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Friday, September 9, 2022

9/09/2022 05:05:00 AM

फर्जी एसडीएम बनकर घूम रही महिला गिरफ्तार, रौब दिखाकर कई लोगों से कर चुकी ठगी

इंदौर, मध्यप्रदेश। क्राइम ब्रांच ने एक फर्जी एसडीएम बनकर घूम रही महिला को गिरफ्तार किया है। एक कपड़ा व्यापारी की शिकायत के बाद उसे पकड़ा गया तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। उसके पास राज्यपाल का हस्ताक्षर किया हुआ एक आदेश भी मिला है। पुलिस पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार आरोपी महिला नीलम पाराशर (40) सागर की रहने वाली है। वह खुद को देपालपुर इलाके की एसडीएम बताती थी। बताया गया है कि आरोपी नीलम के खिलाफ गौतमपुरा के एक कपड़ा व्यापारी ने शिकायत की थी। उसने बताया था कि नीलम पाराशर ने पहले तो कई महंगे-महंगे कपड़े लिए थे। जब बिल देने की बात की तो उसने केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने महिला को गिरफ्तार किया है। 

बताया जा रहा है कि आरोपी महिला इंदौर में पहले पीएससी की तैयारी करने आई थी पर उसका सिलेक्शन नहीं हो सका इसके बाद वह फर्जी एसडीएम बनकर घूमने लगी उसके पास कई विभागों के नियुक्ति पत्र भी मिले हैं उसके पास राज्यपाल मंगूभाई पटेल के हस्ताक्षर वाला एक आदेश भी मिला है पुलिस पत्र की हकीकत तलाश रही है। 

पूछताछ में पता चला कि वह अब तक कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुकी है। उसने महिला बाल विकास विभाग सहित कई विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर भी लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। उसके पास से कई विभागों की नियुक्ति पत्र भी बरामद हुए हैं। डीसीपी निमिष अग्रवाल का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

Tuesday, March 16, 2021

3/16/2021 09:00:00 AM

प्रेमिका से मिलने आये प्रेमी को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ा फिर कर दी नग्न कर पिटाई और पूरे गांव में घुमाया

रतलाम। रतलाम के लोद गांव में एक प्रेमी को अपनी प्रेमिका से मिलने उसके गांव जाना महंगा पड़ गया। पहले तो गांव वालों ने उसे पकड़ा और पीटा, फिर 6-7 लोगों ने उसके कपड़े उतारकर नंगा कर दिया। इसके बाद फिर से डंडे और बेल्ट से बर्बरता के साथ उसकी पिटाई करते हुए पूरे गांव में घुमाया। इस पूरी घटना की बाकायदा वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। अब यह वीडियो वायरल हो गया। रतलाम जिले के बड़ावदा थाने की पुलिस अब इस मामले की जांच में जुटी है। यह मामला इसी थाने के लोद गांव का है। बड़ावदा पुलिस ने बताया कि यह वायरल वीडियो 2 से 3 दिन पुराना है। इसमें एक युवक को कुछ लोग बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि अब तक पिटाई के इस मामले में युवक ने अपनी ओर से थाने में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराई है। ग्रामीणों के अनुसार गांव की युवती से प्रेम संबंधों की वजह से उसकी पिटाई की गई है। यह युवक कपड़ा बेचने का काम करता है। इसी दौरान वह गांव में अपनी प्रेमिका से मिलने आया था। लेकिन ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई कर दी। बहरहाल इस मामले में बड़ावदा थाना पुलिस ने वायरल हो रहे वीडियो के लोद गांव के होने की पुष्टि जरूर की है। लेकिन फरियादी द्वारा अब तक शिकायत नहीं किए जाने की वजह से कार्रवाई नहीं की गई है।

Wednesday, June 24, 2020

6/24/2020 05:09:00 AM

अब BJP विधायक ने उड़ाई सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां, महिलाओं के बीच काटा केक

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) में कोरोना वायरस संक्रमण (Corona Virus) के चलते पिछले लगभग तीन महीने से दुकानें और  व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद थे, लेकिन अब इन्हें धीरे-धीरे खोला जा रहा है. इसके तहत कुछ दिन पहले प्रशासन ने ब्यूटी पार्लर (Beauty Parlor) खोलने की अनुमति दी थी. इसका धन्यवाद करने के लिए ब्यूटी पार्लर एसोसिएशन की महिलाएं केक, मिठाई और बुके लेकर सरकारी रेस्ट हाउस रेसीडेंसी कोठी पहुंच गईं. वो सब यहां आपदा प्रबंधन की बैठक कर रहे बीजेपी विधायक रमेश मेंदोला (MLA Ramesh Mandola) और अधिकारी को धन्यवाद करने पहुंची थीं.
दबंग रमेश मेंदोला ने अपनी वाहवाही लूटने के चक्कर में इस मौके पर महिलाओं के साथ केक काटा और मिठाई खाई. महिलाओं ने भी बुके देकर उनका सम्मान किया. हालांकि इस सब के बीच नेताजी सोशल डिस्टेंसिंग भूल गए और इसका जरा भी ख्याल नहीं रखा. उन्होंने भीड़ में खड़े होकर फोटो खिंचवाईं. ऐसा कर उन्होंने कई लोगों की जिंदगी को संकट में डालने का काम किया.
कांग्रेस ने की कार्रवाई की मांगदेश:-
कांग्रेस ने इस मामले में विधायक रमेश मेंदोला पर कार्रवाई करने की मांग की है. कांग्रेस के प्रदेश सचिव राकेश सिंह यादव ने मेंदोला के खिलाफ धारा 188 के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की. क्योंकि कोरोना के संक्रमण काल में भीड़ जुटाना धारा 144 का उल्लंघन माना जा रहा है. इस दौरान किसी भी तरह की गैदरिंग (भीड़ जुटाना) पर रोक है.
बता दें कि इंदौर में प्रतिदिन 50 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं. अब तक यहां कोरोना संक्रमण से 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. यही वजह है कि इंदौर अभी भी रेड जोन में बना हुआ है. इसे देखते हुए यहां ज्यादा एहितयात बरतने की जरूरत है लेकिन नेताजी वाहवाही लूटने के चक्कर में एहतियात भूल गए और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर बैठे.
कलेक्टर ने एहतियात नहीं बरतने पर लगाई फटकार:-
वहीं जब ब्यूटी पार्लर एसोसिशन की महिलाएं बुके लेकर कलेक्टर मनीष सिंह का सम्मान करने पहुंची तो कलेक्टर ने उन्हें फटकार लगाई. कलेक्टर ने ब्यूटी पार्लर एसोसिशन की महिलाओं के व्यवहार पर आपत्ति जताते हुए कहा कि अभी इंदौर से कोरोना गया नहीं है. ऐसे में आप लोग झुंड बनाकर पार्टियां कर रही हैं, जो ठीक नहीं है. मेरे पास सारे सबूत हैं इस बात के. कलेक्टर ने महिलाओं को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सख्त चेतावनी देकर वापस लौटा दिया और भविष्य में इस तरह का कृत्य न करने की सलाह दी.
6/24/2020 05:08:00 AM

कोरोना वायरस ऐसे दिखा रहा असर, ये हैं मौत के सात प्रमुख कारण

इंदौर। कोरोना वायरस संक्रमित मरीज मिलने के साथ ही मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। जब मरीज अधिक मिल रहे थे, तब मौतों की संख्या कम थी। लेकिन अब जब मरीज कम हो रहे हैं तो मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। संक्रमण के दूसरे से चौथे हफ्ते में अस्पताल पहुंचना भी मौत की सात प्रमुख वजहों में से एक है। कई केस ऐसे भी सामने आए जिनमें जिनमें ऑक्सीजन का लेवल 10 से 20 प्रतिशत रह गया था जिससे मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो गया।
देरी से पहुंचने के कारण संक्रमण दोनों फेफड़ों तक आसानी से पहुंचकर उन्हें पूरी तरह प्रभावित कर रहा है। ऐसे में वे मरीज जो पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें बचाना मुश्किल होता है।
डॉक्टरों के अनुसार शरीर में ऑक्सीजन का स्तर 95 से 100 प्रतिशत तक रहना जरूरी है। कई मरीज तो तब अस्पताल पहुंचे, जब उनका ऑक्सीजन स्तर 10 से 20 प्रतिशत के बीच था। ऐसी हालत में मरीज की जान बचाना भी मुश्किल हो गया।
इनमें से भी लोग ठीक हो रहे हैं, लेकिन उन्हें 15 से 20 दिनों तक का समय लग रहा है। एक तरफ सरकार का सख्त निर्देश है कि मौत के आंकड़ों को शून्य पर लाना है, दूसरी तरफ मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में एंटीबायोटिक सहित अन्य दवाइयों से उपचार किया जा रहा है। इसके बाद भी गंभीर रूप से संक्रमित अधिकतर मरीज ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
ये वजहें हैं प्रमुख:-
कोरोना संक्रमित होने के बाद दूसरे से चौथे हफ्ते में मरीजों का गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचना।
अन्य बीमारियों के साथ वायरस का अधिक घातक होना व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को अधिक प्रभावित करना। मधुमेह के गंभीर मरीजों का कोरोना संक्रमित होना, जिससे रिकवरी होने की संभावना कम होती है।
अधिक उम्र, हृदय या किडनी के गंभीर बीमार लोगों के संक्रमित होने से उन्हें बचाना भी मुश्किल हो रहा है।
सामान्य तौर पर शरीर में ऑक्सीजन का लेवल 95 प्रतिशत रहना चाहिए। लेकिन मरीज को भर्ती करते समय ऑक्सीजन का स्तर 10 से 20 प्रतिशत तक पहुंचना भी मौत का एक कारण सामने आया है।
अस्थमा, टीबी के ऐसे मरीज, जिन्होंने बीच में इलाज छोड़ दिया हो या फेफड़े संक्रमित हो चुके हों, वह भी गंभीर संक्रमण का शिकार हुए हैं।
ऐसे लोग जिनके धूमपान करने के कारण दोनों फेफड़े खराब हो गए हों या अन्य कारण से दोनों फेफड़े खराब हों, ऐसे मरीजों की मौत भी हुई है।
1 से 15 जून के बीच मरीज कम, सबसे अधिक मौत:-
लॉक डाउन के समय से 22 जून तक इंदौर में सबसे अधिक 43 मौत 1 से 15 जून के पखवाड़े में दर्ज हुई है। वहीं सबसे कम पॉजिटिव मरीज 604 भी इसी पखवाड़े में सामने आए हैं। जून माह में पॉजिटिव आए मरीजों की संख्या कम हो रही है। रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है लेकिन इसके साथ मौतों का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है।
संक्रमण के बाद पता चलना जरूरी:-
संक्रमण के बाद समय पर इसकी जानकारी लगना, जांच कराना व अस्पताल आना सबसे महत्वपूर्ण है। जो लोग पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, उनकी ही सबसे अधिक मौत हो रही है। कोरोना वायरस उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हमला कर रहा है, जिससे वह ठीक नहीं हो पाते। कोरोना संक्रमण से मौत के सात से अधिक कारण हमारी जानकारी में आए हैं।
-डॉ. रवि दोशी, अरबिंदो अस्पताल इंदौर

Thursday, May 28, 2020

5/28/2020 03:58:00 PM

2 हफ्ते के लिए बढ़ सकता है लॉकडाउन, इन शहरों में बढ़ सकती है पाबंदियां, देखें लिस्ट....

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर जिले में कोरोना का कहर जारी है। बता दें कि देर रात जारी नए आंकड़ों में 78 और पॉजिटिव मरीज मिले। तीन लोगों के मौत की पुष्टि भी हुई है। अब तक 3260 लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। जबकि 122 लोगों की जान जा चुकी है। इन सब के बीच शहर में बढ़ते मरीजों को देखते हुए प्रशासन ने तय किया है कि 31 मई के बाद भी लॉकडाउन नहीं खुल पाएगा। इसे 20-25 जून तक बढ़ाया जा सकता है। मॉल, सिनेमा हॉल, स्कूल, मंडियां, जिम, क्लब जैसे सार्वजनिक स्थान तो जुलाई अंत या अगस्त तक ही खोले जा सकेंगे।
लॉकडाउन को लेकर कलेक्टर मनीष सिंह ने पत्रकारों से अलग-अलग चर्चाओं में इस बात के संकेत दिए हैं। कलेक्टर के मुताबिक, लोगों में अब भी जागरूकता नहीं है। वे न तो फि‍जिकल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं, न ही मास्क का उपयोग कर रहे हैं।
वहीं केंद्र सरकार 31 मई के बाद दो हफ्ते के लिए फिर से लॉकडाउन बढ़ा सकती है। कोरोना वायरस के संक्रमण की गति को कम करने के लिए बढ़ाए जाने वाले इस लॉकडाउन का स्वरूप अलग हो सकता है। गृह मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन का अगले चरण की भावना पहले जैसे लॉकडाउन की तरह नहीं होगी और ज्यादातर फोकस 11 शहरों पर होगा जहां देश के कोविड -19 (Covid-19) के 70 प्रतिशत मामले हैं। इन शहरों में छह बड़े महानगर इंदौर, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, अहमदाबाद और कोलकाता हैं. इसके अलावा इसमें पुणे, ठाणे, जयपुर, और सूरत भी शामिल हैं।
कलेक्टर मनीषसिंह ने लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से धीमे-धीमे खोलने की बात कही है। उन्होंने स्पष्ट कियाल है कि लॉकडाउन खोलने का हम एक मॉडल बना रहे हैं। इसके लिए हमने स्वास्थ्य से जुड़े मापदंड बनाए हैं। अगर कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ती है साथ ही आइसीयू और वेंटीलेटर पर जाने वाले मरीजों की संख्या में भी इजाफा होता है तो माना जाएगा कि शहर में संक्रमण बढ़ रहा है। यदि ऐसा हुआ तो लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाएगा।
5/28/2020 03:55:00 PM

पैदल आ रही मजदूर सुनीता ने रास्ते मे बेटे को दिया जन्म, नाम रखा जीतू पटवारी

ब्यावरा। रोजगार छिन जाने के बाद लाॅकडाउन में ही पैदल ही चल पड़े मजदूरों की सैकड़ों कहानियां एक-एक कर गुजर रही हैं। पैदल ही मुंबई से यूपी जा रही गर्भवती महिला की सड़क पर प्रसव पीड़ा से तड़पने और एक पटवारी की मदद से अस्पताल तक पहुंचने की कहानी ने अब सुंदर मोड़ ले लिया है। अस्पताल में बच्चे को जन्म देने वाली मां ने अपने बेटे का नाम मददगार पटवारी के नाम पर रखने का फैसला किया है। मजदूर महिला की इच्छा है कि उसका बेटा भी पढ़-लिखकर पटवारी बने। महिला की मंगलवार को अस्पताल से छुट्टी हुई। गोरापुर रवाना होने के पहले उसने मददगार पटवारी, डाॅक्टर्स व अधिकारियों को धन्यवाद दिया।
दरअसल, आजीविका की तलाश में शहर गए मजदूरों के लिए अब अपने गांव लौटना मजबूरी है। भूख के भय ने उनको किसी भी सूरत में वापस लौटने को मजबूर कर दिया है। कोई अपने बुजुर्ग मां-बाप को लेकर चल पड़ा तो कोई छोटे बच्चों को लेकर अपने गांव पहुंच रहा। यहां तक कि गर्भवती महिलाएं मजबूर होकर जिंदगी दांव पर लगाते हुए लौट रही हैं/लौटी हैं। बीते 16 मई को महाराष्ट्र से यूपी के गोरखपुर के लिए निकले मजदूरों के एक जत्था में गोरखपुर की रहने वाली सुनीता पत्नी किशन यादव भी थे। सुनीता गर्भवती थी लेकिन पैदल ही घर के लिए निकली थी। इंदौर-भोपाल बाइपास पर पटवारी संघ द्वारा इन मजदूरों को दोपहर में खाना खिलाया जा रहा था। खाना खिलाए जाने के दौरान ही सुनीता की हालत बिगड़ने लगी। वह प्रसव पीड़ा से कराह उठी। सुनीता की बिगड़ती हालत देख पटवारी जीतू झंझोरिया ने उसे अपनी बाइक पर बिठाया और अस्पताल पहुंचाया। यहां डाॅक्टर्स की देखरेख में महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था।
अस्पताल में भर्ती गोरखपुर के शिवजीनगर के मानखुर्द की रहने वाली सुनीता पत्नी किशन को मंगलवार को डिस्चार्ज किया गया। दंपत्ति अपने नवजात के साथ प्रशासनिक मदद से गोरखपुर के लिए रवाना हुए। 
घर जाते-जाते सुनीता ने सभी का आभार जताया और कहा कि बेटे का नाम मदद करने वाले पटवारी जीतू झंझोरिया के नाम पर रखूंगी। यही नहीं उसने अपने बच्चे को पढ़ा-लिखाकर पटवारी बनाने की इच्छा भी जाहिर की। 
मंगलवार को एसडीम सन्दीप अस्थाना और तहसीलदार ए. आर. चिरामन की देखरेख में इनको रवाना किया गया। इस दौरान पटवारी संघ अध्यक्ष राधेश्याम अहिरवार, मनीष तिवारी, संदीप सक्सेना, कुलदीप यादव, ओम बैरागी आदि मौजूद रहे।

Wednesday, May 27, 2020

5/27/2020 06:16:00 AM

मुंबई से लौटी टीवी एक्ट्रेस ने अपने घर पर लगाई फांसी, फेसबुक पर लिखी आखिरी बात

इंदौर। टीवी सीरियल क्राइम पेट्रोल और ट्यूब के वीडियो से सुर्खियों में आने वाली एक्ट्रेस प्रेक्षा मेहता ने इंदौर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। लॉकडाउन के बाद से प्रेक्षा अपने घर इंदौर में रह रही थी। 25 वर्षीय प्रेक्षा बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार की पैडमेन समेत कई टीवी सीरियल से पहचान बना चुकी थीं।
पुलिस के मुताबिक प्रेक्षा ने लॉकडाउन के दौरान मुंबई में फैले कोरोना को लेकर वो परेशान रह रही थी और डिप्रेशन में पहुंच गई थी। इंदौर के बजरंग नगर में रह रही थी, उसके पिता रवींद्र मेहता का जनरल स्टोर है। उसके पिता के मुताबिक प्रेक्षा काफी समय से परेशान थी। उसे लगने लगा था कि अब मुंबई की चकाचौंध भरी जिंदगी में लंबे समय तक काम मिलना मुश्किल हो जाएगा। इससे भयभीत होकर उसने सुसाइड करने का मन बना लिया। प्रेक्षा के परिजनों के अनुसार मंगलवार सुबह जब प्रेक्षा ने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो झांककर देखा, तो वो फांसी के फंदे पर झूलती हुए नजर आई। हीरा नगर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
यह लिखी अंतिम बात:-
प्रेक्षा ने फेसबुक पेज पर एक अंतिम पोस्ट लिखी है। उसमें लिखा है कि सबसे बुरा होता है सपनों का मर जाना और ब्लैक बैक ग्राउंड की ये पोस्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि प्रेक्षा अपने काम और सपनों को लेकर कितनी समर्पित थी और वो भीतर ही भीतर टूट चुकी थी। इसके बाद उसने आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया। हालांकि प्रेक्षा की पोस्ट पर कमेंट और लाइक न के बराबर थे, लेकिन जिसने भी सुना वो हैरान रह गया कि अब प्रेक्षा इस दुनिया में नहीं रही। लोग कहते हैं कि जो कभी टीवी सीरियल की जान हुआ करती थी औ थियेटर में माइम विधा से लेकर वन एक्ट प्ले विधा में भी माहिर थी। इतना ही नहीं उसने यूट्यूब पर हजारों फालोअर्स बनाए थे, उसके वीडियो काफी देखे जाते थे।

Monday, May 25, 2020

5/25/2020 05:59:00 AM

BJP नेता हुए कोरोना संक्रमित, मंत्री, सांसद, अध्यक्ष सहित कई कांटेक्ट हिस्ट्री में, मचा हड़कंप

इंदौर । कोरोना वायरस संक्रमण ने शहर के एक भारतीय जनता पार्टी नेता को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। इससे शहर के राजनीतिक हलकों में हड़कंप है। नेता को उपचार के लिए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार कोराेना संक्रमित भाजपा नेता की कांटेक्ट हिस्ट्री में प्रदेश के एक मंत्री, इंदौर के सांसद, पार्टी के शहर अध्यक्ष सहित कई लोग शामिल हैं।बताया जाता है कि उनके संपर्क में आए भाजपा के इंदौर जिलाध्यक्ष राजेश सोनकर ने तो अपनी जांच भी कराई। हालांकि उनकी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई है।
जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले भाजपा नेता को तेज बुखार आया था। जब बुखार कम नहीं हुआ और सांस लेने में तकलीफ होने लगी तो उन्होंने निजी लैब में जांच कराई। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें अरबिंदो अस्पताल में भर्ती किया गया है।
जानकारी के अनुसार संक्रमित हुए भाजपा नेता प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने भोपाल जाने वाले नेताओं में शामिल थे। हालांकि उनका भोपाल दौरा 15 दिन पहले का था। वे भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे से मिलने भी गए थे।
इस बारे में गौरव रणदिवे का कहना है कि वे निवास पर आए जरूर थे, लेकिन घर के बाहर ही मुलाकात हुई थी और शारीरिक दूरी का पालन किया गया था। उक्त भाजपा नेता के यहां मंत्री तुलसी सिलावट चाय पीने गए थे। भाजपा नेता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर 15 मई को मंत्री के साथ चाय पीते हुए फोटो भी पोस्ट किया था।
जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट पर भी कुछ दिनों पहले संक्रमित नेता गए थे। वहां सांसद शंकर लालवानी से भी उन्होंने मुलाकात की थी। हालांकि सांसद ने शारीरिक दूरी का पालन करते हुए वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की थी।

Saturday, May 16, 2020

5/16/2020 05:38:00 AM

कोरोना संक्रमण फैलाने की धमकी दे रहे भाई-बहन का वीडियो वायरल, चीन में थे MBBS के छात्र

मध्यप्रदेश के खरगोन में डायवर्शन रोड निवासी कोरोना पॉजिटिव भाई-बहन पर शहर में संक्रमण फैलाने की धमकी का वीडियो वायरल करने पर कार्रवाई की गई है।
एंबुलेंस में दोनों ने वीडियो बनाया और दी धमकी:-
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जा रहे थे। इस दौरान एंबुलेंस में दोनों ने वीडियो बनाया, जिसमें यह धमकी दी गई।
मैं पूरे खरगोन में फैलाऊंगी अब:-
वायरल हुए इस वीडियो में युवती कह रही है कि मैं पूरे खरगोन में फैलाऊंगी अब। इसके बाद युवक की आवाज में 'घूम रहे हम लोग तो यार, ऑन वेकेशन, विथ सम चाय' कहते सुनाई दे रहा है।
भाई और बहन दोनों जिला अस्पताल में भर्ती:-
वीडियो के बाद खरगोन की जनता में भय है। दोनों जिला अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जाता है कि आरोपित नताशा व मोहम्मद नावेद ने वीडियो सोशल साइट और इंस्टाग्राम पर वायरल किया। इस संबंध में मिली जानकारी और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक सुनील पांडेय के निर्देश पर थाना प्रभारी ललितसिंह डागुर ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
दोनों के माता-पिता भी कोरोना से संक्रमित हुए थे:-
मालूम हो, दोनों के माता-पिता भी कोरोना से संक्रमित हुए थे। ये दोनों चीन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं और जनवरी में लौटे थे। इधर इस मामले में शुक्रवार को कई सामाजिक संगठनों ने पुलिस थाने पहुंचकर दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

Friday, May 15, 2020

5/15/2020 08:57:00 AM

सात घंटे से भूखे मजदूरों ने बॉर्डर पर किया पथराव, जान बचाकर भागे अधिकारी

सेंधवा-बड़वानी। महाराष्ट्र-मध्यप्रदेश की सीमा से प्रदेश सहित अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूरों को बसों से छोड़ने के दौरान गुरुवार को बसें कम पड़ गईं। इसके कारण मजदूरों ने तीन बार हंगामा कर दिया। इस दौरान मजदूरों ने चक्काजाम भी किया और पथराव भी कर दिया।
सीमा के निकट ग्राम गवाड़ी में रोके गए मजदूरों ने बस नहीं आने और सुबह से खाना नहीं मिलने पर दोपहर डेढ़ बजे हाईवे पर चक्काजाम कर सीएम के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद एसडीएम घनश्याम धनगर भोजन के पैकेट लेकर पहुंचे। प्रदेश सीमा स्थित भंवरगढ़ में मजदूर सुबह से धूप में बैठ बसों का इंतजार कर रहे थे। परेशान मजदूरों ने दोपहर तीन बजे हाईवे पर पत्थर जमाकर चक्काजाम कर पथराव कर दिया। पथराव किए जाने से पुलिस अधिकारी, कर्मियों सहित अधिकारियों को मौके से भागना पड़ा। बाद में सख्ती दिखाकर लोगों को हटाया गया। कलेक्टर अमित तोमर ने बताया कि बसों की कमी है। बसें बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
महाराष्ट्र की ओर से आ रहे सभी प्रांत के प्रवासी मजदूरों को उनके घर बस से भेजे जाने की व्यवस्था में गुरुवार को मजदूरों की संख्या की तुलना में बस की कमी ने मजदूरों सहित जिम्मेदारों को परेशान कर दिया। बस नहींमिलने के कारण प्रवासी मजदूरों ने हंगामा कर चक्काजाम किया। बसों की कमी के कारण सीमा स्थित घाट के ऊपर भंवरगढ़ में दोपहर तीन बजे तक मप्र, उप्र, बिहार, राजस्थान के मजदूर धूप में लाइन लगाकर बस का इंतजार करते रहे। कुछ ने लाइन में अपने बैग रखे। नौ घंटे बाद दोपहर तीन बजे तक जब बसे नहीं आई तो मजदूर उग्र हो गए। मजदूरों ने हाईवे पर पत्थर जमाकर चक्काजाम किया। इसके बाद पथराव किया तो जिम्मेदारों ने भाग कर जान बचाई। पथराव में कोई घायल नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस व प्रशासन ने बसे बुलवाकर मजदूरों को भेजना शुरू किया। मजदूरों द्वारा चक्काजाम करने से घाट में वाहनों की कतार लग गई।

Thursday, May 7, 2020

5/07/2020 05:13:00 AM

लोकडाउन: घर लौटने के लिए 12 दिन से भूखे-प्यासे पैदल चल रहा 7 लोगों का परिवार, अभी भी 700 KM का सफर बाकी

इंदौर. महाराष्ट्र के धुले में गुब्बारे बेचकर अपना पेट पालने वाले यूपी के अलीगढ़ (Aligarh) के रहने वाले विनोद के सामने लॉकडाउन (Lockdown) के चलते भूखों मरने की नौबत आ गई. ऐसे में वो अपने दिव्यांग भाई और ससुर को व्हीलचेयर पर बिठाकर छोटे-छोटे तीन बच्चों के साथ पैदल ही अपने गांव के लिए रवाना हो गए. वो पिछले 12 दिन से लगातार पैदल चल रहे हैं और अभी मध्य प्रदेश के इंदौर (Indore) तक पहुंचे हैं. अभी इन्हें और 700 किलोमीटर का लंबा सफर तय करना है. भीषण गर्मी में इनकी क्या हालत होगी ये सोचकर ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं.
पत्नी और तीन बच्चों के साथ लगातार पैदल चल रहे विनोद ने बताया कि वो महाराष्ट्र के धुले में गुब्बारे बेचने का काम करते थे. लेकिन लॉकडाउन के चलते परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई. कहीं से खाने की व्यवस्था न होने की वजह से उन्होंने अपने परिवार को लेकर पैदल ही घर जाने का फैसला कर लिया. विनोद के साथ उनके ससुर राजेश, दिव्यांग भाई राज, पत्नी सुनीता और तीन बच्चे- चांदनी, मीरा ओर संजय पिछले 12 दिन से पैदल चल रहे हैं. रास्ते में न पीने का पानी, न खाने की कोई व्यवस्था, कोई सहायता नहीं कर रहा है. सब कुछ भगवान भरोसे हैं.
पिछले 12 दिनों से भूखा है परिवार:-
इंदौर जिले के मानपुर पहुंचे विनोद बताते हैं कि वे सब पिछले कई दिनों से भूखे हैं. उन्होंने और उनके परिवार ने खाना नहीं खाया है. लगातार पैदल चल रहे हैं. दो लोग व्हीलचेयर पर हैं, वो भी भूखे हैं. बच्चे भी पैदल चल-चलकर परेशान हैं. विनोद का कहना है कि किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली है. विनोद की मांग है कि सरकार उन्हें सिर्फ घर तक छोड़ दे क्योंकि उनके साथ दो दिव्यांग लोग भी हैं और पास में पैसा भी नहीं है. उनका कहना है कि कोरोना से तो नहीं लेकिन भूख और पैदल चलने से कहीं वो जिंदगी की जंग न हार जाएं. विनोद जैसे भूखे-प्यासे हजारों लोग रोज सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर इंदौर से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए निकल रहे है लेकिन इन गरीबों की मदद करने के लिए कोई आगे नहीं आ रहा है.

Monday, May 4, 2020

5/04/2020 12:11:00 PM

कलयुगी बेटियों ने शराबी पिता को उतारा मौत के घाट, बनाई आत्महत्या की कहानी, LLB की छात्रा है बड़ी बेटी

देवास (मध्यप्रदेश)। देवास जिले के ग्राम टप्पा सुकल्या में दो बेटियों द्वारा पिता को मौत के घाट उतारने का मामला सामने आया है। हत्या के बाद साक्ष्य छुपाते हुए इसे आत्महत्या का मामला पुलिस थाने में दर्ज भी करवा दिया। पीएम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने जांच की तो मामला हत्या में बदल गया। पुलिस ने दोनों बहनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार घटना 24 अप्रैल की रात्रि करीब 10.30 बजे की है। दयाराम पिता पूरण को रात करीब एक बजे शासकीय प्राथमिक स्वास्थ केंद्र हाटपीपल्या लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। उसकी बेटी मोनिका ने पुलिस को सूचना दी थी और बताया था कि उसके पिता शराब पीकर अपशब्द कह रहे थे और उन्होंने गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की थी। इस दौरान उन्हें सिर में चोट भी आई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले की जांच प्रारंभ की तो पता चला कि मृतक दयाराम की पीठ पर पीछे जलती वस्तु से मारपीट के निशान, गले में फंदे के निशान व सिर में गंभीर चोट पाई गई थी। जिस स्थान पर फांसी लगाने के बारे में बताया जा रहा था, उस स्थान पर धूल व मिट्टी के कण एक जैसे थे तथा घटनास्थल से चार फीट की दूरी पर जमीन पर खून पड़ा मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट व सबूत के आधार पर मामला हत्या का प्रतीत हुआ। पुलिस को उसकी बेटियों पर शंका हुई।
सख्ती से पूछताछ में गुनाह कबूला:-
दयाराम की बेटी मोनिका एलएलबी की पढ़ाई कर रही है। उसने पुलिस को साक्ष्य छुपाने की दृष्टि से जानकारी दी कि उसके पिता शराब पीने के आदी थे और हमेशा झगड़ा करते थे। घटना वाले दिन भी उन्होंने शराब पीकर झगड़ा किया था। चूल्हे की जलती लकड़ी अपने सिर पर मार ली और गमछे से फांसी लगाने की कोशिश की, जिस कारण उन्हें चोट आई। पुलिस ने मोनिका व उसकी नाबालिग बहन को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि हमारे पिता शराब पीकर झगड़ा व हम पर शंका करते थे। दोनों ने अपराध करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने हत्या व साक्ष्य छुपाने के अपराध का प्रकरण दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। जहां से मोनिका को देवास जेल भेज दिया तथा उसकी नाबालिग बहन को विदिशा भिजवा दिया।
लापरवाही पर थाना प्रभारी लाइन अटैच:-
इस मामले में लापरवाही बरतने पर पुलिस अधीक्षक कृष्णावेणी देशावतु ने थाना प्रभारी मुकेश कुमार इजारदार को लाइन अटैच कर दिया है। बताया जाता है कि 24 अप्रैल को दयाराम के साथ उसकी बेटियों द्वारा मारपीट की गई थी, जिसकी मृत्यु होने के आठ दिन बाद दो मई को हत्या का मामला दर्ज किया गया। हत्या जैसे गंभीर अपराध की कायमी विलंब से करने में थाना प्रभारी द्वारा लापरवाही बरती गई, जिस कारण उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया है।
5/04/2020 12:01:00 PM

MP बॉर्डर पर मजदूरों का बवाल, पुलिस पर पथराव, ASP-SDM समेत 5 घायल

बड़वानी। प्रवासी मजदूरों को वापस अपने राज्य लाने के लिए तमाम राज्य सरकारें कोशिश कर रही हैं। उसके बावजूद बिहार-यूपी के हजारों मजदूर एमपी और महाराष्ट्र से लगी सीमा पर आकर फंसे हुए हैं। ये सभी मजदूर बिहार-यूपी के रहने वाले हैं। बॉर्डर पर इन्हें रोककर रखा गया है। रविवार को इन मजदूरों का गुस्सा भड़क गया। उसके बाद पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। दरअसल, मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले स्थित बिजासनघाट एमपी और महाराष्ट्र की सीमा है। यूपी-बिहार के मजदूर घर जाने के लिए महाराष्ट्र से पैदल ही चल दिए हैं। मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश से रोके जाने पर हाईवे पत्थर रखकर चक्काजाम कर दिया। समझाइश देने पहुंचे अधिकारियों पर पथराव भी किया। इसमें 4 पुलिसकर्मी और 1 मजदूर घायल है। मजदूरों के पथराव में कई वाहन भी टूटे हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
आगरा-मुंबई हाइवे को कर दिया था बंद
घर वापसी को लेकर बिजासनघाट पर फंसे मजदूरों ने आगरा-मुंबई हाइवे को जाम कर दिया था। साथ ही वह मांग कर रहे थे कि हमें गृह राज्य पहुंचाया जाए। मजदूरों की वजह वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। समझाइश के लिए मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों पर मजदूरों ने पथराव शुरू कर दिया।
बड़वानी कलेक्टर अमित तोमर ने कहा कि हम उन लोगों से बात कर रहे हैं। सड़क से जाम लोगों ने हटा लिया है। कुछ जवान हल्की चोटें आई हैं। अभी स्थिति कंट्रोल में है। यूपी बॉर्डर पर आवाजाही बंद है। यूपी सरकार से प्रदेश की सरकार बात कर रही हैं। निर्देश मिलने के बाद हम आगे की कार्रवाई करेंगे। पथराव में एडिशनल एसपी और एसडीएम को भी चोट लगी है।
7 हजार मजदूर हैं यहां:-
बॉर्डर पर करीब 7 हजार मजदूर फंसे हुए हैं। कई लोग पैदल जाने के चक्कर में जंगलों में अपनी जान भी गंवा चुके हैं। ये लोग पिछले 2 दिन से बड़वानी प्रशासन से बॉर्डर खोलने की मांग कर रहे हैं। मजदूरों के पथराव में एएसपी सुनीता रावत और एसडीएम घनश्याम को चोट आई है। शाम को निमाड़ जोन के डीआईजी तिलक सिंह वहां पहुंच और हालात का जायजा लिया। साथ ही बॉर्डर पर अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गई है और प्रवासी मजदूरों के लिए खाने की व्यवस्था की गई है।

Sunday, May 3, 2020

5/03/2020 03:15:00 PM

इंदौर प्रसिद्ध प्राचीन खजराना मंदिर के पुजारी भी कोरोना पॉजिटिव, परिवार के 14 सदस्य क्वारंटाइन

इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 1568 पहुंच गई है, यहां इससे अब तक 76 लोगों की जान जा चुकी है और 350 मरीज स्वस्थ होकर लौट चुके हैं। शनिवार को इंदौर में 23 नए पॉजिटिव मरीज मिले और 2 की मौत की पुष्टि हुई है। शनिवार को मिले कोरोना पॉजिटिव मरीजों में इंदौर के प्रसिद्ध खजराना मंदिर के पुजारी भी शामिल हैं। शनिवार को 515 सैंपलों की जांच हुई। राहत की बात यह है कि सैंपलों में से अब पॉजिटिव मरीजों के निकलने की दर कम हुई है। जो मरीज पॉजिटिव आए हैं, उनमें से अधिकांश अस्पतालों में भर्ती मरीजों के रिश्तेदार या खुद हैं। इसके अलावा अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए जाने वाले सैंपलों में भी कुछ मरीज पॉजिटिव आए हैं। 492 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। चिंता की बात यह है कि नए मरीज शहर के नए-नए इलाकों से सामने आ रहे हैं। उनकी कोई कांटैक्ट हिस्ट्री भी सामने नहीं आ रही है।
पुजारी के परिवार के 14 सदस्य क्वारंटाइन:-
खजराना गणेश मंदिर के पुजारी भी जांच में कोरोना पॉजिटिव पाए गए। प्रशासन ने पूरे परिवार के 14 सदस्यों को घर पर क्वारंटाइन किया है। वैसे सभी सदस्य स्वस्थ हैं। मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि 6 अप्रैल को पूरे परिवार को बुखार आया था। उसके बाद डॉक्टरों से सलाह लेकर परिवार ने इलाज करवाया। लेकिन एक सदस्य बीमार हो गया।
सबसे अधिक 121 डिस्चार्च:-
रिपोर्ट के अनुसार शनिवार को एक साथ सबसे अधिक 121 डिस्चार्ज किए गए। यह आज नए पॉजिटिव मिले मरीजों की संख्या की तुलना में लगभग पांच गुना है। इसे मिलाकर अब तक कुल 350 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। वहीं 1142 मरीजों का उपचार अस्पतालों में इलाज चल रहा है। क्वारंटाइन सेंटरों में 1228 मरीज भर्ती हैं। इनमें से अगर किसी में भी कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो इनकी जांच कर इन्हें आइसोलेशन सेंटर में भेजा जा रहा है।
2 मरीजों की मौत की पुष्टि:-
स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को 2 मरीजों के मौत की पुष्टि की। इनमें से एक साईंबाग कॉलोनी खजराना निवासी 55 वर्षीय महिला है। इन्हें 29 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 30 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। एक मई को पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी। विभाग ने दो मई मौत की पुष्टि की। दूसरी मौत महू निवासी 59 साल पुरुष की हुई है। इन्हें 28 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती किया गया था। 30 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी और इसी दिन मौत हो गई थी। शनिवार को इसकी पुष्टि हुई है। महू के सुंदर नगर में रहने वाले इस परिवार के चार सदस्य भी पॉजिटिव आए हैं।
महू में तीन पॉजिटिव : शनिवार को महू में तीन और पॉजिटिव मिले। इसे मिलाकर वहां संक्रमितों की संख्या 68 हो गई है।

Saturday, May 2, 2020

5/02/2020 02:01:00 PM

मास्क पहने वर-वधू ने लकड़ियों के सहारे पहनाई एक-दूजे को वरमाला- VIDEO

सुसारी, (धार)। कोराना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते शासन के दिशा-निर्देशों के बीच कुक्षी के समीप टोंकी में वर-वधू परिणय सूत्र में बंधे। शारीरिक दूरी का पालन कर 28 अप्रैल को शादी पूरे रीतिरिवाज के साथ हुई। मास्क पहने वर-वधू ने लकड़ियों के सहारे एक-दूजे को माला दूर से पहनाई। ग्राम टोंकी के शिक्षक जगदीश मंडलोई की पुत्री भारती की सगाई अमझेरा निवासी डॉ. करणसिंह निगम के पुत्र तथा अमझेरा में ही पदस्थ पशु चिकित्सक डॉ. राजेश निगम के साथ तय कर शादी की पत्रिका बांट दी गई थी। भारती का शुभलग्न 26 अप्रैल को तय था, लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी धूमधाम से नहीं की जा सकी।
वर एवं वधू पक्ष के मुखियाओं ने भीड़ न करते हुए गांव से दूर हनुमान मंदिर में चुनिंदा लोगों की उपस्थिति में शादी करने का निर्णय लिया। मंदिर को पहले सैनिटाइज किया गया। इसके बाद साधारण तरीके से वर-वधू ने एक मीटर दूरी पर खड़े होकर एक-दूसरे को लकड़ी की सहायता से माला पहनाई। लकड़ी से माला पहनाने की युक्ति लड़की के पिता ने सुझाई। शादी के बाद उपस्थितों ने साबुन से अच्छी तरह हाथ धोकर खाना खाया तथा नवदंपती को आशीर्वाद दिया। वर-वधू ने इस दिन को यादगार बनाने के लिए मंदिर पौधारोपण भी किया।

Wednesday, April 29, 2020

4/29/2020 04:55:00 PM

दृष्टिहीन नायब तहसीलदार श्री यादव ड्यूटी के साथ अपने वेतन से दिव्यांगों को पहुंचा रहे राशन बने मिसाल

इंदौर। मन में पीड़ित मानवता की सेवा का भाव हो तो फिर ईश्वर की दी हुई कोई कमी भी आपकी राह नहीं रोक सकती। कोरोना महामारी के बीच एक दृष्टिहीन अफसर ऐसी ही मिसाल बने हुए हैं। वे अपनी सरकारी ड्यूटी का फर्ज तो निभा ही रहे हैं, अपने जैसे ही दृष्टिहीनों की मदद भी कर रहे हैं। कर्फ्यू और लॉकडाउन में जिन दृष्टिहीनों की सुध लेने वाला कोई नहीं है, उनको वे अपने वेतन से राशन खरीदकर पहुंचा रहे हैं। वे दिन में ड्यूटी कर रहे हैं और सुबह या शाम के बचे हुए वक्त में शहर के अलग-अलग इलाकों में जरूरतमंद दृष्टिहीनों का दर्द बांटने पहुंच जाते हैं। ये अधिकारी हैं नायब तहसीलदार संजय यादव जो इंदौर जिले के कंपेल, खुड़ैल, सिवनी क्षेत्र में मुस्तैदी से काम कर रहे हैं।
शासन की गाइडलाइन है कि दिव्यांगों को कोरोना के बचाव की किसी ड्यूटी में न लगाया जाए, लेकिन नायब तहसीलदार यादव अपनी इच्छा से ड्यूटी कर रहे हैं। अभावों में पले यादव ने खुद स्वयंसेवी संस्थाओं में रहकर पढ़ाई की है। दिव्यांगता का दर्द क्या होता है वे भलीभांति जानते हैं। शहर में कई दृष्टिहीन लोग फेरी लगाकर मूंगफली, मोमबत्ती और अगरबत्ती बेचने का काम करते हैं। लॉकडाउन के कारण उनकी रोजी-रोटी खत्म हो गई है। इसमें से कुछ यादव के साथ संस्था में रहकर पढ़ने वाले दृष्टिहीन भी हैं। जब उन्हें इन दृष्टिहीनों की दयनीय हालत के बारे में पता चला तो खुद ही अपने वेतन से राशन खरीद लिया। इसमें आटा, दाल, चावल, तेल, मसाले, साबुन आदि के पैकेट बनवाए और शहर के परदेशीपुरा, सुदामा नगर, गांधी नगर, जिंसी इलाके में दृष्टिहीनों के घर तक पहुंच गए।
नायब तहसीलदार यादव कहते हैं कि सरकारी नौकरी में आए ही इसलिए कि लोगों की मदद कर पाएं। शांतिकाल में तो सब काम करते हैं, लेकिन आपातकाल में काम करना तो देश सेवा का अवसर है। वे कहते हैं, कभी न कभी तो मरना ही है, बीस-पच्चीस साल पहले मरें या बाद में क्या फर्क पड़ता है, लेकिन देश को आज हमारी जरूरत है। नगर निगम खाना बांटता है, लेकिन जब हमारे दृष्टिहीन भाई पहुंचते हैं तो कई बार खाना खत्म हो जाता है। वे लाइन में भी पीछे रह जाते हैं। हम दृष्टिहीनों का एक समूह है। जब मुझे उनकी समस्या पता चली तो उनकी मदद के लिए आगे आया।
दरअसल, नायब तहसीलदार यादव को शासकीय सेवा में करीब 4 साल होने जा रहे हैं। वे धार जिले के खाचरौदा गांव के मूल निवासी हैं। वे बताते हैं, मेरे अकेले की मदद कम पड़ेगी, इसलिए कुछ समाजसेवियों से भी संपर्क कर रहा हूं। शहर में कुछ दानदाता हैं जो इन दिव्यांगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। यदि जरूरत पड़ी तो अप्रैल महीने का वेतन भी अपने जैसे दृष्टिहीन भाई-बहनों के लिए खर्च कर दूंगा।

Monday, April 27, 2020

4/27/2020 04:18:00 PM

लड़की देखने आया था परिवार, लॉकडाउन में फंसा तो एक दूसरे के गले में माला डाली और ले लिए सात फेरे

खंडवा। शहर में लाकडॉउन के बीच एक अनोखी शादी हुई, जिसमें ना तो बाराती थे, ना ही बैंड और ना ही शहनाई। इस अनोखी शादी में अगर कुछ था तो तालियों की गड़गड़ाहट और विवाह बंधन में बंधने वाला ये जोड़ा और इनके परिवार वाले।
दरअसल, 25 मार्च को महाराष्ट्र से एक लड़का अपने परिवार वालों के साथ खंडवा में शादी के लिए लड़की पसंद करने आया था। लेकिन उसके बाद ही लॉकडाउन की घोषणा हो गई जिसकी वजह से लड़का व उसके परिवार वाले खंडवा में ही फंस गये। पहले लॉकडाउन 14 अप्रैल तक था लेकिन उसके बाद इसे बढ़ाकर 3 मई कर दिया गया। 25 दिनों से लड़के वालों का परिवार लड़की वालों के घर ही रह रहा था, तो दोनों परिवारों में मेलमिलाप बढ़ गया। इसी बीच दोनों ने एक दूसरे से शादी का निर्णय लिया और परिवारवालों के बीच दोनों नितिन और नेहा ने शादी कर ली।
सोशल मीडिया के माध्यम से दी शादी की सूचना
इस अनोखी शादी में ना कोई बैंड बाजा था और ना कोई बारात, बस दोनों ने एक दूसरे के गले माला डाली और दोनों सात जन्मों के बंधन में बंध गए। शादी की जानकारी परिवार वालों ने अपने रिश्तेदारों को सोशल मीडिया के माध्यम से दी, टिक- टॉक वीडियो के माध्यम से ही शादी का कार्ड बनया और उसी पर शादी के वीडियो भी बनाए। रिश्तेदारों को पता लगने के बाद ही लोगों ने इन्हें बधाई देना शुरु कर दी। लॉकडाउन के बीच इन दोनों ने अपनी शादी को हमेशा के लिए यादगार बना लिया। इतना ही नहीं लॉक डाउन के बीच विवाह बंधन में बंधने वाले इस जोड़े ने बताया कि उन्हें इस बात का कोई मलाल नहीं है कि उनकी शादी अरमानों के साथ नहीं हो सकी।

Sunday, April 26, 2020

4/26/2020 03:55:00 PM

लोकडाउन में महंगी लक्जरी कार की सवारी युवक को पड़ी भारी बीच रोड लगानी पड़ी उठक-बैठक वीडियो वायरल

इंदौर : लॉकडाउन के बीच शनिवार को एक रसूखदार पॉर्शे कंपनी की करीब 85 लाख रुपए की लग्जरी कार लेकर घूमने निकल पड़ा। सुखलिया क्षेत्र में एमआर-10 पर पुलिस ने उसे रोका और नियमों का पाठ पढ़ाया। सबक याद रहे इसलिए कान पकड़कर उठक बैठक भी लगवाई। एमपी 09 सीडब्ल्यू 0001 नंबर की यह कार इंदौर में सांवेर रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित आशा कांफ्रेंसिंग कंपनी के नाम पर रजिस्टर्ड है।
संस्कार का कहना है कि:-
कंपनी के मालिक दीपक दरयानी ने बताया मेरा बेटा संस्कार गाड़ी चला रहा था। उसके पास कर्फ्यू पास और मास्क था, लेकिन वह बिना मास्क पहने गाड़ी चला रहा था। वहीं, संस्कार का कहना है कि मैं खाने के पैकेट में काम करके घर जा रहा था, इस बीच पुलिस ने रोका तो मैंने कार साइड में लगा ली सुरक्षाकर्मियों ने मेरी एक ना सुनी और बदतमीजी पर उतारू हो गए।
वीडियो देखिये:-
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल:-
लॉक डाउन में बापट चौराहे पर फरारी कार चलाने का शौक पूरा करने निकले युवक को पुलिस ने लगवाई दंड बैठक। पोर्शे सवार युवक का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लोग खूब शेयर कर रहे हैं, साथ ही जवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं। क्योंकि जवान ने लॉकडाउन के नियमों का उस युवक से शख्ती से पालन करवाया है। जवान ने उठक-बैठक लगवाने के बाद चेतवानी देते हुए युवक को छोड़ दिया।
सोसल मीडिया पर पुलिस की सराहना:-
भले ही युवक सोशल कॉज के लिये कार में सवार होकर जा रहा था लेकिन कोरोना संकट के दौर में एक मामूली सी गलती भी किसी की भी जान आफत में डाल सकती है लिहाजा पुलिस के इस सबक की सराहना सोशल मीडिया पर जमकर की जा रही है क्योंकि कोरोना महामारी के दौर में आशा कार्यकर्ताओ को ट्रेनिंग देने वाले निगमायुक्त, आशीष सिंह के घर पर जब वो ही कार्यकर्ता कोरोना सर्वे के लिये उनके घर पहुंची तो निगमायुक्त और उनके परिवार ने मास्क पहनकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर बकायदा पूरी जानकारी आम लोगो की ही तरह दी। ऐसे में ये साफ है कोरोना की गाइडलाइन का पालन करना ना सिर्फ आम लोगो के लिए जरूरी है बल्कि खास और रसूखदार लोगो के लिये भी उतना ही जरूरी है।
4/26/2020 03:48:00 PM

मात्र 300 रुपये में पता चल सकेगा कि मरीज कोरोना पॉजिटिव हैं या निगेटिव

इंदौर। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और उसकी जांच आसान व सस्ती बनाने के लिए आशा की एक और किरण नजर आ रही है। देशभर से अब ऐसे मरीजों के चेस्ट एक्सरे एकत्र किए जा रहे हैं जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई हो या निगेटिव। इन एक्सरे से होने वाली स्टडी से पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मरीज को होने वाला निमोनिया कोरोना की वजह बन सकता है या नहीं। यदि यह शोध सफल हुआ तो आज कोरोना की जिस जांच में करीब तीन हजार रुपये का खर्च आता है, वह सिर्फ 300 रुपये आएगा। वहीं, जांच प्रक्रिया और भी आसान व तेज होगी। यह कोशिश शुरू भी हो चुकी है और देशभर से एक लाख एक्सरे में से 20 हजार संग्रहित किए जा चुके हैं। इंदौर के राज्य कर्मचारी बीमा निगम आदर्श चिकित्सालय से भी एक्सरे भेजे जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी अनुमति दी है।
मल्टी-सेंटरिक प्रोजेक्ट 'नोवेल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम टू स्क्रीन कोविड 19 पेशेंट्स फ्रॉम एक्सरे, सीटी स्केन ऑफ थ्रॉक्स एंड वोकल सैंपलिंग थ्रू अराउंड एप्प एंड स्ट्रॉन्ग थ्रू क्लाउड' के तहत यह कार्य किया जा रहा है। इसे क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया ने भी मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट के तहत संबंधित एक्सरे को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम में भेजा जाएगा। वहां सॉफ्टवेयर की मदद से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि कोरोना पॉजिटिव और निगेटिव आने वाले मरीजों के एक्सरे किस तरह दिख रहे हैं। इसके अध्ययन की रिपोर्ट के बाद यह जानकारी आईसीएमआर को भेजी जाएगी। इस प्रयोग के जरिए अनुमान लगाया जा रहा है कि यह आकलन 99 प्रतिशत सही रिपोर्ट देगा। देशभर में किए जा रहे इस प्रयोग के तहत प्रदेश से कर्मचारी राज्य बीमा निगम आदर्श चिकित्सालय में पदस्थ पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ तथा को-इन्वेस्टिगेटर डॉ. राजकुमार सिसोदिया को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक 250 से ज्यादा कोरोना के सस्पेक्टेड केस का अध्ययन कर चुके डॉ. सिसोदिया बताते हैं कि यह प्रोजेक्ट बेंगलुरु, उदयपुर और जोधपुर के मेडिकल कॉलेज के फैकल्टी और आईटी एक्सपर्ट ने बनाया है। इस प्रोजेक्ट के संरक्षक सांसद डॉ. विकास महात्मे हैं।
एक्सरे कराना है ज्यादा सहज:-
डॉ. सिसोदिया के अनुसार पहले एक्सरे और उसकी रिपोर्ट इन्वेस्टिगेटर को भेजी जाएगी। उनके अध्ययन के बाद आईसीएमआर को भेजी जाएगी। यह प्रयोग सफल हुआ तो महज 300 रुपये में एक्सरे कराकर यह पता लगाया जा सकेगा कि मरीज कोरोना पॉजिटिव है या निगेटिव। हमारे देश में एक्सरे करना आसान और कम खर्चीली प्रक्रिया है। इसके साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्र या जहां कोरोना जांच की किट भी नहीं है, वहां भी वक्त पर जांच कराई जा सकेगी। एक्सरे जब सुलभ माध्यम होगा तो उससे रिपोर्ट मिलना भी आसान हो जाएगा और परिणामस्वरूप रिपोर्ट भी जल्दी मिल जाएगी। कम खर्चीला होने से लोग इसे कराने में भी कतराएंगे नहीं।
4/26/2020 06:59:00 AM

नाई ने संक्रमित कपड़े से कर दी कटिंग-शेविंग, एक ही गांव के 6 लोग हुए कोरोना पॉजिटिव

खरगौन। मध्य प्रदेश के खरगौन जिले में शुक्रवार को एक साथ 9 नए कोरोना पॉजिटिव मरीजों के मिलने से लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया। खास बात यह है कि इनमें से 6 लोग एक ही गांव के हैं। आरोप है कि गांव के एक नाई ने संक्रमित कपड़े से कई लोगों की हजामत बनाई थी। इसके बाद कटिंग-शेविंग कराने वाले अधिकांश लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।
ऐसे हुआ खुलासा:-
5 अप्रैल को इंदौर के सैफी होटल में वेटर के रूप में काम करने वाले मनोज कुशवाह के पॉजिटिव पाए जाने के बाद खुलासा हुआ कि उसने संक्रमण के दौरान गांव के ही एक नाई से कटिंग-शेविंग कराई थी। नाई ने संक्रमित कपड़े का उपयोग करते हुए गांव के 8-10 लोगों की हजामत बनाई थी। इन सभी लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट में गांव के छह व्यक्ति संक्रमित पाए गए।
गांव पूरी तरह सील:-
खरगौन के सीएमएचओ दिव्येश वर्मा ने बताया कि रात में एक ही गांव के 6 और सुबह 3 पॉजिटिव केस मिले। बड़गांव के 6 ग्रामीणों के रिपोर्ट पॉजिटिव आए हैं। इसके बाद गांव की सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया गया।
2-3 दिन में तेजी से बढ़े मामले:-
खरगौन में पिछले दो-तीन दिनों में कोरोना पॉजिटिव लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। शुक्रवार को ही जिले में 10 नए मामले सामने आए। शुक्रवार शाम तक खरगौन में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 61 हो गई थी जबकि 6 लोगों की इसके चलते मौत हो चुकी है।