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Tuesday, November 12, 2019

MP के इस गांव में हुई अनोखी शादी, इंसान नहीं जानवरों के विवाह का पांच दिन मना जश्न

सीहोर. जिले की आष्टा तहसील के करमन खेड़ी गांव में एक अनूठे शादी (Unique wedding) समारोह का आयोजन हुआ. गांव के लोगों ने कामधेनु और नंदी की शादी बड़े ही धूमधाम से की. पूरे पांच दिन जश्न मना. इसमें सारे रीत -रिवाज, नाचना-गाना, भव्य बारात और शादी के बाद भोज का आयोजन हिंदू धार्मिक परम्परा के तहत हुआ. शिव मंदिर परिसर में पौराणिक आस्था और विश्वास पर आधारित यह अनूठी शादी ग्रामीणों ने इस मान्यता के अनुसार कराई कि इससे उन्हें बैकुंठ (स्वर्ग) जाने का पुण्य मिलेगा.
साथ- साथ रोटी पानी के लिए जाते थे बछड़ा-बछड़ी:-
घटना के अनुसार, इस गांव में एक बछड़ी और बछड़ा कही से आकर रहने लगे. दोनों में दोस्ती हो गई. दोनों साथ-साथ रहते थे और साथ ही घरों पर रोटी और चारे के लिए भी जाते थे.  गांव के लोगों से इनका आत्मीय रिश्ता बन गया. बस गांव वालों को ऐसा लगा कि अगर इनकी शादी करा दी जाए तो पौराणिक मान्यताओं के अनुसार उन्हें बैकुंठ जाने का पुण्य मिल सकता है. फिर पूरा गांव इस गाय और सांड को कामधेनु और नंदी के रूप में स्वीकार कर इनकी शादी की तैयारियों में जुट गया.
बैंड बाजा और बारात ही नहीं,  स्टेज पर भी बैठाया:-
एक सामान्य परिवार की शादी मे किए जाने सभी रीति-रिवाज और मांगलिक कार्य इस शादी में निभाए गए. गांव में हर रोज 5 दिनों तक बिनोति निकाली (जुलूस) गई. इसमें सैकड़ों महिलाएं और पुरुष बैंड बाजों के साथ शामिल हुए. फिर वर पक्ष की तरफ से बैंड बाजों के साथ नंदी की बारात आई, जिसमें 11 घोड़ी के साथ बाराती शामिल हुए. बैंड बाजे के साथ बाराती नाचते गाते आए और महिलाएं मांगलिक गीत गाते हुए वधू कामधेनु पक्ष के घर पहुंचीं.
बारात का स्वागत हुआ फूलों से, 11 ब्राह्मणों ने विधि-विधान से कराई शादी:-
वधू पक्ष तरफ के लोग बारात का स्वागत करने के लिए आतुर देखे गए. बारातियों का फूलों से स्वागत किया गया और 11 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से शादी संपन्न कराई. इस अनोखी शादी के हजारों लोग साक्षी बने. शादी के बाद पूरे गांव को भोजन कराया गया. कामधेनु और नंदी को स्टेज पर बैठाया गया और रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. अच्छी बात यह रही कि पूरे गांव ने इस शादी में भाग लिया.