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Friday, February 1, 2019

खत्म होगा बंदरों का आतंक, हाई कोर्ट ने दी इनकी नसबंदी करने की मंजूरी

नई दिल्ली। में रहने वाले लोगो को अब और अधिक दिनों तक बंदरों के आतंक से परेशान नहीं होना पड़ेगा। बंदरों के आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने भी अपनी सहमति दे दी है। दिल्ली सरकार के वाइल्ड लाइफ विभाग के अफसरों को आदेश दिया गया है कि वे बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए उनका स्टरलाइजेशन करें। यहां बंदरों की संख्या करीब एक लाख बताई गई है, जिसमें से पहले चरण में 25 हजार बंदरों का स्टरलाइजेशन किया जाएगा।
एमसीडी करेगा स्टरलाइजेशन-
साउथ एमसीडी के वेटनरी डिपार्टमेंट के एक अधिकारी के अनुसार दिल्ली में बंदरों के आतंक से लोग खासे परेशान हैं। लेकिन, इन्हें पकड़ कर जंगलों में छोड़ने के अलावा एमसीडी के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। पिछले साल 31 दिसंबर तक करीब 477 बंदरों को साउथ एमसीडी ने पकड़ा था और उन्हें जंगलों में छोड़ दिया था। लेकिन, बंदर कुछ ही दिनों में वापस उसी स्थान पर आ गए हैं। इससे लोगों की परेशानियां दूर नहीं हो सकी। बंदरों के आतंक को स्थायी रूप से हल करने के लिए न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी रेजिडेंट वेलफेयर असोसिएशन ने हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिया है कि बंदरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए उनका स्टरलाइजेशन किया जाए। इस आदेश के बाद दिल्ली सरकार के वाइल्ड लाइफ विभाग ने एमसीडी को स्टरलाइजेशन करने के लिए कहा है।
पहले भी हुआ है इस पर विचार-
अफसरों का कहना है कि वाइल्ड लाइफ एसओएस नामक एक संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दिल्ली में बंदरों की संख्या करीब एक लाख हो सकती है। लेकिन, बंदरों की वास्तविक संख्या जानने के लिए कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है। अनुमान के आधार पर पहले फेज में 25000 बंदरों का स्टरलाइजेशन किया जाएगा, ताकि भविष्य में बंदरों की संख्या में बढ़ोतरी न हो। अफसरों का कहना है कि स्टरलाइजेशन से पहले बंदरों को इंजेक्शन लगा उनकी संख्या को नियंत्रित करने की बात हुई थी। लेकिन, घोड़ों और सफेद पूंछ वाले हिरन को देने वाले वैक्सीन बंदरों को लगाकर उनकी संख्या नियंत्रित करने की बात हो रही थी, उसे वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने मना कर दिया।