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Thursday, February 7, 2019

पुत्र की जान बचाने कोठे पर बैठ गई मां, हर दिन बेचती रही आबरू रोज लगती थी बोली

दिल्ली। अपने बेटे को दलालों के चंगुल से बचाने के लिए एक मां ने खुद को अंधेरी दुनिया में ढकेल दिया. जिस्‍म के दलालों के बीच फंसी मां ने कई बार अपनी जिंदगी भी खत्‍म करने की कोशिश की लेकिन हर बार अपने बेटे को पाने की उम्‍मीद ने उसे जिंदा रखा. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ऑपरेशन रेड लाइट एरिया के जरिए दलालों के चंगुल से छूटी महिला ने जब अपनी आपबीती सुनाई तो हर किसी के रोंगटे खड़े हो गए. मां की आंखों से निकलते आंसू उसके दर्द को बयां करने के लिए भी काफी नहीं थे.
बताया जाता है कि पश्‍चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले की रहने वाली महिला का अपनी पति से कुछ महीने पहले झगड़ा हो गया था. झगड़े के बाद महिला अपने चार साल के बेटे को लेकर मायके निकल गई थी लेकिन रेलवे स्‍टेशन पर जिस्‍म के दलालों ने उसे अपने चंगुल में फंसा लिया.
उन्‍होंने महिला के साथ सहानभूति दिखाई और उसे अपनी एक महिला साथी के साथ दिल्‍ली की ट्रेन में बैठा दिया. महिला उसे लेकर दिल्‍ली के रेड लाइट एरिया में लेकर आई. यहां पहुंचते ही महिला को सबकुछ समझ में आ गया. महिला ने वहां से भागने की कोशिश की तो दलालों ने उसके बेटे को अपने कब्‍जे में ले लिया और वहां से अपने साथ ले गए.
दलालों ने महिला को बेटे के जरिए ब्‍लैकमेल करना शुरू किया और उससे वो कराया जिसे वो कभी करने के बारे में सोच भी नहीं सकती थी. महिला को आगरा के थाना छत्‍ता में मौजूद एक कोठे में रखा गया. 24 घंटे में उसे एक बार अपने बच्‍चे से वीडियो कॉल के जरिए बात कराई जाती थी. उधर पर घर वाले महिला को ढूंढने में लग चुके थे. महिला को ढूंढने के दौरान परिवार वालों को पता चला कि वह दलालों के चंगुल में फंस चुकी है. परिवार वालों ने महिला को ढूंढने के लिए कोठों के चक्‍कर काटने शुरू किए. इसी बीच नवंबर, 2018 में उसका पता चल गया.
कश्मीरी बाजार रेड लाइट एरिया की गलियों में जब परिवार का एक परिचित उसे ढूंढ रहा था. तभी एक कोठे से झांकती महिला पर उसकी नजर पड़ गई. इसके बाद वह दलाल के जरिए वह कोठे में पहुंचा. इस दौरान दोनों एक-दूसरे से अंजान बने रहे. रिश्‍तेदार ने तुंरत इसकी जानकारी महिला के घरवालों को दे दी. घरवालों ने इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी और महिला को सुरक्षित वहां से बाहर निकाला गया. पुलिस ने उस वॉट्सऐप नंबर को भी ट्रैक किया, जिसके जरिए मां-बेटे की वीडियो कॉल कराई जाती थी. फिर दिल्ली में चार-पांच जगहों पर दबिश देकर बच्चे को बरामद कर लिया गया.