सिवान (बिहार) कहीं भी आग लगने या लगाने के लिए चिंगारी की जरूरत होती लेकिन क्या हो जब हवा ही चिंगारी बन जाए। ऐसा ही कुछ हो रहा है बिहार के एक गांव में जहां बिना चिंगारी के ही हवाएं आग लगा रही हैं। आलम यह है कि लोग इस घटना बेहद डर गए हैं और घरों को छोड़कर खुले में रहने लगे हैं। जानकारी मिलने पर पहुंचा प्रशासनिक अमला भी इस अजीबो-गरीब घटना से हैरत में पड़ा हुआ है। एक तरफ लोग जहां इसे दैविय प्रकोप मान रहे हैं वहीं अधिकारी इसका कारण खोजना में अब तक असफल रहे हैं। जानकारी के अनुसार घटना बिहार के सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के हरनाटार गांव की है जहां पिछले एक सप्ताह से रहस्यमय तरीके से बिना माचिस या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ के प्रयोग किए बिना ही गांव के विभिन्न जगहों पर आग लगने की घटनाएं हो रही हैं। इस घटना को देखकर गांव के लोग पहले तो अचरज में थे, लेकिन जैसे-जैसे अगलगी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई गांव के लोगों में भय कायम हो गया। पहले तो लोगों ने इसे अंधविश्वास करार देकर बुरी साया का प्रकोप समझ कर पूजा-पाठ कराया, लेकिन जब इससे भी राहत नहीं मिली तो इसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को दी गई।इस तरह की घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने एक टीम का गठन कर तुरंत जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। घटना की जांच को गई टीम भी अगलगी की इस विचित्र घटना को देखकर दंग रह गई। यहां जब एक महिला ने अपने गीले कपड़ों को सुखाने के लिए डाला तो उन गीले कपड़ों में भी आग लग गई और जांच टीम ने भी ये घटना देखी। स्पॉट पर पहुंचने के बाद टीम में शामिल वन विभाग क्षेत्र पदाधिकारी दिलीप कुमार, सिविल सर्जन शिवचंद्र झा, उप समहर्ता भूमि सुधार व कार्यपालक अभियंता सारण नहर प्रमंडल भी अपने आंखों से बिना माचिस जलाए ही आग लगने की घटनाओं को देखा और हैरत में पड़ गए। टीम के जांच के बाद भी अबतक आगलगी की घटनाओं का कारण नहीं पता चल सका है। संभावना व्यक्त की जा रही है कि वातावरण में दूषित हवा या धरती से निकलने वाली नशीली गैस की वजह से ऐसी घटना हो रही है।
भू-गर्भ व पेट्रोलियम विभाग करेगी जांच-
तीन सदस्यीय टीम के जांच के बाद भी जब मामला पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो सका तो जिला प्रशासन ने भू-गर्भ व पेट्रोलियम विभाग को इसकी जांच के लिए पत्र भेजा है और विभाग की टीम के आने के बाद जांच के बाद ही पता चलेगा कि यहां अगलगी की एेसी घटनाएं क्यों हो रही है? फिलहाल जांच कर रही टीम को इस बारे में अबतक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है।
घर छोड़कर लोगों ने खेतों में लिया आसरा-
अगलगी का आलम यह है कि इस गांव के लोग घर छोड़ कर ठंड मौसम में अपना समय काट रहे हैं। गांव में दहशत का माहौल व्याप्त है। ग्रामीणों ने ऐसी घटना की रोकथाम के लिए तांत्रिक से दिखाने से लेकर गांव में अखंड अष्टयाम भी करा चुके हैं।
विगत 17 जनवरी से हो रही घटना-
बता दें कि 17 जनवरी की शाम हरनाटार गांव निवासी शिवप्रसाद के घर में अचानक आग लग गई। लोग अभी आग पर काबू पाते कि पास के चार अन्य घरों में अगलगी की घटनाएं इसी तरह से हुईं। इसके बाद अगले दिन स्थानीय बीडीओ लालबाबू पासवान, विधायक सत्यदेव राम मौके पर पहुंचे और इसे अंधविश्वास करार दिया। इसके बाद अगले दिन पारस यादव के घर में भी यही वाक्या हुआ। इसके बाद रोजाना कभी किसी के खोप में आग लगी, तो किसी के घर के कपड़ों में हालात ऐसे हैं कि इस गांव के लोग भयभीत हैं और सभी एक झुंड में रह रहे हैं।
अग्निशमन गाड़ी की हुई है तैनाती-
बता दें कि इस घटना के बाद जिला प्रशासन ने गांव के लोगों के लिए एक दमकल को 24 घंटे के लिए तैनात कर दिया है। जहां भी आग लगने की सूचना मिल रही है गांव वालों की मदद से तुरंत आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया जा रहा है।
