मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में एक चौकी प्रभारी को लोकयुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। एक्सीडेंट में वाहन मालिक का नाम एफआईआर में दर्ज करने के नाम पर रिश्वत मांगी जा रही थी, जिसकी शिकायत इंदौर लोकायुक्त तक पहुंची थी। जिसके बाद मंगलवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोप चौकी प्रभारी को रंगेहाथों पकड़ लिया।
दरअसल नगर के थाना परिसर में मंगलवार को काकड़दा चौकी प्रभारी को इंदौर लोकायुक्त टीम ने दस हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा। लोकायुक्त के डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि चौकी प्रभारी कैलाश छगनलाल डांगी द्वारा फरियादी आशापुर निवासी कन्हैयालाल पिता सीताराम जिराती से 20 हजार की रिश्वत की मांग की गई थी। आरोपी उपनिरीक्षक के विरूद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगामी कार्यवाही की गई है।
यह है पूरा मामला:-
प्राप्त जानकारी के अनुसार,यह रिश्वत आवेदक की उसके ताऊजी के बेटे दीपक पिता श्रीराम जिराती (28) की 2 दिसंबर को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसकी एफआईआर उसी दिन काकड़दा चौकी में दर्ज हुई थी। यह रिपोर्ट अज्ञात व्यक्ति के नाम दर्ज थी।
आरोपित उप निरीक्षक द्वारा दुर्घटना में वाहन का पता चल जाने पर ज्ञात व्यक्ति के नाम रिपोर्ट करना थी, जिसके लिए आरोपित चौकी प्रभारी ने आवेदक कन्हैयालाल से 20 हजार रुपए की मांग की। मंगलवार शाम आवेदक से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी डांगी को इंदौर से आई लोकायुक्त टीम ने थाना परिसर में पकड़ लिया। कार्यवाही में निरीक्षक आशा शेजकर, विजय चौधरी, आरक्षक कमलेश परिहार, शैलेंद्र, शिवप्रकाश पाराशर आदि शामिल थे।
