वेश्यावृत्ति से इनकार, कहा- पता ही नहीं किस आरोप में गिरफ्तार किया गया
भोपाल राजधानी में एक ब्यूटी पार्लर से देह व्यापार के आरोप में पकड़ी गईं थाईलैंड की महिलाएं जेनी नाम की एक भारतीय महिला के कहने पर भोपाल आईं थीं। इस महिला से उनका संपर्क चैटिंग एेप ‘लाइन’ के जरिए हुआ था। जेनी भारत में कहां रहती है और क्या करती है, इसके बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। यह जानकारी मुंबई स्थित रॉयल थाई वाणिज्य दूतावास जनरल ने दोनों महिलाओं का काउंसलर एक्सिस दिए जाने के बाद जिला कोर्ट को दी है।साथ ही लड़कियों ने वेश्यावृत्ति से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें पता ही नहीं पुलिस ने किस आरोप में गिरफ्तार किया था।
यह है मामला
20 मई को गांधीनगर स्थित सौंदर्य स्पा में छापामार कार्रवाई करते हुए एक सेक्स रैकेट पकड़ा था, जिसमें दो थाई महिलाएं, एक नागालैंड की युवती समेत भोपाल की 4 लड़कियों को गिरफ्तार किया था। इन सभी पर अनैतिक देह व्यापार अधिनियम 1956 की धारा 3,4,5 के तहत गैरजमानती अपराध दर्ज है। 21 मई से यह महिलाएं भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।
मामला विदेशी नागरिकों से जुड़ा हाेने के कारण केस की प्रतिदिन सुनवाई होगी
दूतावास ने दोनों महिलाओं से जुड़ी कानूनी कार्यवाही के लिए एडवोकेट मनोज श्रीवास्तव को प्रतिनिधि नियुक्त करते हुए बताया है कि महिलाओं के परिजनों को जानकारी भेज दी गई है और परिजनों ने जमानत अर्जी की सहमति भी भेज दी है। दूतावास इस केस में अपनी ओर से कोई दखल नहीं देगा, लेकिन अदालत को जरूरत पड़ने पर सहयोग के लिए तैयार है। विदेशी नागरिकों से जुड़ा मामला होने के कारण भोपाल जिला एवं सत्र न्यायधीश ने यह व्यवस्था दी है कि दोनों पर आरोप तय होने के बाद केस की प्रतिदिन सुनवाई होगी। संवाद और भाषा की समस्या दूर करने के लिए एक अनुवादक नियुक्त किया जाएगा, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुंबई से ही सेवाएं देगा।
फैसले तक महिलाओं को दोबारा वीजा या पासपोर्ट जारी नहीं
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि दोनों की ओर से जमानत अर्जी दायर होती है तो संबंधित कोर्ट यह सुनिश्चित करेगी कि इनके पासपोर्ट कोर्ट द्वारा जब्त कर अपने पास रखे और थाई दूतावास से यह गारंटी हासिल करे कि जब तक फैसला नहीं हो जाता तब तक महिलाओं को दोबारा वीजा या पासपोर्ट जारी नहीं किया जाएगा।
जेल में काउंसलर-युवतियों के बीच हुई बातचीत का ब्योरा
26 जून को मुंबई स्थित रॉयल थाई वाणिज्य दूतावास जनरल के काउंसलर जनरल बन्ना बुनगभिवेट और अनुवादक अजीन्कया धूम्मा ने भोपाल आकर दोनों थाई युवतियों को कानूनी मदद दिलाने के लिए बातचीत की थी। बातचीत का ब्योरा दूतावास की ओर से जिला न्यायालय को भेजा गया है, इसके मुताबिक दोनों महिलाएं स्पाइसजेट के विमान एसजी-88 से 18 मई 2018 को भारत आई थीं। उन्होंने दो दिन दिल्ली के पर्यटन स्थलों की सैर की। इसके बाद एक भारतीय महिला मिस जेनी के बुलावे पर भोपाल आईं थीं। जेनी को वे ‘लाइन’ ऐप के जरिए जानती थीं। 20 मई को जेनी ने ही दोनों को प्रलोभन देकर सौंदर्य स्पा और फैमिली सैलून के संचालक से मिलवाया था।
बताया कि वे न हिंदी जानती हैं और न ही अंग्रेजी
दोनों ने काउंसिल एक्सेस के जरिए बताया है कि सैलून के मालिक ने उन्हें ग्राहकों की मालिश करने के लिए कहा था। इसके बाद वे दोनों ऊपर गईं और ग्राहकों की मालिश करना शुरू कर दिया। दोनों ने पुलिस द्वारा लगाए गए वेश्यावृत्ति के आरोपों से इनकार किया है। दोनों ने उनके पास मालिश के दौरान कंडोम पाए जाने के आरोप से भी इनकार किया। दोनों ने बताया कि वे न हिंदी जानती हैं और न ही अंग्रेजी, इसलिए उन्हें पता ही नहीं था कि भोपाल पुलिस ने उन्हें किस आरोप में गिरफ्तार किया है। उनका कहना कि उन्हें भारतीयों की अंग्रेजी इसलिए समझ नहीं आ रही है, क्योंकि वे काफी जोर से और तेजी से बोलते हैं। उनसे धीरे-धीरे बात की जाए, तो वे अंग्रेजी समझ सकती हैं।
