भोपाल। यदि आपके पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं और आप इस योजना का लाभ लेने की पात्रता रखते हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. सरकार के द्वारा जारी की गई गाइडलाइन के तहत, अब निजी अस्पतालों को न केवल पात्रता रखने वाले मरीजों का इस योजना के तहत इलाज करना होगा, बल्कि इन मरीजों का आयुष्मान कार्ड भी बनाना होगा. इतना ही नहीं, आयुष्मान योजना के नाम पर मरीजों को तंग करने वाले निजी अस्पताल अब अपनी मनमानी भी नहीं कर पाएंगे.
दरअसल, निजी अस्पतालों की मनमानी को रोकने के लिए सरकार ने नई गाइडलाइन जारी की है. नई गाइडलाइन के तहत, अब निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड धारकों से जांच के नाम पर एडवांस और अप्रूवल के बाद राशि लौटाने में आनाकानी नहीं कर पाएंगे. अस्पताल प्रबंधन अब तय पैकेज का ही शुल्क मरीजों से ले सकेंगे. आयुष्मान भारत निरामय सोसाइटी ने अपने निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया है कि ओपीडी जांच से तीन दिन के भीतर यदि किसी मरीज को भर्ती किया जाता है तो अस्पताल को तब तक ली गई राशि लौटानी होगी.
नए दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया है कि मरीज के पास कार्ड नहीं है और वो योजना की पात्रता के दायरे में आते हैं तो अस्पताल को उसका आयुष्मान कार्ड बनाना होगा. मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज होने से 10 दिन बाद तक आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा. इस समायावधि के दौरान कराई गई किसी तरह की जांच पर भी शुल्क नहीं देना होगा. योजना में ऑपरेशन, दवाएं, डॉक्टर की फीस और फॉलोअप चार्ज को शामिल किया गया है. कोई अस्पताल पैकेज के अलावा शुल्क मांगे तो आयुष्मान मध्यप्रदेश के टोल फ्री नंबर पर शिकायत की जा सकती है.
इस नंबर पर कर सकते हैं अपनी शिकायत:-
आयुष्मान योजना के तहत निर्धारित नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों की शिकायत अब मरीज आसानी से कर सकेंगे. मरीजों की शिकायत सुनने के लिए टोल फ्री नंबर 18002332085 जारी किया गया है. जिस पर मरीज अपने शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इतना ही नहीं, सरकार ने अपनी नई नियमावली में मनमानी करने वाले निजी अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान भी किया है.
