भोपाल/ बीजेपी नेताओं को कूट कर राजगढ़ की दो महिला अफसर सुर्खियों में हैं। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा की हो रही है। जब सीएए के समर्थन में रैली निकाल रहे लोगों को वह चांटे मार रही थी, तभी किसी ने डिप्टी कलेक्टर के साथ अभद्रता की। इस दौरान प्रिया वर्मा की चोटी भी लोगों ने खींच दी। जिससे वह आगबबूला हो गई।
प्रिया वर्मा के चांटे मारते हुए और प्रदर्शनकारियों के द्वारा चोटी खींचे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। उसके बाद से वह लगातार सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। एक ट्रेंड प्रिया वर्मा के पक्ष में है तो दूसरा ट्रेंड उसके विरोध में है। प्रिया वर्मा के पक्ष में जो ट्रेंड कर रहा है, उसमें लोग लिख रहे हैं कि #प्रियावर्माजिंदाबाद। इस हैश टैग के साथ लोग प्रिया वर्मा की तारीफ कर रहे हैं।
बहादुरी की कर रहे तारीफ:-
जिस तरीके से प्रिया वर्मा ने बीजेपी नेताओं को चांटे मारे हैं, उसके बाद फिर डिप्टी कलेक्टर के साथ अभद्रता हुई। चांटे मारते हुए वीडियो को शेयर कर ट्विटर पर लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं। साथ ही बहादुर अफसर से तुलना कर रहे हैं। कोई सोशल मीडिया पर प्रिया वर्मा को ऑयरन लेडी बता रहा है तो कोई कह रहा है कि सही सबक सिखाया है।
एक यूजर ने लिखा कि यह बहुत ही बहादुर ऑफिसर है, कानून को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम इनकी तारीफ करते हैं। इसके साथ ही कुछ लोग कह रहे हैं कि अफसरों से दुर्व्यव्हार करने वालों सही सबक सिखाया है।
वहीं, कुछ लोग डिप्टी कलेक्टर की जाति भी ढूंढ कर सोशल मीडिया पर लिख रहे हैं। इसके साथ ही अभद्रता की घटना को बीजेपी और आरएसएस के संस्कार से जोड़ रहे हैं।
टर्मिनेट करने की मांग:-
ट्विटर पर एक धड़ा डिप्टी कलेक्टर प्रिया वर्मा को टर्मिनेट करवाने की भी मांग कर रही है। लोग कह रहे हैं कि प्रिया वर्मा ने हाथ में तिरंगा लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों को पीटा है। वीडियो में भी दिख रहा है कि पहले प्रिया वर्मा ने प्रदर्शनकारियों पर हाथ उठाई है। उसके बाद लोगों ने अभद्रता की है। कुछ यूजर्स #Terminate_priya_verma के हैशटैग के साथ यह भी लिख रहे हैं कि इसे टर्मिनेट करो। इसे तिरंगा से नफरत है।
कौन है प्रिया वर्मा:-
प्रिया वर्मा इंदौर के मांगलिया गांव की रहने वाली हैं। प्रिया वर्मा के पिता का नाम महेश वर्मा और मां का नाम किरन वर्मा है। प्रिया एक मध्यमवर्गीय परिवार से संबंध रखती हैं। प्रिया वर्मा 21 साल की उम्र में पहली बार डीएसपी बनीं थीं। साल 2014 में प्रिया वर्मा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी थी। इस परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल की। उनकी पहली पोस्टिंग भैरवगढ़ जेल में बतौर जेलर हुई। उसके बाद उनका प्रमोशन हो गया और वो इसके बाद साल 2015 में डीएसपी बन गईं। फिर से वह एमपी लोक सेवा आयोग की परीक्षा दी और चौथी रैंक हासिल की। उसके बाद डिप्टी कलेक्टर बन गई।