भोपाल। एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ देश भर में जहां विरोध और हंगामा मचा हुआ है और बीजेपी और कांग्रेस के नेता इस विरोध से बचते नजर आ रहे हैं| इस बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत सीधी जिले में स्थित अजाक थाने में शिकायत की गई है और सीएम के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करने को कहा है| यह शिकायत सीधी जिला की महिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंती कोल की ओर से की गई है| जन आशीर्वाद यात्रा में पथराव मामले में जिला अध्यक्ष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था, जेल से रिहा होते ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने मुख्यमंत्री पर जातिसूचक शब्द कहने और अपमानित करने के आरोप लगाते हुए अजाक थाने में शिकायती आवेदन दिया है| बता दें कि एससी/एसटी एक्ट के अनुसार शिकायत प्राप्त होते ही आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है और कार्रवाई की जाती है, एक्ट को लेकर मचे बवाल के बीच सामने आये इस प्रकरण में भी लोगों का गुस्सा फूट रहा है और लोग अब एक्ट का पालन करने की मांग कर रहे हैं। रिहा होते ही महिला कांग्रेस अध्यक्ष बसंती कोल ने कहा हम एक आदिवासी महिला है और शांतिपूर्ण तरीके से हम लोगों ने सीएम का विरोध जताया| लेकिन CM के इशारे पर हमारे साथ अभद्रता की गई, एवं पुलिस वालों ने हमारे साथ बहुत अभद्र व्यवहार किया| हम चाहती हैं कि शिवराज सिंह के ऊपर एससी एसटी एक्ट कायम हो| क्योंकि ये सब सी एम के इशारे पर हुआ है उनकी मौजूदगी में हुआ है अगर FIR नहीं हुआ तो हम आंदोलन करेंगे|
महिला ने आवेदन में यह कहा-
शिकायती आवेदन में कहा गया है बसंती कॉल महिला कांग्रेस जिला सीधी की अध्यक्ष है जो अनुसूचित जाति जनजाति कोल जाति की एक महिला है। 2 सितंबर को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जन आशीर्वाद यात्रा के अंतर्गत चुरहट आए थे चुरहट नगर की सड़क विगत 2 वर्ष से खराब है जो चलने लायक नहीं है जिला युवक कांग्रेस ने विगत वर्ष सड़क दुरुस्त कराए जाने के लिए आमरण अनशन किया था 1 साल तक सड़क का निर्माण नहीं किया गया जिससे क्षुब्ध होकर चुरहट नगर वासियों ने लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया, विरोध किया गया। महिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री जन आशीर्वाद यात्रा का विरोध व्यक्त करते हुए काले झंडे दिखाए और चूड़ियां भेंट की। मुख्यमंत्री के इशारे पर षड्यंत्रपूर्वक उनके रथ यात्रा मे उपस्थित पुरुष पुलिसकर्मियों तथा सुरक्षाकर्मियों ने मुझे एक आदिवासी कोल जाति की महिला होने के कारण धक्का दिया, छीना झपटी की, मुझे जमीन पर गिरा दिया, जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और घसीटा तथा मुझे व अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस थाना कमर्जी में रखा गया। जहां देर रात तक महिला कार्यकर्ताओं को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया। किंतु अन्य युवको मे कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को जिन्हें मुचलके पर छोड़ा गया था उन्हे पुनः थाना लॉकअप में बंद कर दिया गया। और दूसरे दिन SDM चुरहट को थाना बुलाकर जेल वारंट बनाकर जिला जेल सीधी भेज दिया गया। बसंती कोल ने आवेदन में लिखा है प्रदेश के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री का यह आचरण और कृत्य अनुसूचित जाति की महिलाओं के प्रतिकूल है। जिस से मैं काफी अपमानित हुई हूं। अतः लिखित शिकायत दर्ज करने का अनुरोध है कि कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री, गृह मंत्री सहित मेरे साथ अभद्रता कर अपमानित करने वाले पुरुष पुलिस कर्मियों के विरुद्ध आपराधिक मामला पंजीबद्ध किया जाए एवं मेरे साथ हुए अपमान का न्याय दिया जाए|
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