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Wednesday, January 30, 2019

भारतीय युवक को भारी पड़ा एक ट्वीट, सऊदी अरब की जेल में बिताने होंगे 10 साल

केरल के युवक को एक ट्वीट इतना भारी पड़ गया कि उसे अपनी जिंदगी के 10 साल अब सउदी अरब की जेल में बिताने होंगे. केरल के अलप्पुझा के रहने वाले विष्णु देव राधाकृष्णन (28) को सउदी अरब की एक अदालत ने 10 साल की जेल की सजा सुनाई है. इतना ही नहीं उस पर लगभग 28 लाख 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. युवक पर देशद्रोह का आरोप था. विष्णुदेव के पिता राधाकृष्णन नायर वी 21 साल तक भारतीय वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने सउदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों, विदेश मंत्री और सांसद शशि थरूर से संपर्क कर अपने बेटे को भारत लाने की अपील की है. हालांकि, अभी तक उन्हें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है. सऊदी अरब की पेट्रोलियम कंपनी सऊदी अरामको की सहायक कंपनी नासेर एस अल-हाजरी कॉर्पोरेशन में इंजीनियर के तौर पर काम करने वाले विष्णु को 13 सितंबर, 2018 को पांच साल की सजा सुनाई गई थी. इसके बाद उसे खोबर जेल में रखा गया था. 24 जनवरी, 2019 को उच्च अदालत ने उसकी सजा को बढ़ाकर दोगुना कर दिया.
क्यों हुई विष्णु को सजा.....?
ट्विटर के जरिए विष्णु की लंदन में रहने वाली एक मुस्लिम महिला के साथ बातचीत शुरू हुई. उस महिला ने ट्विटर पर भारतीय संस्कृति और हिंदू देवी-देवताओं पर आलोचनात्मक टिप्पणी की. इसके जवाब में विष्णु ने प्रॉफेट मोहम्मद को लेकर कुछ सवाल पूछे. ये ट्वीट अरामको के सर्वर में रिकॉर्ड हो गए. सर्वर मॉनिटर करने वालों ने ट्वीट के स्क्रीनशॉट लेकर पुलिस को भेज दिए. राधाकृष्णन नायर ने न्यूज 18 से कहा, 'उसकी कंपनी का कहना है कि उसकी गिरफ्तारी से 15-20 दिन पहले ही कंपनी को इस बारे में मालूम था. कंपनी ने उसे आश्वासन दिया था कि उसे वापस केरल भेज दिया जाएगा. उसे कंपनी ने अपनी कस्टडी में रखा था, लेकिन बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. वे लोग उसे एम्बेसी को सौंप सकते थे और उसे इस सजा से बचा सकते थे.' विष्णु के माता-पिता को विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, उसे साइबर क्राइम के तहत देशद्रोह और सोशल मीडिया के जरिए किंगडम के खिलाफ संदेश प्रसारित करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इस बीच विष्णु के पास विकल्प था कि वह खुद को मिली सजा के खिलाफ अपील कर सकता था. लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. विष्णु के पिता ने कहा, 'उसे एक्सपर्ट्स और लीगल एडवाइजर्स ने सुझाव दिया कि वह अपील न करे क्योंकि ऐसे में उसकी सजा और अधिक बढ़ सकती है.' राधाकृष्णन सउदी अरब के मलयाली संगठन वनयुगम से लगातार संपर्क में हैं. उनका पूरा परिवार विष्णु की खैरियत को लेकर चिंतित है.