नई दिल्ली। अब ऋषिकेश रेलवे स्टेशन केदारनाथ मंदिर की प्रतिकृति के रूप में नजर आएगी। भारतीय रेलवे की बहुप्रतिक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के तहत की जा रही है। इस परियोजना के तहत बनने जा रहे अन्य रेलवे स्टेशनों का डिजाइन भी उत्तराखंड के मंदिरों व पारंपरिक भवनों की निर्माण शैली पर आधारित होगा। हालांकि, अभी सिर्फ ऋषिकेश रेलवे स्टेशन के डिजाइन को ही अंतिम रूप दिया है और इसी वर्ष अप्रैल-मई में इस स्टेशन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
स्टेशन भवन का मुख्य प्रवेश द्वार पूरी तरह केदार नाथ मंदिर की तरह नजर आएगा-
न्यू ऋषिकेश रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य इन दिनों प्रगति पर है। उम्मीद जताई जा रही है कि इसी वर्ष मार्च-अप्रैल में यह स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा। अन्य स्टेशनों के मानचित्र भी उत्तराखंड के प्रसिद्ध मंदिरों और पहाड़ी शैली के भवनों की तरह ही तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि, अभी तक अन्य स्टेशनों के मानचित्रों को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
16216.31 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना-
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना 16216.31 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही है। इस परियोजना में ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 126 किमी लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है। रेल लाइन का सिर्फ 21 किमी हिस्सा ही जमीन की सतह पर होगा। शेष 105 किमी रेल लाइन भूमिगत यानी टनल्स (सुरंगों) से होकर गुजरेगी।


