इंदौर : लॉकडाउन के बीच शनिवार को एक रसूखदार पॉर्शे कंपनी की करीब 85 लाख रुपए की लग्जरी कार लेकर घूमने निकल पड़ा। सुखलिया क्षेत्र में एमआर-10 पर पुलिस ने उसे रोका और नियमों का पाठ पढ़ाया। सबक याद रहे इसलिए कान पकड़कर उठक बैठक भी लगवाई। एमपी 09 सीडब्ल्यू 0001 नंबर की यह कार इंदौर में सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आशा कांफ्रेंसिंग कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
संस्कार का कहना है कि:-
कंपनी के मालिक दीपक दरयानी ने बताया मेरा बेटा संस्कार गाड़ी चला रहा था। उसके पास कर्फ्यू पास और मास्क था, लेकिन वह बिना मास्क पहने गाड़ी चला रहा था। वहीं, संस्कार का कहना है कि मैं खाने के पैकेट में काम करके घर जा रहा था, इस बीच पुलिस ने रोका तो मैंने कार साइड में लगा ली सुरक्षाकर्मियों ने मेरी एक ना सुनी और बदतमीजी पर उतारू हो गए।
वीडियो देखिये:-
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल:-
लॉक डाउन में बापट चौराहे पर फरारी कार चलाने का शौक पूरा करने निकले युवक को पुलिस ने लगवाई दंड बैठक। पोर्शे सवार युवक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लोग खूब शेयर कर रहे हैं, साथ ही जवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्योंकि जवान ने लॉकडाउन के नियमों का उस युवक से शख्ती से पालन करवाया है। जवान ने उठक-बैठक लगवाने के बाद चेतवानी देते हुए युवक को छोड़ दिया।
सोसल मीडिया पर पुलिस की सराहना:-
भले ही युवक सोशल कॉज के लिये कार में सवार होकर जा रहा था लेकिन कोरोना संकट के दौर में एक मामूली सी गलती भी किसी की भी जान आफत में डाल सकती है लिहाजा पुलिस के इस सबक की सराहना सोशल मीडिया पर जमकर की जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में आशा कार्यकर्ताओ को ट्रेनिंग देने वाले निगमायुक्त, आशीष सिंह के घर पर जब वो ही कार्यकर्ता कोरोना सर्वे के लिये उनके घर पहुंची तो निगमायुक्त और उनके परिवार ने मास्क पहनकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बकायदा पूरी जानकारी आम लोगो की ही तरह दी। ऐसे में ये साफ है कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना ना सिर्फ आम लोगो के लिए जरूरी है बल्कि खास और रसूखदार लोगो के लिये भी उतना ही जरूरी है।
