पटना। बिहारी बाबू यानि फेमस सिने स्टार, बिहार के पटना साहिब से भाजपा सांसद और पार्टी के स्टार प्रचारक शत्रुघन सिन्हा आने वाले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। ऐसा गत दिवस उन्होंने खुद कहा है। दूत की खबर के अनुसार एक टीवी इंटरव्यू में भाजपा को ही अपनी पार्टी बताते हुए उन्होंने कहा- पार्टी के खिलाफ नहीं बोल रहा बल्कि पार्टी को आईना दिखा रहा हूं। लेकिन अगला लोकसभा चुनाव यूपी के वाराणसी से लड़ने के सवाल पर उन्होंने सांकेतिक रूप से कहा- “सिचुएशन चाहे जो भी हो, लोकेशन यही होगा।” भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने पटना में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की ओर इशारा करते हुए उनकी योग्यता पर सवाल उठा दिया। केंद्रीय मंत्री न बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि- ‘मंत्री बनाना प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी की सोच पर सवालिया दाग लगाते हुए कहा- मगर क्या किसी टेलीविजन नायिका को सीधे मानव संसाधन विकास मंत्रालय की जिम्मेवारी देना कहां तक उचित है?’ खबर है कि, सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ने भी यहां मंगलवार को एकबार फिर अपनी पार्टी के खिलाफ बगावती तेवर अपनाते हुए कहा कि भाजपा में पहले लोकशाही थी और अब ‘तानाशाही’ है। पटना में एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में उन्होंने भाजपा को अपनी पार्टी बताते हुए कहा कि उन्होंने कभी पार्टी के खिलाफ नहीं बोला, अब भी पार्टी के खिलाफ नहीं बोल रहे हैं, बल्कि पार्टी को आइना दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा, “सच बोलता रहा हूं और बोलता रहूंगा।” लेकिन उन्होंने भाजपा पर व्यक्तिवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी अब पहले वाली नहीं रही। यही नहीं ‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेता ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि राहुल में बहुत कम समय में जो परिपक्वता आई है, उसे अन्य पार्टी के अध्यक्षों को भी सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं शुरू से ही गांधी परिवार का ‘फैन’ रहा हूं। मैं जवाहरलाल नेहरू से लेकर सोनिया गांधी तक का प्रशंसक रहा हूं और अब राहुल का भी प्रशंसक हूं।” भाजपा में वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को पार्टी में उचित सम्मान न मिलने पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में आज ‘वन मैन शो, टू मैन आर्मी’ चल रही है। इस इंटरव्यू में बिहारी बाबू ने जहां एक तरफ यह स्पष्ट किया कि भाजपा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन यह भी साफ कहा कि वह पार्टी बची ही नहीं। उन्होंने खुद को नेहरू – गांधी परिवार का ही ही नहीं बल्कि सोनियां गांधी व राहुल गांधी का भी प्रशंसक बताया। राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उन्होंने अन्य पार्टियों के अध्यक्षों के लिए सीख लेने का जो संदेश दिया, उसे भाजपाध्यक्ष अमित शाह पर तंज समझा जा सकता है। पीएम मोदी के खिलाफ यानि वाराणसी से चुनाव लड़ने के सवाल पर साफ जवाब न देना, यह संकेत देता है कि वह खुद ऐसा चाहते हैं। ऐसी स्थिति में समझा जा सकता है कि कांग्रेस ऐसा मौका गंवाना नहीं चाहेगी। ऐसी स्थिति में यदि वह कांग्रेस में जाते हैं और मोदी के खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार बनते हैं तो निश्चित ही भाजपा का बड़ा नुकसान होगा, उसी अनुपात में कांग्रेस को फायदा भी। समझा जा सकता है कि कांग्रेस उनको स्टार प्रचारक भी जरूर बनाऐगी।