बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का विधि-विधान से किया गया पूजन अक्षय पुण्य देने वाला होता है। साथ ही यहां गौर करने वाली बात यह भी है कि इस दिन क्या करें और क्या न करें। इस दिन जाने-अंजाने में की गयी कोई गलती आपके जीवन के लिए अनिष्टकारी साबित हो सकती है। इस साल बसंत पंचमी का पर्व 10 फरवरी यानी रविवार को पड़ रहा है। बसंत पंचमी के दिन विद्या दात्री मां सरस्वती का जन्मदिन भी मनाया जाता है। इस लिए इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है।
भूल कर भी न करें ये कार्य
- बसंत पंचमी के दिन बिना स्नान किए भोजन नहीं करना चाहिए।
- इस दिन रंग-बिरंगे कपड़े नहीं पहनने चाहिए। पीले वस्त्रों को ही तरजीह दें।
- बसंत पंचमी के दिन पेड़-पौधे नहीं काटने चाहिए।
- बसंत पंचमी के दिन किसी को अपशब्द बोलने से बचें।
- इस दिन गाली-गलौज व झगड़े से भी बचना चाहिए।
- बसंत पंचमी के दिन मांस-मदिरा के सेवन से दूर रहें
- इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना बेहत जरूरी है।
ये है पूजन विधि
- बसंत पंचमी के दिन सबसे पहले मां सरस्वती की पूजा करने के लिए मां की प्रतिमा रखें।
- कलश स्थापित कर सबसे पहले भगवान गणेश का नाम लेकर पूजन शुरू करें।
- पूजन शुरू करने के लिए सबसे पहले गंगाजल से प्रतिमा का आचमन करें।
- पीले पुष्प मां सरस्वती को अत्यंत प्रिय हैं। इसलिए माता को पीले रंग के फूल अर्पित करें।
- मां सरस्वती को पीले पुष्प की माला और सफेद वस्त्र पहनाएं।
- मां सरस्वती का विधि-विधान से पूरी तरह श्रृंगार करें।
- मां सरस्वती को पीले फल के साथ-साथ बूंदी भी चढ़ाएं।
- मां सरस्वती ज्ञान और वाणी की देवी हैं। पूजा के समय पुस्तकें और फिर वाद्ययंत्रों का भी पूजन करें।
- बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का पूजन व हवन भी बेहत शुभकारी होता है।
