भोपाल. फायर सर्विस मुख्यालय में पदस्थ एडीजी (ADG) शैलेष सिंह के बंगले पर एक आरक्षक द्वारा खुदकुशी की कोशिश के बाद तमाम आरक्षकों की पत्नियां एडीजी शैलेष सिंह की शिकायत लेकर शनिवार को कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा के बंगले पहुंच गईं. मंत्री पीसी शर्मा को अपनी आपबीती सुनाते-सुनाते आरक्षकों की पत्नियां भावुक हो गईं. सभी ने एडीजी शैलेष सिंह को हटाने की मांग की है. मंत्री पीसी शर्मा ने इस मामले में गृहमंत्री बाला बच्चन से बातचीत कर जांच का भरोसा दिया है.
एडीजी पर लगाया प्रताड़ना का आरोप:-
आरक्षकों की पत्नियों ने एडीजी शैलेष सिंह पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए कहा कि वो आरक्षकों से बंगले पर झाड़ू लगवाने और टॉयलेट साफ करवाने जैसे काम करवाते हैं. साथ ही ड्यूटी भी 14 से 16 घंटे करवाते हैं. 2 दिन पहले ही आरक्षक अभिजीत ने इस प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की कोशिश की, जिसका हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है.
रो पड़ी आरक्षकों की पत्नियां:-
जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा से एडीजी शैलेष सिंह की शिकायत करने पहुंची आरक्षकों की पत्नियां आपबीती सुनाते सुनाते भावुक हो गईं. इनकी मानें तो उनके पति रोजाना घर में एडीजी की प्रताड़ना के बारे में बताते हैं. खुदकुशी की कोशिश करने वाले आरक्षक अभिजीत की पत्नी आरती दुबे ने न्यूज़ 18 को बताया कि उनका परिवार ब्राह्मण है फिर भी उनके पति से एडीजी नॉनवेज बनवाते हैं. साथ ही झाड़ू लगवाने से लेकर टॉयलेट साफ करवाने जैसे काम भी उनसे कराए जाते हैं. एक और आरक्षक की पत्नी पूजा खांडेकर ने बताया कि उनके पति से 14 से 16 घंटे काम करवाया जा रहा है. महिलाओं का आरोप था कि पहले के किसी भी अधिकारी ने इतना प्रताड़ित नहीं किया जितना मौजूदा एडीजी शैलेष सिंह कर रहे हैं.
मंत्रियों ने दिया जांच का भरोसा:-
एडीजी शैलेष सिंह का मामला सामने आने के बाद मंत्रियों ने जांच का भरोसा दिया है. जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने कहा है कि वो इस मामले में गृहमंत्री से बात करेंगे. आरक्षकों से वही काम लिया जाना चाहिए जो मैन्युअल के हिसाब से हो. वहीं भोपाल के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह ने कहा है कि उनके पास शिकायत आने के बाद वो इस मामले में कार्रवाई करेंगे. बीजेपी प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने भी मामले में जांच की मांग की है.
