रहा है लो है Payment Service। इसके लिए कंपनी काफी समय से कोशिश कर रही है और इसकी टेस्टिंग भी जारी है। इस बीच खबर है कि अपनी पेमेंट सर्विस शुरू करने के बाद कंपनी लोगों को कर्ज भी देने की तैयारी कर रही है। इस बात का खुलासा कंपनी के मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन (MoA) में हुआ है।
एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार, कंपनी ने पिछले महीने ही रेगुलेटरी फाइलिंग में में MoA बताया कि यह सर्विस संभवतः बैंकों के साथ पार्टनरशिप में शुरू की जा सकती है क्योंकि WhatsApp खुद किसी बैंकिग बिजनेस में कानून के अनुसार शामिल नहीं हो सकता। खबर में दावा किया गया है कि यह कागजात एक बिजनेस इंटेलीजेंस प्लेटफॉर्म टोफलर पर नजर आए हैं।
खबर है कि WhatsApp को आने वाले महीनों में पेमेंट बिजनेस की मंजूरी मिल जाएगी और इसी के चलते यह खबर आई है। वहीं WhatsApp हाल ही में रिलायंस जियो के साथ रिटेल बिजनेस में आगे बढ़ रही है। हालांकि, WhatsApp की इस Landing Service को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है और साथ ही फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि यह पूरी तरह कैसे काम करेगा। हालांकि, जो फाइलिंग है उसमें कही गई बातों के अनुसार क्रेडिट या एडवांस पैसे कुछ तरीकों या उपायों के तहत दिए जा सकते हैं वो भी सिक्योरिटी या बिना सिक्योरिटी के।
खबर में दावा किया गया है सूत्रों ने कहा था कि कंपनी पिछले साल इस मामले में गंभीरता से सोच रही थी लेकिन NPCI की तरफ से यूपीआई पेमेंट के लिए मंजूरी का इंतजार कर रही थी। माना जा रहा है कि कंपनी व्यापारियों को छोटे लोन दे सकती है। हालांकि, रेगुलेटरी को फिलहाल इस मामले में कोई नई सूचना नहीं मिली है। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि चीजों में तेजी आएगी। हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से खबर में कहा गया है कि NPCI सक्रियता से व्हाट्सएप को पेमेंट सर्विस की मंजूरी देने पर विचार कर रही थी लेकिन लॉकडाउन का ऐलान हो गया।

Saturday, March 28, 2020

3/28/2020 06:33:00 AM

कोरोना वायरस अब रहेगा दूर, मरीज के पास आते ही आपको अलर्ट कर देगा ये मोबाईल ऐप

फरीदाबाद (हरियाणा)। कोरोना के खिलाफ भारत समेत पूरी दुनिया जंग लड़ रही है। इस बीच, इस महामारी से बचने के उपायों को लेकर भी जद्दोजहद जारी है। भारत में कई स्तर पर प्रयोग हो रहे हैं। ताजा खबर हरियाणा के फरीदाबाद से है। यहां के जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, वाईएमसीए, के छात्रों ने ऐसा ऐप बनाने का दावा किया जो कोरोना वायरस संक्रमित के पास आने पर अलर्ट कर देता है। इतना ही नहीं, यह ऐप यह भी बताता है कि किन-किन स्थानों पर कोरोना संक्रमण का खतरा है और यूजर को वहां जाने से बचना चाहिए। जानिए इस बेहद काम के ऐप के बारे में -
जियो-फेंसिंग तकनीक का उपयोग:-
जेसी बोस विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्टार्ट-अप टीम में एमबीए के दो छात्रों ललित फौजदार तथा नितिन शर्मा ने जियो-फेंसिंग तकनीक का उपयोग करते हुए यह मोबाइल ऐप तैयार किया है। यदि कोरोना वायरस संक्रमित कोई व्यक्ति इस ऐप के 5 से 100 मीटर के दायरे में आता है तो यह अलर्ट मैसेज भेज देता है।
नाम दिया कवच, जानिए बनने के पीछे की कहानी:-
विश्वविद्यालय के एडजेंक्ट फैकल्टी अजय शर्मा के मुताबिक, इस ऐप को कवच नाम दिया गया है। ऐप अजय शर्मा की देखरेख में ही बना है। उनके मुताबिक, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 16 मार्च को कोविड-19 सोल्यूशन चैलेंज लॉच किया था और 31 मार्च तक CoronaVirus से बचाव के लिए इनोवेटिव समाधान बुलाए थे। इसी चैलेंज के तहत छात्रों ने काम किया और 10 दिन की अथक मेहनत के बाद ऐप तैयार कर लिया।
कब कर सकेंगे डाउनलोड:-
अजय शर्मा के मुताबिक, ऐप को तैयार कर इसका प्रोटोटाइप भारत सरकार के पास भेजा गया है। साथ ही ऐप को प्ले स्टोर पर उपलब्ध करवाने के लिए गूगल इंडिया को भी भेजा जा चुका है। केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद हर कोई इसे डाउनलोड कर सकेगा और CoronaVirus जैसी महामारी से बच सकेगा।

Thursday, March 5, 2020

3/05/2020 04:27:00 PM

कोरोनावायरस को लेकर अलर्ट करता है यह मोबाइल एप, ऐसे करता है काम

टेक डेस्क। चीन से शरू हुआ कोरोनावायरस भारत भी पहुंच गया है। भारत में अभी तक 29 लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हैं, जिनमें से तीन लोग खतरे से बाहर हैं, जबकि 26 लोगों का इलाज चल रहा है। कोरोनावायरस से बचने के लिए सभी देश अलर्ट हैं और तरह-तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। कोरोना से बचने के लिए दक्षिण कोरिया ने एक मोबाइल एप लॉन्च किया है जो लोगों को कोरोनावायरस के बारे में अलर्ट करता है। आइए जानते हैं कैसे काम करता है यह एप:-
साउथ कोरिया की सरकार ने Corona 100m नाम से एक मोबाइल एप लॉन्च किया है जो लोग को 100 मीटर की दूरी से ही कोरोनावायरस के बारे में अलर्ट करने में सक्षम है। इस एप को गूगल प्ले-स्टोर से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। अब सवाल यह है कि यह एप काम कैसे करता है तो आपको बता दें कि Corona 100m नाम का यह एप लोकेशन के हिसाब से अलर्ट जारी करता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी इलाके में कोरोनावायरस से संक्रमित मरीज मिला है तो उस इलाके में पहुंचने से पहले यह एप आपको अलर्ट करेगा। 
हर घंटे 20 हजार से अधिक डाउनलोड:-
यह एप कोरोनावायरस का अलर्ट देने के लिए coronavirus.app जैसी ग्लोबल वेबसाइट के आंकड़ों का इस्तेमाल करता है। गूगल प्ले-स्टोर से इस एप को हर घंटे 20 हजार लोग डाउनलोड कर रहे हैं और अभी तक इसे 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है। हालांकि कोरोनावायरस का अलर्ट देने वाले एप लॉन्च करने वाला साउथ कोरिया दुनिया का पहला देश नहीं है। इससे पहले चीन और जापान भी इस तरह के एप लॉन्च कर चुके हैं।

Sunday, March 1, 2020

3/01/2020 12:51:00 PM

क्या कोई और चला रहा है आपका फेसबुक अकाउंट?, ऐसे पता लगाएं

टेक डेस्क। फेसबुक चलाने के बाद अक्सर लोग अपना अकाउंट लॉग-आउट कना भूल जाते हैं. इससे आपकी निजी जानकारी लीक हो सकती है. इतना ही नहीं आपकी जानकारी का कोई भी गलत फायदा उठा सकता है लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. अगर आप भी अपना फेसबुक अकाउंट लॉग-इन करके भूल गए हैं तो इस आसान तरीके से किसी भी ब्राउजर से लॉग-आउट कर सकते हैं.
इतना ही नहीं इस बात का पता भी लगाया जा सकता है कि आपका फेसबुक अकाउंट कहां पर लॉग-इन हुआ है. साथ ही फेसबुक पर ही आपको उन डिवाइस की लोकेशन भी पता चल जाएगी जहां पर आपका अकाउंट लॉग-इन हुआ है. इसमें आपको टाइम और डेट के बारे में भी जानकारी मिल जाएगी. इसके लिए आपको बस कुछ स्टेप्स को फॉलो करना है.
इस तरह से करें कंप्यूटर में जानकारी प्राप्त:-
सबसे पहले किसी भी ब्राउजर में अपना फेसबुक अकाउंट लॉगइन करें.
इसके बाद अकाउंट की सेटिंग्स में जाएं.
इसके बाद एक नया पेज खुलेगा. इसके बाद लेफ्ट साइड में दिख रहे 'Security and login' ऑप्शन पर जाएं.
इसके बाद आपको 'Where you're logged in' का ऑप्शन दिखेगा. यहां पर आपको आपके फेसबुक लॉग-इन किए गए डिवाइस की पूरी जानकारी मिल जाएगी.
स्मार्टफोन में ऐसे करें जानकारी प्राप्त:-
अपना फेसबुक एप ओपन करने के बाद सेटिंग्स में जाएं.
इसके बाद 'Security and login' ऑप्शन को चुने.
यहां आपको 'Where you're logged in' का ऑप्शन दिखेगा.
इसके बाद 'See all' पर क्लिक कर दें.

Friday, February 28, 2020

2/28/2020 06:32:00 AM

10 करोड़ Android स्मार्टफोंस पर बड़ा खतरा! इन App से चोरी हो रहे हैं प्राइवेट फोटो-वीडियो जाने कैसे..?

टेक डेस्क। गूगल प्ले स्टोर पर मैलवेयर ऐप्स (google play store malware apps) का होना जैसे आम बात हो गई है. पिछले कुछ दिनों से लगातार आ रहीं ऐसी खबरों के बाद अब फिर से 10 खतरनाक ऐप्स स्पॉट की गई हैं. VPN Pro के रिसर्चर्स ने ऐसे फ्री VPN ऐप्स में खामियां पाईं है, जो यूज़र्स के बीच बहुत पॉपुलर हैं. वैसे तो VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) ऐप्स सिक्योर कनेक्शन के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स ने कुछ खतरनाक ऐप्स को लेकर एंड्रॉयड यूज़र्स (android users) को चेतावनी दी है. ये ऐप्स यूज़र्स के बीच इतने पॉपुलर हैं कि इन्हें 10 करोड़ बार डाउनलोड किया गया है.
VPNPro के रिसर्चर Jan Youngren ने बताया कि उनके एनालिसिस से पता चला है कि इन ऐप्स में ऐसी खामी है, जिससे वह यूज़र के फोन पर खतरनाक अटैक कर सकता है. इस अटैक को ‘man in the middle (MITM)’ हैक्स कहा गया है.
हैकर्स इन ऐप्स के ज़रिए यूज़र और VPN प्रोवाइडर के बीच हुई एक्टिविटी को आसानी से ट्रैक कर सकते हैं. साथ ही हैकर्स ये भी चेक कर सकते हैं कि यूज़र फोन में कब क्या कर रहा है. VPN (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) का काम यूज़र्स की एक्टिविटी प्राइवेट रखना होता है. लेकिन ये ऐप्स इसका उल्टा काम कर रहे हैं और यूज़र्स की प्राइवेसी के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं.
नीचे देखें 10 खतरनाक ऐप्स की लिस्ट:-
>>SuperVPN Free VPN Client
>>TapVPN Free VPN
>>Best Ultimate VPN - Fastest Secure Unilimited VPN
>>Korea VPN - Plugin for OpenVPN
>>Wuma VPN-PRO(Fast & Unlimited & Security)
>>VPN Unblocker Free unlimited Best Anonymous Secure
>>VPN Download: Top, Quick & Unblock Sites
>>Super VPN 2019 USA - Free VPN, Unblock Proxy VPN
>>Secure VPN-Fast VPN Free & Unlimited VPn
>>Power VPN Free VPN
प्राइवेट बातों से लेकर फोटो-वीडियो भी नहीं हैं सेफ
Youngaren ने कहा कि हमारी रिसर्च के मुताबिक अभी 10 करोड़ से ज़्यादा लोगों के क्रेडिट कार्ड की डिटेल चोरी होने का खतरा है, प्राइवेट फोटो और वीडियो भी ऑनलाइन लीक या बेचे जा सकते हैं. हर मिनट यूज़र की प्राइवेट बातें रिकॉर्ड करके सीक्रेट लोकेशन पर भेजी जा रही हैं. रिसर्चर्स का यूज़र्स से आग्रह है कि इन ऐप्स को फौरन फोन से डिलीट कर दिया जाए. रिसर्चर youngren का कहना है कि अगर आपके फोन में इन 10 ऐप्स में से कोई भी है तो उसे फौरन हटा दें.

Wednesday, February 26, 2020

2/26/2020 12:58:00 PM

दुनियाभर में बढ़ रही है सोने की कीमत, जानिए क्या है इसकी वजह और अभी कितना बढ़ सकता है दाम

टेक डेस्क। 24 फरवरी को सोने की कीमतों में दो प्रतिशत की वृद्धि के बाद इसकी कीमत अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जो फरवरी 2013 के बाद से नहीं देखी गई थी। वर्तमान में सोमवार को सोने की कीमत 1,663.06 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस थी, जो शुरुआती घंटों में 1.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस बीच, अमेरिका में सोने की वायदा बाजार में भी कीमत में एक फीसद की वृद्धि के बाद इसकी कीमत 1,665 डॉलर पर रही।
माना जा रहा है कि सोने की कीमत 1700 डॉलर के बैरियर को अगले कुछ दिनों में तोड़ सकती हैं। कई विश्लेषकों ने सोने की जबरदस्त इजाफे के बारे में कहा है कि कोरोनोवायरस के खतरे के चलते सोने की कीमतें बढ़ती रहेंगी। परंपरागत रूप से सोने के मूल्य का इक्विटी बाजार और ऐसे अन्य वित्तीय उत्पादों से उल्टा संबंध होता है। भू-राजनीतिक अनिश्चितता के समय में निवेशक अक्सर अपने पोर्टफोलियो में रखे सोने का प्रतिशत बढ़ा देते हैं और इसे एक सुरक्षित संपत्ति के रूप में देखते हैं।
मांग में तेजी के साथ सोने की कीमतों में भी तेजी आई। इसके अलावा, सरकार का अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण का उपभोक्ता विश्वास भी सोने की कीमतों को प्रभावित करने में एक बड़ा हिस्सा है। जब बाजार का भरोसा कम होता है, तो उपभोक्ता सोने को खरीदने के लिए दिलचस्पी बढ़ा लेते हैं। यही कारण है कि सोने को अक्सर 'संकट की वस्तु' कहा जाता है।
विश्लेषकों का कहना है कि वर्तमान में सोने के दाम में बढ़ोतरी की वर्तमान वजह कोरोनावायरस का खतरा है। यह चीन के वुहान से फैलना शुरू हुआ था, जो वन्‍य प्राणी, जिंदा जानवरों और समुद्री जीवों की खरीद-फरोख्त का बड़ा बाजार है। अब इस वायरस का प्रकोप जापान, साउथ कोरिया, थाईलैंड, ताइवान, वियतनाम और अमेरिका सहित 30 देशों को अपनी चपेट में ले चुका है। इस वायरस की वजह से अब तक 2,626 लोगों की मौत हो चुकी है और 79, 524 लोग वायरस से संक्रमित हैं।

Saturday, February 22, 2020

2/22/2020 05:30:00 AM

घर बैठे ऐसे करें वोटर कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई, यह है पूरा प्रोसेस

टेक डेस्क। वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय ने भी सहमति दे दी है। इसके लिए सरकार चुनाव आयोग को कानूनी शक्ति देगी। वोटर आईडी को आधार से लिंक करने पर फर्जी और डुप्लिकेट वोटरों को हटाया जा सकेगा, लेकिन यह तभी संभव है जब आपके पास वोटर कार्ड होगा तो चलिए आज हम आपको वोटर कार्ड के लिए ऑनलाइन अप्लाई करने का तरीका बताते हैं। भारत में Voter ID Card के लिए जरूरी दस्तावेज वोटर आईडी कार्ड के लिए अप्लाई करने के लिए आपको दो तरह के दस्तावेजों की जरूरत होगी जिन्हें आप स्कैन करके ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।
जन्म तारीख की पुष्टि के लिए (नीचे दी गई लिस्ट में से एक):-
जन्म प्रमाणपत्र या 10वीं का सर्टिफिकेट, भारतीय पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड सभी जरूरी कागजात इकट्ठा करने के बाद सबसे पहले नेशनल वोटर सर्विसेज पोर्टल https://www.nvsp.in/ पर जाएं। मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी के साथ रजिस्ट्रेशन करके फॉर्म के विकल्प पर क्लिक करें। अब फॉर्म 6 को चुनें और उसे ध्यान से भरें। ध्यान से अपने राज्य और विधानसभा/संसदीय क्षेत्र का चुनाव करें और नाम, उम्र और पता जैसी जरूरी जानकारी के साथ फॉर्म को भरें। फॉर्म भरने के बाद दोबारा जांच लें और फिर पेज के आखिर में सबमिट पर क्लिक करें।अब आपको लिंक के साथ एक ईमेल मिलेगा जिससे आप अपने वोटर आईडी कार्ड का एप्लिकेशन स्टेटस चेक कर सकते हैं। आपकी ऐप्लिकेशन को प्रोसेस होने और वोटर आईडी कार्ड जारी होने में करीब 30 दिन का समय भी लग सकता है। पोर्टल के अलावा आप वोटर हेल्पाइन एप से भी वोटर कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

Tuesday, February 18, 2020

2/18/2020 06:47:00 AM

आप भी घर बैठे हर महीने कमा सकते हैं 15,000 रुपये, बस करना होगा यह काम

टेक डेस्क। आज के दौर में अधिकतर लोग घर बैठे रुपये कमाना चाहते हैं। इसके लिए वह कई तरह के काम करते हैं। वहीं, दूसरी तरफ इंडस्ट्री की कई सारी कंपनियों ने अपनी ऐसी साइट्स लॉन्च की हैं, जिनके जरिए लोग घर बैठे ही पैसा कमा सकते हैं। कंपनियों के इस कदम से बहुत से लोगों को रोजगार मिलेगा। इन साइट्स के जरिए लोग घर बैठे ही 10,000 से लेकर 15,000 रुपये तक कमा सकेंगे। तो आइए इन वेबसाइट पर डालते हैं एक नजर...पीटीसी साइट पर अकाउंट बनाने से पहले जरूर जानें ये बातें 
किसी भी साइट पर रजिस्टर होने से पहले आपको उसके नियम और शर्तों के बारे में जरूर पढ़ना चाहिए, जिससे आपको बाद में किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा वेबसाइट की विश्वसनीयता की भी जांच करनी चाहिए।
Neobux:-
पीटीसी की लिस्ट में न्यूबक्स ने पहला स्थान प्राप्त किया है। लोग इस साइट में विज्ञापन पर क्लि करके पैसा कमा सकते हैं। लेकिन यह साइट लोगों को 2 डॉलर की कमाई के बाद भुगतान करती है। वहीं, लोगों की कमाई का सारा पैसा उनके अकाउंट में पहुंच जाता है।आप इस साइट में विज्ञापन क्लिक करके पैसा कमा सकते है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल लोगों ने इस साइट के जरिए हर महीने 15,000 से लेकर 20,000 रुपये तक कमाए थे। वहीं, यह साइट आपकी कमाई पेपाल के जरिए देती है।
Swagbucks:-
आप इस साइट में वीडियो देखने से सर्वे का जवाब देकर पैसा कमा सकते हैं। हालांकि, साइट आपकी कमाई आपको प्वाइंट्स की रूप में देगी। आप इन प्वाइंट्स को अमेजन जैसी साइट्स पर रीडिम कर सकते हैं।
(नोट- यह रिपोर्ट इन साइट्स पर दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। बिना शर्तों को पढ़े आगे ना बढ़ें।)

Saturday, February 8, 2020

2/08/2020 06:54:00 AM

क्या करें जब WhatsApp बैन कर दे Mobile Number

टेक्निकल डेस्क। WhatsApp उन यूजर्स को बैन कर रहा है जो उसकी पॉलिसी का उल्लंघन कर रहे हैं। बड़ी संख्या में यूजर्स के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जा चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि व्हाट्सएप द्वारा बैन किए जाने के बाद मोबाइल नंबर का क्या होता है? क्या उसे मोबाइल नंबर पर फिर से व्हाट्सएप चलाया जा सकता है? पहले जानिए WhatsApp यूजर्स को बैन क्यों करता है? यह काम ऑटोमेटेड है यानी मशीन के द्वारा उन यूजर्स को बैन किया जाता है जो गलत तरह की पोस्ट कर रहे हैं। जो यूजर्स WhatsApp के जरिए अश्लील, अपमानजनक और धमकी भरे संदेश पोस्ट करते हैं, उन्हें ऐसी कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
यदि किसी ऐसे नंबर पर ढेर सारे मैसेज भेजे जा रहे हैं, जो कॉन्टेक्ट लिस्ट में नहीं है तो भी व्हाट्सएप बैन कर सकता है। साथ ही यदि किसी के फोन में व्हाट्सएप का गलत वर्जन है तो भी बैन कर दिया जाएगा। WhatsApp द्वारा बैन किए जाने के बाद एक मैसेज आता है कि 'Your phone number is banned from using WhatsApp. Contact support for help'. यानी 'व्हाट्सएप यूज करने से आपके फोन नंबर को बैन कर दिया गया है। सहायता के लिए सपोर्ट से सम्पर्क करें।' कई मामलों में व्हाट्सएप कुछ घंटे के लिए बैन करता है, लेकिन हमेशा के लिए भी बैन लग सकता है।
WhatsApp ने नंबर बैन कर दिया है तो क्या करें:-
यदि यूजर गलती से अनऑफिशियल ऐप का इस्तेमाल करने के कारण बैन हुआ है तो ऑफिशियल ऐप इंस्टॉल कर उस पर व्हाट्सएप चलाया जा सकता है। ऐसे केस में उम्मीद है कि व्हाट्सएप पुराने मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की अनुमति दे दे।
यदि किसी आपत्तिजनक मैसेज के कारण व्हाट्सएप ने बैन किया है तो सपोर्ट पर जाकर कंपनी को ईमेल करें और अपनी गलती मानते हुए दोबारा ऐसा न होने का भरोसा दिलाए। संभव है कि व्हाट्सएप उसी नंबर को फिर उपयोग करने की अनुमति दे दे।हालांकि इसकी कोई गारंटी नहीं है। लेकिन आप लगातार 4-5 दिन में एक मैसेज करते रहे तो 2 से 3 महीने में नम्बर पर से बैन हट जाएगा। व्हाट्सएप पर अब सरकार की भी नजर है। ऐसे में उसी मोबाइन नंबर पर फिर से व्हाट्सएप चालू होने की उम्मीद कम ही होती है। एक मात्र विकल्प यही बचता है कि दूसरा मोबाइन नंबर यूज करें और अगली बार सावधान रहें।

Saturday, February 1, 2020

2/01/2020 10:05:00 AM

भारत सरकार बना रही Whatsapp जैसी अपनी ऐप, जानिए कैसे करेगी काम

मल्टीमीडिया डेस्क। पिछले साल WhatsApp में हैकर्स और वायरस अटैक की खबरें आई थीं उसके बाद इसके जैसी अन्य इंस्टेंट मैसेजिंग एप्स बाजार में नजर आने लगी थीं। हालांकि, इन सभी इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप के अलावा भारत सरकार अपनी खुद की मैसेजिंग ऐप लाने की तैयारी में नजर आ रही है। खबर है कि सरकार WhatsApp, Telegram जैसी मैसेजिंग ऐप की टेस्टिंग कर रही है। इस App को GIMs यानी गवर्नमेंट इंस्टैंट मैसेजिंग सिस्टम नाम दिया गया है।
इसकी टेस्टिंग फिलहाल ओडिशा में हो रही है और ट्रायल के तौर पर GIMs का इस्तेमाल सबसे पहले भारतीय नौसेना करेगी। सरकार इस ऐप को देश की सुरक्षा के लिहाज से टेस्ट कर रही है जिसे नेशनल इंफॉर्मेशन सेंटर केरल ने डिजाइन किया है।
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक GIMs ऐप का इस्तेमाल सरकारी कर्मचारी और सरकारी संस्थाएं आधिकारिक कंम्यूनिकेशन के लिए करेंगी। फिलहाल 17 सरकारी संस्थाएं मसलन विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय, सीबीआई, नेवी और रेलवे इसकी बीटा टेस्टिंग कर रहे हैं और 6 हजार से ज्यादा लोग इसे यूज कर रहे हैं। अब तक इस ऐप में 20 लाख से ज्यादा मैसेज जनरेट हो चुके हैं। अगर यह ऐप तैयार होकर औपचारिक रूप से सरकारी दफ्तरों और कर्मचारियों के उपयोग के लिए लागू हो जाती है तो ऐसे में WhatsApp का उपयोग सरकारी और सिक्रेट कम्यूनिकेशन के लिए बंद हो जाएगा।
दरअसल फेसबुक और व्हाट्सएप जैसी विदेशी एप के साथ बढ़ रहे सिक्योरिटी कारणों को लेकर इस एप को लॉन्च करने का फैसला लिया गया है। GIMs एप भी एंड-टू-एंड इंक्रिप्टेड होगा, हालांकि यह सिर्फ निजी चैटिंग के लिए होगा, ना कि ग्रुप के लिए।
इस ऐप के लिए पिछले साल सितंबर की शुरुआत में iOS वर्जन जारी किया गया था जो कि iOS 11 और उससे ऊपर के वर्जन के लिए था। वहीं एंड्रॉयड वर्जन पर भी काम चल रहा है।

Saturday, January 18, 2020

1/18/2020 07:47:00 AM

माइक्रोसॉफ्ट ने लॉन्च किया शानदार एप, चुटकियों में हल करेगा गणित का कोई भी सवाल

टेक डेस्क। गणित हमेशा से एक कठीन विषय माना गया है, हालांकि वास्तव में ऐसा नहीं है। जो लोग गणित में रूचि लेते हैं, वे गणित के सवाल आसानी से बना देते हैं। टेक्नोलॉजी के बढ़ने के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और पहले से तेज हो रहा है। एआई अब बहुत सारे काम करने लगे हैं जैसे कि फोन पर आपको रिप्लाई देना या फिर आपके एक कमांड पर आपकी मां को फोन लगाना। 
एआई अब उन बच्चों की भी मदद करेगा जिन्हें गणित से डर लगता है और गणित के सवाल को हल करने में परेशानी होती है। इसके लिए माइक्रोसॉफ्ट ने एआई आधारित एक एप लॉन्च किया है जिसका नाम माइक्रोसॉफ्ट मैथ सोल्वर (Microsoft Math Solver) है। आइए जानते हैं इस एप के बारे में...

Microsoft Math Solver के फीचर्स:-
माइक्रोसॉफ्ट ने अपने इस एप को एंड्रॉयड और आईफोन दोनों यूजर्स के लिए जारी कर दिया है। इस एप में एआई का सपोर्ट है। ऐसे में यह इंटरनेट से ही काम करेगा। इसमें गणित के कई सारे कॉन्सेप्ट और सूत्र अपलोडेड हैं। एप में प्राथमिक अंकगणितीय और द्विघात समीकरणों से लेकर अवधारणाओं की एक विस्तृत श्रृंखला दी गई है। माइक्रोसॉफ्ट मैथ सोल्वर एप में ड्रॉ करके भी सवाल का हल प्राप्त कर सकते हैं। 
इसके अलावा इसमें स्कैन करने और टाइपिंग की भी सुविधा है। इस एप को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि छात्रों को किसी सवाल का जवाब स्टेप-बाय-स्टेप में मिलेगा। मैथ सोल्वर एप में वैज्ञानिक कैलकुलेटर भी दिया गया है। इस एप में आप सवाल को हल करने का तरीका भी सीख सकते हैं।

मिलेगा 22 भाषाओं का सपोर्ट:-
माइक्रोसॉफ्ट ने छात्रों की सहूलियत के लिए इस एप में 22 भाषाओं का सपोर्ट दिया है जिसमें हिंदी, आसामी, बंगाली, गुजराती, मराठी, कन्नड़, पंजाबी और तमिल जैसी भाषाएं शामिल हैं। इस एप में स्पैनिश रशियन भाषाएं भी हैं। इस एप में वीडियो ट्योटोरियल और वर्कशीट भी मिलेगी।
क्या-क्या कर सकता है ऐप्प:-
यह एप तमाम तरह के सवालों के जवाब दे सकता है जिनमें अंकगणित, कंप्लेक्स नंबर, लघुत्तम समापवर्तक, फैक्टर्स, प्री-अलजेब्रा, मैट्रिक्स, अलजेब्रा, सीमा और परमुटेशन-कॉम्बिनेशन जैसे विषय के सवाल शामिल होंगे। इस एप को गूगल प्ले-स्टोर और एपल के एप से फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है।

Wednesday, January 1, 2020

1/01/2020 07:17:00 AM

सावधान : यदि आप जीमेल यूज करते हैं तो आपके लिए संभावित खतरा

टेक डेस्क। अगर आप गूगल के Gmail का प्रयोग करते हैं और उसे सिक्योर समझते हैं तो संभल जाइए। गूगल के Gmail पर एक ऐसे बग का पता चला है, जो प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। हो सकता है कि इस बग के कारण आपके ई-मेल किसी और के पास जा रहे हों।
इस बग के कारण आपकी प्राइवेसी को तो खतरा है ही, साथ ही आपकी फाइनेंशियल इंफोर्मेशन लीक होने का डर भी है। आपके बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, सैलरी स्लिप या अन्य डेटा किसी दूसरे व्यक्ति के पास जा सकता है। यह सब आईडी में एक डॉट (.) के कारण हो रहा है। अगर आपके ई-मेल आईडी में डॉट (.) लगा है और आपके जैसे ही नाम की किसी आईडी में डॉट (.) नहीं लगा है तो आपके मेल उस आईडी पर जा रहे हैं। यानी आपके ई-मेल्स कोई और भी पढ़ रहा है। 
मा‍न लीजिए एक आईडी:- ABC.XYZ@gmail.com और दूसरी आईडी ABCXYZ@gmail.com नाम से बनी हुई है तो ABC.XYZ@gmail.comके नाम पर भेजे जाने वाले ईमेल ABCXYZ@gmail.com पर मिल रहे हैं। अमेरिका में रहने वाले विनोद जैन ने बताया कि उनके ईमेल पर मुंबई में रहने वाले विनोद जैन की सैलरी स्लिप तथा बैंक अकाउंट से जुड़ी इंफार्मेशन आ रही है।
इसी तरह इंदौर से भी कई जीमेल यूजर्स ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें भी इसी तरह के ईमेल्स आ रहे हैं। एक साल पहले ही बग की बड़ी गड़बड़ी सामने आ चुकी है, लेकिन गूगल द्वारा इस बग को फिक्स न करना हैरान करने वाला है।
फाइनेंशियल प्राइवेसी हो सकती है लीक:-
डिजिटलाइजेशन होने पर अब अधिकांश कॉर्पोरेट्‍स कं‍पनियां अपने एंप्लाई की सैलरी स्लिप भी ई-मेल्स के जरिए भेजती हैं। इससे बग के कारण फाइनेंशियल जानकारियां लीक होने का भी खतरा है। इसी तरह से मोबाइल वॉलेट के ट्रांजेक्शन की सूचना भी रजिस्टर्ड ईमेल पर ही आती है। उदाहरण के तौर पर वाहनों के लिए टोल चुकाने के लिए फास्टैग के लेनदेन जैसी अनेक जानकारियां अब ईमेल पर मिलती हैं।
गूगल को शिकायत:-
कई यूजर्स ने बग के कारण G-mail में हो रही बड़ी गड़बड़ी की शिकायत गूगल की सपोर्ट टीम को भी की है। एक यूजर्स ने शिकायत करते हुए लिखा कि मुझे कुछ मेल्स दूसरी आईडी के भी मिले। इसके अतिरिक्त यूजर्स ने यह भी बताया कि जब उन्होंने बिना डॉट (.) के आईडी लॉगइन की तो वे दूसरे के आईडी पर आसानी से पहुंच गए।
गूगल बता रहा है यूजर की गलती:-
गूगल इस पर यूजर की गलती बता रहा है। गूगल का कहना है कि जीमेल में डॉट (.) को ई-मेल आईडी का हिस्सा नहीं माना जाता है। गूगल का कहना था कि मिलते-जुलते नामों से डुप्लीकेट ई-मेल आईडी नहीं बनाई जा सकती है। गूगल का कहना था कि आपको दूसरे की आईडी के ई-मेल्स नहीं मिल रहे हैं बल्कि ये सेंडर द्वारा गलत ई-मेल आईडी पर भेज दिए गए हैं।
क्या कहते हैं आईटी एक्सपर्ट्‍स:-
वेबदुनिया के असिस्टेंट जनरल मैनेजर (आईटी) गौरव व्यास का कहना है कि गूगल कहता है कि उसके प्लेटफॉर्म पर सारे ई-मेल आईडी यूनिक है, लेकिन कुछ मेल्स जो किसी के नाम को रिसेम्बल करते हुए आते हैं उनसे लगता है कि कहीं ना कहीं कुछ ‍गड़बड़ है।
बहुत सारे यूजर्स ने रिपोर्ट किया है कि उन्हें किसी ओर की मेल्स आ रही हैं वो भी पर्सनल डेटा के साथ और वो भी केवल एक जैसे नामों से। गूगल को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना होगा। यूजर्स को भी अपनी पर्सनल और ऑफिशयल इन्फोर्मेशन फ्री मेलिंग सॉल्यूशन पर शेयर करने से बचना चाहिए। इससे आपके डेटा का उपयोग किया जा सकता है।
आईटी से ही जुड़े निशांत दीक्षित का कहना है कि तकनीकी रूप से तो ऐसा नहीं हो सकता है। मिलते-जुलते नामों के आईडी से मेल्स एक-दूसरे के पास जा रहे हों तो सर्विस प्रोवाडर की बड़ी तकनीकी खामी है। यह यूजर्स की प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा हो सकती है।
ऐसे करें बचाव:- 
सावधानी के लिए आवश्यक है कि समय-समय पर ई-मेल आईडी का पासवर्ड बदलते रहें और टू फैक्टर अथॉन्टिकेशन फीचर का प्रयोग करें। 
क्या आपके साथ भी हुई है गड़बड़ी:-
अगर आपके ई-मेल आईडी से भी इस प्रकार की गड़बड़ी हो रही हो तो हमें जरूर बताएं। इस संबंध में अगर आपने गूगल को भी शिकायत की हो तो उसकी जानकारी भी हमारे साथ साझा करें जिससे हम संबंधित फोरम पर आपकी समस्या को उठा सकें।

Tuesday, December 31, 2019

12/31/2019 08:49:00 AM

अब व्हाट्सएप्प चलाये अपने लैंडलाइन फोन नंबर से जाने क्या है तरीका

टेक डेस्क। सोशल मैसेजिंग ऐप के बारे में बोलते ही व्हाट्सएप्प का नाम सबसे पहले आता है भारत समेत पूरी दुनिया में इसकी लोकप्रियता को लेकर कोई संदेह नहीं है आज के समय में हर वो इन्सान जिसके पास स्मार्टफोन है तो 99 प्रतिशत सम्भावना है की उसके फ़ोन में व्हाट्सएप्प मैसेजिंग ऐप जरुर इनस्टॉल होगा और ज्यादातर लोग इसी एप्प के जरिये अपने जान-पहचान के लोगो से सम्पर्क में रहते है क्युकि व्हाट्सएप्प सिर्फ चैटिंग एप्प ही नहीं है इसी के साथ ये आपको वॉयस और वीडियो कॉल करने की सुविधा भी देता है।
आप चाहे जितने समय से व्हाट्सएप्प का इस्तेमाल कर रहे हो लेकिन आप में से ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे कि व्हाट्सएप्प को लैंडलाइन नम्बर से भी चलाया जा सकता है अगर आप अपना निजी नंबर किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहते तो आप अपने व्हाट्सएप्प को लैंडलाइन नम्बर के जरिये भी चला सकते है।
लैंडलाइन नंबर से व्हाट्सएप्प इस्तेमाल करने का तरीका:-
व्हाट्सएप्प को लैंडलाइन नम्बर के जरिये यूज़ करने के लिए आपको व्हाट्सएप्प की जगह व्हाट्सएप्प बिज़नेस एप्प को डाउनलोड करना होगा जिसके जरिये आप लैंडलाइन नम्बर के जरिये व्हाट्सएप्प को इस्तेमाल कर पाएगे डाउनलोड करने के बाद जब व्हाट्सएप्प आपको मोबाइल नम्बर डालने को बोलेगा उस समय आप वहा अपना लैंडलाइन नम्बर डाले उसके बाद ओके पर क्लिक कर दे।
व्हाट्सएप्प पहले आपके पास एक SMS सेंड करता है लेकिन अब लैंडलाइन नम्बर पे तो ये आने से रहा तो वहा घबराने की जरूरत नही है लगभग एक मिनट के बाद आपको रिसेंड SMS या कॉल मी नामक दो आप्शन मिलेगे जिसमे से कॉल मी को सेलेक्ट करे तब आपके लैंडलाइन नम्बर पर एक कॉल आएगी जो एक आटोमेटिक वॉयस कॉल होती है इसमे आपको 6 अंको वाला वेरिफिकेशन कोड बताया जाएगा इस वेरिफिकेशन कोड को व्हाट्सएप्प में डाल दे उसके बाद आपका व्हाट्सएप्प अकाउंट आपके लैंडलाइन नम्बर पर सेटअप हो जाएगा।

Sunday, December 22, 2019

12/22/2019 06:46:00 AM

इन तरीकों से बढ़ा सकते है अपने मोबाईल की बैटरी लाइफ

टेक डेस्क।  मोबाइल हमारे जीवन का अहम हिस्सा बन गया है। आज हम मोबाइल के बिना एक पल नही रह सकते आज हर काम मोबाइल से हो रहा है। लेकिन कितना भी महंगा फोन क्यो ना हो उसमे चार्जिंग के जरूरत हमेशा होती है। आज कल हम लोग हमेशा मोबाइल की बैटरी दिन भर में ही खत्म कर देते है। इन कारणों से मोबाइल की बैटरी जल्दी लौ हो जाता है।
लेकिन कुछ ऐसे तरीका है जिससे आप मोबाइल की बैटरी लाइफ बढ़ा सकते है।
1. हम लोग सभी एक गलती करते है मोबाइल को हमेशा 100%चार्ज करते है। जिससे मोबाइल का चार्ज जल्दी खत्म हो जाता है क्योंकि 100% चार्ज होने से मोबाइल गर्म हो जाता है इससे मोबाइल की बैटरी जल्दी बैठ जाता है इसलिए मोबाइल हमेशा 80% तक ही चार्ज करे।
2.मोबाइल का डिसप्ले लाइट जरूरत पड़ने पर ही बढ़ाये। मोबाइल का डिसप्ले लाइट बहुत बैटरी लेती है। इसलिए डिसप्ले लाइट कम रखे।
3. मोबाइल के डिसप्ले में कभी भी 3d इमेज ना रखे 3d इमेज भी बैटरी बहुत लेती है।
4. कुछ लोग मोबाइल का कीबोर्ड वाइब्रेंट मोड में रखता है इससे भी मोबाइल की बैटरी बहुत खपत होती है। कीबोर्ड को वाइब्रेंट मोड में ना रखे।
तो इन तरीकों को अपना कर अपनी बैटरी लाइफ और साथ मे मोबाइल की भी लाइफ को बढ़ा सकते है।

Friday, December 20, 2019

12/20/2019 09:14:00 AM

जियो यूजर्स अभी भी पुराने प्रीपेड प्लान से करा सकते हैं रीचार्ज, ये है तरीका

टेक डेस्क। रिलायंस जियो ने छह दिसंबर को अपने सभी प्लान अपडेट कर दिए थे। जिसके बाद जियो के प्रीपेड प्लान करीब 39 फीसदी तक महंगे हुए। हालांकि, अभी भी जियो के पुराने प्रीपेड प्लान से रीचार्ज करने का एक तरीका है। इसके पीछे की वजह ट्राई का टैरिफ प्रोटेक्शन कंप्लायंस है। इसके तहत, टेलीकॉन कंपनियों को किसी भी टैरिफ प्लान को कम से कम छह महीने के लिए उपलब्ध रखना होता है। अन्य टेलीकॉम ऑपरेटर्स भी इसका पालन करती हैं, लेकिन जियो के मुकाबले उनके पुराने प्लान्स एक्सेस कर पाना आसान नहीं है।
इस तरह कराएं रीचार्ज जियो के पुराने प्लान के लिए आपको अपने जियो अकाउंट में लॉगइन करना होगा। लॉगइन करने के बाद जियो नंबर वाले बॉक्स के पास मौजूद सेटिंग्स आइकन पर क्लिक करिए। क्लिक करने पर आपके टैरिफ प्रोटेक्शन का ऑप्शन दिखेगा। इस पर क्लिक करने पर पुराने प्रीपेड प्लान्स की लिस्ट आ जाएगी, यहां आप अपना पसंदीदा प्लान सेलेक्ट कर उससे रीचार्ज करा सकते हैं।
कोई एक्टिव प्लान न होना जरूरी हालांकि, यहां एक बात ध्यान में रखने वाली यह है कि टैरिफ प्रोटेक्शन ऑप्शन तभी काम करेगा जब आपके नंबर पर कोई एक्टिव प्लान न हो। अगर आपके नंबर पर कोई प्लान एक्टिव होगा तो आप इस सुविधा का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

Thursday, December 12, 2019

12/12/2019 07:51:00 AM

यदि आपके भी झड़ रहे है सर के बाल ना हों परेशान, यह तकनीक है आपके लिए कारगर

Hair Fall Treatment:- अगर आप के बाल गिर रहे हैं या टूट रहे हैं तो यह समाचार आप के लिए है। जी हां, अगर सही से खानपान नहीं रखा या बीपी और थाइराइड नियंत्रित नहीं रहा तो 35 वर्ष के बाद बाल टूटने या गिरने लगते हैं और व्यक्ति धीरे-धीरे गंजा हो जाता है। कहीं कहीं टुकड़ों में गंजापन फैल जाता है और देखते ही देखते सिर से बाल कम हो जाते हैं। ऐसे में बाल झड़ने और टूटने से बचने के लिए लोगों को मिजो डरमा रोलर की तकनीक से काफी मदद मिल सकती है। यह तकनीक बालों को काफी मजबूत बनाने के साथ ही गंजेपन से भी लोगों को बचाने में इन दिनों कारगर सिद्ध हो रही है।
सिर से कम होते बाल इन दिनों अधिक उम्र वालों के लिए कम और युवाआें के लिए अधिक चिंता का सबब बन रहा है। युवाओं के बीच इन दिनों सिर से कम हो रहे बालों की समस्‍या को लेकर चिंता अधिक हो रही है। सर्वाधित चिंता 30 से 40 साल तक के युवाओं के लिए इन दिनों सामने आ रही है। कंधे पर गिरते बाल इस उम्र वालों को अधिक परेशान कर रहे हैं। वहीं नहाते समय सिर के बाल धाेते समय हाथों में टूटकर आने से लोगों की चिंता निदान तक आते - आते बड़ी समस्‍या भी बन जा रही है।
ट्राइकोलाजिस्ट (ऐसे विशेषज्ञ जो बालों की जड़ों और लंबाई बढ़ाने के लिए कार्यरत हो) मधुलिका सिंह का कहना है कि जब आप के बाल गंदे और उसमें ड्रेंडफ होगा तो वे टूटने के साथ गिरेंगे भी। समय रहते इन पर ध्यान दिया जाए जो गंजा होने से बचा जा सकता है। बालों की समस्या 80 प्रतिशत खोपड़ी की ऊपरी परत में होता है। मिजो डरमा रोलर तकनीक में सबसे पहले खोपड़ी के खराब ऊपरी त्वचा को साफ किया जाता है। उसके बार डेंड्रफ को समाप्त किया जाता है। सात से आठ सीटिंग के बाद व्यक्ति को फर्क दिखने लगता है।
अमूमन दूसरे अन्‍य खर्चीले उपायों से यह उपाय काफी सरल और सस्‍ता होने से लोगों के बीच काफी लोकप्रिय भी हो रहा है। वहीं युवाओं के बीच यह उपचार की तकनीक काफी हद तक चर्चा में है। सुरक्षित होने और काफी किफायती होने के साथ ही कम समय लेने की वजह से भी यह काफी लाभदायक है। हालांकि इसके लिए सतर्क रहने की जरूरत है कि बालों के झड़ने और टूटने की शुरुआत होते ही उपचार शुरू हो जाए ताकि जल्‍द ही बालों को होने से वाले स्‍थाई नुकसान से रोका जा सके।

Wednesday, December 11, 2019

12/11/2019 07:30:00 AM

Airtel ने लॉन्च की नई सर्विस, फ्री में कर सकेंगे कॉलिंग, ऐसे करें सेटिंग

टेक डेस्क। नए टैरिफ प्लान लागू करने के बाद एयरटेल इंडिया ने अपनी वाई-फाई सर्विस लॉन्च की है। एयरटेल ने अपनी इस नई सेवा को Airtel Wi-Fi Calling नाम दिया है। एयरटेल की इस वाई-फाई कॉलिंग की खास बात यह है कि यूजर्स फ्री में इंटरनेट के जरिए लोगों से फोन पर बात कर सकेंगे। आइए सेटिंग करने का तरीका जानते हैं। साथ ही यह भी जानेंगे कि कौन-कौन से फोन में वाई-फाई कॉलिंग सपोर्ट करती है....
क्या है वाई-फाई कॉलिंग:-
वाई-फाई कॉलिंग को वॉयस ओवर वाई-फाई या VoWiFi वाई-फाई भी कहा जाता है। WiFi के जरिए आप होम वाई-फाई, पब्लिक वाई-फाई और वाई-फाई हॉटस्पॉट की मदद से कॉलिंग कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर यदि आपके मोबाइल में नेटवर्क नहीं है तो आप किसी वाई-फाई या किसी से हॉटस्पॉट लेकर फोन पर आराम से बात कर सकते हैं। VoWiFi का सबसे बड़ा फायदा रोमिंग में होता है, क्योंकि आप किसी भी वाई-फाई के जरिए फ्री में बातें कर सकते हैं।
क्या आपका फोन वाई-फाई कॉलिंग को सपोर्ट करता है:-
आपमें से कई लोग होंगे जिनके पास पुराना फोन होगा। ऐसे में हो सकता है कि आपके फोन में वाई-फाई कॉलिंग की सुविधा ना हो। यदि आपके पास एयरटेल का सिम कार्ड है तो आपके पास एक मैसेज भी आया होगा। यदि आपके पास कोई मैसेज नहीं आया है तो आपको बता दें कि एयरटेल की वाई-फाई कॉलिंग फिलहाल वनप्लस, शाओमी, एपल और सैमसंग के कुछ चुनिंदा स्मार्टफोन पर ही उपलब्ध है। बता दें कि Airtel की वाई-फाई कॉलिंग सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में ही उपलब्ध है। इसके अलावा यह वाई-फाई फिलहाल एयरटेल एक्स्ट्रीम फाइबर होम ब्रॉडबैंड के साथ ही मिल रही है। जल्द ही किसी भी वाई-फाई और हॉटस्पॉट के लिए इसे उपलब्ध कराया जाएगा।
कौन-कौन से फोन में है वाई-फाई कॉलिंग का सपोर्ट:-
सैमसंग फोन की बात करें तो गैलेक्सी जे6, सैमसंग ऑन 6, सैमसंग गैलेक्सी एम30एस और गैलेक्सी ए10एस में फिलहाल वाई-फाई कॉलिंग का सपोर्ट मिल रहा है, वहीं शाओमी के पोको एफ1, रेडमी के20 और रेडमी के20 प्रो में और वनप्लस के वनप्लस 7, वनप्लस 7 प्रो, वनप्लस 7टी, वनप्लस 7टी प्रो में Airtel Wi-Fi Calling का सपोर्ट मिल रहा है। वहीं एपल के आईफोन 6एस के बाद के सभी आईफोन में इसका सपोर्ट मिल रहा है। 
WiFi कॉलिंग के लिए ऐसे करें सेटिंग:-
WiFi कॉलिंग तभी कर पाएंगे जब आपका स्मार्टफोन WiFi कॉलिंग को सपोर्ट करने वाला होगा। फोन की सेटिंग्स में नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर आप इसे चेक कर सकते हैं। यदि आपके फोन के नेटवर्क सेटिंग में वाई-फाई कॉलिंग का ऑप्शन दिख रहा है तो उसे ऑन करके आप WiFi कॉलिंग कर सकते हैं। अपने फोन में इस लिंक पर क्लिक करके भी आप वाई-फाई कॉलिंग के लिए सेटिंग्स कर सकते हैं। airtel.in/wifi-calling

Sunday, November 17, 2019

11/17/2019 05:46:00 PM

बदल गया WhatsApp का डिजाइन, देखें ऐप का कैसा होगा नया लुक

वॉट्सऐप (WhatsApp) ने अपने लेटेस्ट बीटा (Latest Beta) में नया अपडेट पेश किया है, जिससे ऐप रीडिजाइन (redesign) की गई है. कंपनी ने अपनी इसी साल अपनी ऐप में 'WhatsApp from facebook' टैग जोड़ा था, लेकिन अब इसे बड़े बदलकर ‘WhatsApp from FACEBOOK’ कर दिया गया है. दी गई फोटो पर गौर करें तो तो पहले जहां ये छोटे अक्षरों में था, अब इसे कैपिटल (बड़े अक्षरों) लेटर्स में कर दिया गया है.
दरअसल फेसबुक ने हाल ही में अपने कंपनी के लोगो में बदलाव किए हैं. अब फेसबुक कंपनी को बड़े अक्षरों ‘FACEBOOK’ और फेसबुक ऐप को छोटे अक्षर ‘facebook’ की तरह कर दिया है. इसीलिए वॉट्सऐप में भी इसे रिब्रैंड किया गया है.
WABetaInfo की रिपोर्ट के मुताबिक वॉट्सऐप का ये नया रूप iOS WhatsApp बिज़नेस ऐप के बीटा 2.19.120.11 के लिए है. दूसरी तरफ एंड्रॉयड के लिए ये अपडेट 2.19.331 बीटा वर्जन के लिए है. WABetaInfo ने इस नए अपडेट की फोटो शेयर की है, जिसमें देखा जा सकता है कि ये अब कैसा दिखेगा.
बदलेगा कैमरा आइकन:-
इससे पहले WABetaInfo ने कैमरा आइकन में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी दी थी. बताया गया था कि वॉट्सऐप में नए कैमरे आइकन (New Camera Icon) को ऐड किया गया है. हालांकि यह पहले के वर्ज़न से ज्यादा अलग नहीं होगा. वॉट्सऐप का यह नया कैमरा आइकन स्टेटस टैब में देखा गया है.
इसके अलावा चैट बार के कैमरा आइकन को भी बदला गया है. इस आइकन में बैकग्राउंड में एक बड़ा ग्रीन शेड होगा. जानकारी के मुताबिक ये एंड्रॉयड वॉट्सऐप बीटा अपडेट 2.19.328 के लिए पेश किया गया है. 
11/17/2019 05:37:00 PM

Xiaomi के डुअल कैमरे, 4000 mAh बैटरी वाले इस फोन पर पाएं 12,000 की छूट, कल तक है सेल

टेक्निकल। लोगों के बीच पॉपुलैरिटी को देखते हुए शियोमी ने (Xiaomi) फिर एमआई सुपर सेल(Mi Super Sale) का आयोजन किया है. इस सेल का आज (17 नवंबर) चौथा दिन है. सेल की शुरुआत 14 नवंबर को हुई थी. सेल में ग्राहक शियोमी के स्मार्टफोन्स पर भारी डिस्काउंट पा सकते हैं. शियोमी के ऑफिशियल वेबसाइट दी गई जानकारी के मुताबिक इस सेल में फोन पर 12,000 रुपये तक की छूट दी जा रही है. आइए किस फोन को 12,000 सस्ते में घर ला सकते हैं...
शियोमी के Poco F1 को 12 हज़ार रुपये तक के डिस्काउंट पर खरीदा जा सकता है. सेल में इस फोन को 21,999 रुपये के बजाए सिर्फ 14,999 रुपये में खरीदा जा सकता है.
Poco F1 के फीचर्स:-
पोको F1 में 6.18 इंच का डिस्प्ले है, जो 2.5D कर्व्ड गोरिल्ला ग्लास प्रोटेक्शन के साथ आता है. ये फोन क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 845 प्रोसेसर पर काम करता है, जो लिक्विड कूल टेक्नोलॉजी के साथ आता है. Poco F1 को तीन वैरिएंट ग्रेफाइट ब्लैक, स्टील ब्लू और रॉस रेड में लॉन्च किया गया है.
डुअल कैमरे से लैस:-
फोटोग्राफी के लिए फोन में डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें प्राइमरी 12 मेगापिक्सल का सोनी आईएमएक्स 365 और 5 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा मौजूद है. फ्रंच कैमरे की बात करें तो सेल्फी के लिए फोन में 20 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा है, जो एचडीआर और एआई ब्यूटी फीचर से लैस है.
इसके अलवा फोन में फेस अनलॉक के लिए इसमें इंफ्रारेड लाइट दिया गया है कैमरे के नीचे फिंगरप्रिंट सेंसर दिया गया है. पॉवर के लिए Poco F1 में 4000 mAh की बैटरी दी गई है जो कि क्विक चार्ज 3.0 को सपॉर्ट करती है.

Thursday, November 14, 2019

11/14/2019 06:10:00 PM

आप आसानी से घर बैठे बनावा सकेंगे पासपोर्ट, बस फॉलो करने होंगे ये स्टेप्स

टेक डेस्क। वैसे तो विदेश जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत पड़ती है। इसके लिए लोग खूब सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन इससे उनका सिर्फ समय बर्बाद होता है। वहीं, दूसरी तरफ कई लोग पासपोर्ट बनवाने के लिए एजेंट का सहारा लेते हैं, लेकिन फिर भी कई बार उनका काम नहीं हो पाता है। तो हम आपको ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं, जिससे आप घर बैठे ही पासपोर्ट के लिए आवेदन कर सकेंगे। तो आइए जानते है कैसे आप ऑनलाइन पासपोर्ट बनावा सकते हैं...
पासपोर्ट के लिए जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
वोटर आईडी
पैन कार्ड
जन्म प्रमाण पत्र
ड्राइविंग लाइसेंसपासपोर्ट के आवेदन के लिए सबसे पहले आपको सरकार की पासपोर्ट सेवा की आधिकारिक वेबसाइट https://portal1.passportindia.gov.in/ पर जाना होगा। साइट पर जाने के बाद आपको बायीं ओर New User Registration के ऑप्शन क्लिक करना होगा। इसके बाद आपसे नाम और जन्म तारीख जैसी कुछ जानकारी पूछी जाएगी। साथ ही आपको नजदीकी पासपोर्ट ऑफिस को चुनना होगा।इसके बाद आपको लॉग इन करने के लिए आईडी और पासवर्ड बनाने होंगे। इसके बाद आपकी ई-मेल आइडी पर Conformation वाला मेल आएगा। अब आपको इसपर क्लिक कर एक्टिवेट करना पड़ेगा।एक बार फिर से आपके पास एक मेल और आएगा, जिसमें आपसे एक्टिवेशन के बारे में पूछा जाएगा और आपको 1,500 रुपये का पेमेंट करना होगा, वहीं यदि आप 60 पन्नों वाला पासपोर्ट बनवाना चाह रहे हैं तो आपको दो हजार रुपये देने होंगे। इसके बाद सेंटर पर जाकर आपको डॉक्यूमेंट का वेरिफिकेशन कराना होगा और फिर पुलिस वेरिफिकेशन भी होगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद करीब एक महीने के अंदर आपके डाक पते पर आपका पासपोर्ट डाक के जरिए पहुंच जाएगा। घर पर पहुंचने से पहले आप अपने पासपोर्ट का ऑनलाइन स्टेटस भी चेक कर सकेंगे।