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Friday, January 31, 2020

मात्र 1500 रुपए की खातिर बेटे ने किया माता-पिता और भाई का कत्ल, रिश्‍ते हुए तार-तार

सागर, एमपी।  एक मशहूर कहावत है मां-बाप न भैया, सबसे बड़ा रुपैया। यह कहावत मध्य प्रदेश के सागर में चरितार्थ होती दिखाी। यहां माता-पिता और छोटे भाई की हत्या करने वाले के आरोपित नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया। पहले खबर थी कि वह उप्र के झांसी में हो सकता है, इसलिए पुलिस टीम यूपी भेजी गई थी, लेकिन बुधवारु देर रात सागर पुलिस ने उसे शहर के मकरोनिया चौराहे से दबोच लिया। आरंभिक पूछताछ में उसने कबूल किया है कि मात्र 1500 रुपए की खातिर उसने माता-पिता और भाई का कत्ल कर दिया। 
इंदौर भागने की फिराक में था आरोपित:-
गुरुवार को सागर के एसपी अमित सांघी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि 28 जनवरी को शहर के आनंदनगर में सेना के रिटायर्ड जवान रामगोपाल पटेल, उनकी पत्नी भारती और छोटे बेटे आदर्श के शव मिले थे। उनका नाबालिग बड़ा बेटा वारदात के बाद से गायब था। बुधवार की रात एक परिचित की सूचना पर उसे मकरोनिया चौराहे से गिरफ्तार किया। वह इंदौर भागने की फिराक में था।
मां से मांगे थे 1500 रुपए:-
पूछताछ में नाबालिग आरोपित ने बताया कि 24 जनवरी की रात करीब 8 बजे उसने मां भारती से 1500 रुपए मांगे थे। मना करने पर उसने पिता की लाइसेंसी बंदूक से मां को गोली मार दी। रात करीब नौ बजे पिता रामगोपाल ड्यूटी से घर लौटे, तो उन्हें भी गोली मार दी। दोनों के शव घसीटकर दूसरे कमरे में ले गया। पोछा लगाकर खून के धब्बे साफ किए।
छोटे भाई को कोचिंग से घर लाकर मार डाला:-
छोटे भाई आदर्श को परकोटा स्थित कोचिंग सेंटर से घर लाया। उसे बताया कि मम्मी-पापा की हत्या कर दी। आदर्श रोने लगा तो टीवी की आवाज तेजकर उसका गला घोंट दिया। मकान के मेन गेट पर ताला लगाकर भाग गया। रात को घर आया। फिर दो दिन दोस्तों के घर रहा। दिन में घर आता रहता था। इस दौरान स्कूल में फेयरवेल पार्टी और गणतंत्र दिवस समारोह में भी शामिल हुआ। 28 जनवरी को उत्तर प्रदेश के ललितपुर गया और वहां से फिर लौट आया। बुधवार रात वह बस से इंदौर भागना चाहता था।